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हम क्या बताए आपको जलवा रसूल का..
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Tue, 26 May 2015 12:32 AM IST
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क्षेत्र के गांव सीहपुर स्थित हजरत रोशन शाह रहतुल्लाह अलैह का दो दिवसीय 26वां सालाना उर्स धूमधाम से मनाया गया। उर्स के अंतिम दिन जवाबी कव्वाली का प्रोग्राम देखने लोगों की भीड़ उमड़ी। सोमवार की सुबह कुल शरीफ के साथ उर्स का समापन हो गया।
रविवार की सुबह से ही दरगाह परिसर में अकीदतमंदों की भीड़ जुटनी शुरू हो गयी। परिसर में लगे मेले में मिठाइयों के अलावा बिसातखाना, खिलौने व आइसक्रीम की दुकानें सजी थीं। लोगों ने दरगाह पहुंचकर जियारत की और मेले से खरीददारी की। बच्चों ने खिलौने, मिठाईयां खरीदी और झूलों का आनंद उठाया।
उर्स कमेटी द्वारा बाहर से आने वाले जायरीनों के लिए लंगर का इंतजाम किया गया। इसमें लोगों की पूरे दिन भीड़ जुटी रही। शाम 5 बजे उर्स कमेटी के सदर मैकू खां की अगुवाई में अकीदतमंद गागर-चादर लेकर दरगाह पहुंचे। मजार शरीफ पर चादर चढ़ाई और फातिहा पढ़ी। शाम करीब 7 बजे महफिले समा का आगाज हुआ।
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इसमें कानपुर से आयी कव्वाला सीमा परवीन ने अंधेरा दामन चुरा रहा है, खुदा महबूब को बुला रहा है सुनाकर लोगों की वाहवाही लूटी। कव्वाल आमिर इमरान वारसी ने हम क्या बताए आपको जलवा रसूल का, देखो ये जहां है सदका रसूल का सुनाकर तारीफ बटोरी। इसके बाद मन्कबत मस्तानों के रेले में, दस रोज के मेले में, आज तकदीर संवर जाने दो, मुझे अजमेर में मर जाने दो सुनकर ख्वाजा के दीवाने झूम उठे।
सुबह 4 बजे कुल शरीफ का आयोजन हुआ। इसमें अकीदतमंदों ने दरगाह पहुंचकर फातिहा पढ़ी और मुल्क में अमन-चैन की दुआ मांगी। उर्स के दौरान हिंदू-मुस्लिम एकता उर्स कमेटी के मो. हनीफ, ग्रामप्रधान धर्मेंद्र सिंह पाल, मो. शराफत इदरीशी, चुन्ने खां, हमीद वारसी, ऊधन सिंह, अकील खां सहित कई ओहदेदारान व मेंबरान हजरात मौजूद रहे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीहपुर चौकी प्रभारी राधेश्याम यादव पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
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रविवार की सुबह से ही दरगाह परिसर में अकीदतमंदों की भीड़ जुटनी शुरू हो गयी। परिसर में लगे मेले में मिठाइयों के अलावा बिसातखाना, खिलौने व आइसक्रीम की दुकानें सजी थीं। लोगों ने दरगाह पहुंचकर जियारत की और मेले से खरीददारी की। बच्चों ने खिलौने, मिठाईयां खरीदी और झूलों का आनंद उठाया।
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उर्स कमेटी द्वारा बाहर से आने वाले जायरीनों के लिए लंगर का इंतजाम किया गया। इसमें लोगों की पूरे दिन भीड़ जुटी रही। शाम 5 बजे उर्स कमेटी के सदर मैकू खां की अगुवाई में अकीदतमंद गागर-चादर लेकर दरगाह पहुंचे। मजार शरीफ पर चादर चढ़ाई और फातिहा पढ़ी। शाम करीब 7 बजे महफिले समा का आगाज हुआ।
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इसमें कानपुर से आयी कव्वाला सीमा परवीन ने अंधेरा दामन चुरा रहा है, खुदा महबूब को बुला रहा है सुनाकर लोगों की वाहवाही लूटी। कव्वाल आमिर इमरान वारसी ने हम क्या बताए आपको जलवा रसूल का, देखो ये जहां है सदका रसूल का सुनाकर तारीफ बटोरी। इसके बाद मन्कबत मस्तानों के रेले में, दस रोज के मेले में, आज तकदीर संवर जाने दो, मुझे अजमेर में मर जाने दो सुनकर ख्वाजा के दीवाने झूम उठे।
सुबह 4 बजे कुल शरीफ का आयोजन हुआ। इसमें अकीदतमंदों ने दरगाह पहुंचकर फातिहा पढ़ी और मुल्क में अमन-चैन की दुआ मांगी। उर्स के दौरान हिंदू-मुस्लिम एकता उर्स कमेटी के मो. हनीफ, ग्रामप्रधान धर्मेंद्र सिंह पाल, मो. शराफत इदरीशी, चुन्ने खां, हमीद वारसी, ऊधन सिंह, अकील खां सहित कई ओहदेदारान व मेंबरान हजरात मौजूद रहे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीहपुर चौकी प्रभारी राधेश्याम यादव पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।