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सौ शैय्या अस्पताल की अब 28 कैमरों से होगी निगरानी
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छिबरामऊ। सौ शय्या अस्पताल के सभी वार्डों में संक्रमण रोकने के लिए डिस्पेंसर सेंसर और इमरजेंसी व ओपीडी गेट पर सैनिटाइजर टनल लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा निगराने के लिए 16 और कैमरे लगवा दिए गए हैं। अब 28 कैमरों से निगरानी होगी।
सीएमएस डा. राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों, उनके तीमारदारों, चिकित्सकों व स्टाफ को सुरक्षित रखने के लिए चार सैनिटाइजर टनल मंगाए गए हैं। यह टनल इमरजेंसी व ओपीडी के इंट्री प्वाइंटों पर लगाए जाएंगे। अस्पताल के विभिन्न वार्डों में जाने के लिए मरीजों को रास्ता दिखाने के लिए साइन बोर्ड लगवाए जा रहे हैं। इसके साथ ही चिकित्सक कक्ष, ओपीडी व इमरजेंसी में प्लास्टिक के पर्दे भी लगाए जा रहे हैं। चिकित्सक कक्ष, ओपीडी, इमरजेंसी, वार्डों में डिस्पेंसर सेंसर भी लगाए जा रहे हैं, ताकि चिकित्सक, मरीज व अस्पताल का स्टाफ खुद के हाथों को सैनिटाइज कर सुरक्षित रख सके। सुरक्षा के लिए पांच पीआरडी जवानों की भी मांग की गई है।
शोपीस बन गया इमरजेंसी गेट पर लगा टनल
पूर्व राज्यमंत्री अर्चना पांडेय ने की निधि से सौ शैय्या अस्पताल को सैनिटाइजर टनल दिया था। इस टनल को अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर लगा तो दिया गया लेकिन इसमें सैनिटाइजर की आपूर्ति अस्पताल प्रबंधन नहीं कर सका। यह टनल महज शोपीस बनकर रह गया है। अब अस्पताल में चार नए सैनिटाइजर टनल और लगने जा रहे हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि इन टनलाें में क्या अस्पताल प्रबंधन सैनिटाइजर की आपूर्ति कर सकेगा।
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सीएमएस डा. राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों, उनके तीमारदारों, चिकित्सकों व स्टाफ को सुरक्षित रखने के लिए चार सैनिटाइजर टनल मंगाए गए हैं। यह टनल इमरजेंसी व ओपीडी के इंट्री प्वाइंटों पर लगाए जाएंगे। अस्पताल के विभिन्न वार्डों में जाने के लिए मरीजों को रास्ता दिखाने के लिए साइन बोर्ड लगवाए जा रहे हैं। इसके साथ ही चिकित्सक कक्ष, ओपीडी व इमरजेंसी में प्लास्टिक के पर्दे भी लगाए जा रहे हैं। चिकित्सक कक्ष, ओपीडी, इमरजेंसी, वार्डों में डिस्पेंसर सेंसर भी लगाए जा रहे हैं, ताकि चिकित्सक, मरीज व अस्पताल का स्टाफ खुद के हाथों को सैनिटाइज कर सुरक्षित रख सके। सुरक्षा के लिए पांच पीआरडी जवानों की भी मांग की गई है।
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शोपीस बन गया इमरजेंसी गेट पर लगा टनल
पूर्व राज्यमंत्री अर्चना पांडेय ने की निधि से सौ शैय्या अस्पताल को सैनिटाइजर टनल दिया था। इस टनल को अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर लगा तो दिया गया लेकिन इसमें सैनिटाइजर की आपूर्ति अस्पताल प्रबंधन नहीं कर सका। यह टनल महज शोपीस बनकर रह गया है। अब अस्पताल में चार नए सैनिटाइजर टनल और लगने जा रहे हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि इन टनलाें में क्या अस्पताल प्रबंधन सैनिटाइजर की आपूर्ति कर सकेगा।
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