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केजीएमसी में बच्चों को नहीं मिला इलाज
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Sat, 08 Oct 2016 11:53 PM IST
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डॉक्टर
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत उपचार के लिए चिह्नित किए गए बच्चों को केजीएमसी लखनऊ में भी उपचार नहीं दिया गया। स्वास्थ्य टीम 8 बच्चों को लेकर लौट आई।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना के तहत स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार देने के लिए टीमें बनाई गई थी। योजना के तहत टीमों ने 14 सितंबर को 8 बच्चों को चिह्नित किया था। इन बच्चों को पांच अक्तूबर को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना के नोडल अधिकारी डा. जयराम, डा. वरुण सिंह, डा. सौरभ उनके माता पिता को साथ लेकर लखनऊ पहुंचे थे। टीम ने बताया कि अस्पताल में कार्ड बनवाने के बाद केजीएमसी के सीएमएस से मुलाकात की गई। बताया कि इस योजना के लिए अस्पताल में न तो कोई नोडल अधिकारी है और न ही इसके लिए कोई फंड है।
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चिकित्सकों द्वारा सीएमएस से बच्चों का चेकअप कराने और खर्च का इस्टीमेट बनाकर देने की बात कही गई। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न विभागाध्यक्षों के लिए पत्र जारी किया। स्वास्थ्य टीम संबंधित विभागाध्यक्षों से मिली तो उन्होंने 1:30 बजे का समय हो जाने की बात कहकर अगले दिन बच्चों को लेकर आने को कहा। इसके अलावा स्वास्थ्य टीम की कोई बात नहीं सुनी। यहीं नहीं सीएमएस का पत्र दिखाने पर विभागाध्यक्ष नाराजगी व्यक्त करने लगे। केजीएमसी अस्पताल में विभागाध्यक्षों ने बच्चों का उपचार करने से मना कर दिया। चिकित्सीय टीम बच्चों को लेकर वापस लौट आई।
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इन बच्चों का होना था उपचार
अनुराग: जन्म से मोतिया बिंद, श्रीदेवी: कमजोर नजर, अनिकेत: मुडे़ हुए पैर, अनुष्का: चलने व बोलने में असमर्थ, अनुराग: हड्डी का लगातार टूटना, शिवांगी: मोतिया बिंद, कमल: गले में कंठ का विकसित न होना, राही सिंह: गूंगापन।
समय हो जाने से नहीं हुआ उपचार
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना के तहत कुछ बच्चों को लखनऊ के केजीएमसी अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया था। स्वास्थ्य टीम 1 बजे के बाद अस्पताल पहुंची। इस कारण चिकित्सकों ने उन्हें नहीं देखा। बड़ा अस्पताल होने के कारण 2 बजे चिकित्सक उठ जाते है। अब पत्र उनकी ओर से तैयार किया गया है। पत्र लेकर स्वास्थ्य टीम बच्चों के साथ दोबारा लखनऊ भेजी जाएगी।
- डा. उदयभान सिंह, सीएमओ, कन्नौज