{"_id":"570408b34f1c1b0e35c813de","slug":"hours-have-been-cut-electricity-to-the-hundreds-village","type":"story","status":"publish","title_hn":"घंटों गुल रही सैकड़ों गांव की बिजली ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घंटों गुल रही सैकड़ों गांव की बिजली
kannauj, uttar pradesh, india
Updated Wed, 06 Apr 2016 12:19 AM IST
विज्ञापन
बिजली संकट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
33/केवी बहवलपुर सब स्टेशन पर पलिया, हाथिन और कसावा फीडर से जुड़े ग्रामीणों को ओवरलोडिंग से निजात दिलाने के लिए क्षमता में वृद्धि कर दी गई, मगर वीसीबी(वैक्युम सर्किट ब्रेकर) मशीनें जर्जर हैं। इस कारण मंगलवार को सैकड़ों गांव की बिजली घंटो गुल रही। सब स्टेशन से जुड़े सैकड़ों ग्रामीणों के धरना प्रदर्शन के बाद पांच एमवीए की जगह 10 एमवीए ट्रांसफार्मर लगाकर क्षमता वृद्धि हाल ही में की गई है।
उम्मीद थी कि इससे ग्रामीण क्षेत्र की बिगड़ी हुई विद्युत आपूर्ती व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी लेकिन वर्षों पुरानी जर्जर वीसीबी मशीनें नहीं बदले जाने के कारण हालत पहले भी बदतर हो गए है। इससे ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है। 11 केवी की एचटी लाइनों के सबसे ज्यादा फाल्ट पलिया, हाथिन व कसावा फीडर पर होते हैं। फाल्ट होते ही वीसीबी मशीन बिजली की ट्रिपिंग नहीं करती है, नतीजन कई जगह तार टूटकर धराशाई हो जाते हैं।
लोकल फाल्ट का जर्क सीधे 220 केवी स्टेशन की मशीनों तक पहुंचता है और फिर वहां से पूरे सब स्टेशन की ही आपूर्ती ठप हो जाती है। इसके कारण विशुनगढ़, खोजीपुर ,कसाबा, हाथिन व पलिया फीडरों से जुड़े सैकड़ों गांव एक साथ अंधेरे में डूब जाते हैं। सोमवार को 11 केवी हाथिन फीडर पर दोपहर में फाल्ट आया और पूरे दिन बिजली गुल रही। मंगलवार को 10:55बजे इसी फीडर पर एचटी लाइन के तार 4 जगह टूट गए।
विज्ञापन
फाल्ट का जर्क 220 केवी स्टेशन तक पहुंचा औ सैकड़ों गांवों की बिजली गुल हो गई। वीसीबी मशीनों में सीटी कम क्षमता की लगी है और सभी की रिले खराब है। एसएसओ अनिल कुमार ने बताया कि कानपुर से आए कर्मचारी मशीनों की मरम्मत कर जाते है जो बाद में फिर खराब हो जाती है। इस बारे में विद्युत विभाग के एक्सइएन आरएन वर्मा ने बताया कि बहवलपुर सब स्टेशन में नई वीसीबी मशीनें लगवाने की व्यवस्था शीघ्र की जाएगी। हाल ही में बने पलिया फीडर के लिए स्वीकृत नई वीसीबी मशीन भी जल्द आ जाएगी।
विज्ञापन
उम्मीद थी कि इससे ग्रामीण क्षेत्र की बिगड़ी हुई विद्युत आपूर्ती व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी लेकिन वर्षों पुरानी जर्जर वीसीबी मशीनें नहीं बदले जाने के कारण हालत पहले भी बदतर हो गए है। इससे ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है। 11 केवी की एचटी लाइनों के सबसे ज्यादा फाल्ट पलिया, हाथिन व कसावा फीडर पर होते हैं। फाल्ट होते ही वीसीबी मशीन बिजली की ट्रिपिंग नहीं करती है, नतीजन कई जगह तार टूटकर धराशाई हो जाते हैं।
विज्ञापन
लोकल फाल्ट का जर्क सीधे 220 केवी स्टेशन की मशीनों तक पहुंचता है और फिर वहां से पूरे सब स्टेशन की ही आपूर्ती ठप हो जाती है। इसके कारण विशुनगढ़, खोजीपुर ,कसाबा, हाथिन व पलिया फीडरों से जुड़े सैकड़ों गांव एक साथ अंधेरे में डूब जाते हैं। सोमवार को 11 केवी हाथिन फीडर पर दोपहर में फाल्ट आया और पूरे दिन बिजली गुल रही। मंगलवार को 10:55बजे इसी फीडर पर एचटी लाइन के तार 4 जगह टूट गए।
विज्ञापन
फाल्ट का जर्क 220 केवी स्टेशन तक पहुंचा औ सैकड़ों गांवों की बिजली गुल हो गई। वीसीबी मशीनों में सीटी कम क्षमता की लगी है और सभी की रिले खराब है। एसएसओ अनिल कुमार ने बताया कि कानपुर से आए कर्मचारी मशीनों की मरम्मत कर जाते है जो बाद में फिर खराब हो जाती है। इस बारे में विद्युत विभाग के एक्सइएन आरएन वर्मा ने बताया कि बहवलपुर सब स्टेशन में नई वीसीबी मशीनें लगवाने की व्यवस्था शीघ्र की जाएगी। हाल ही में बने पलिया फीडर के लिए स्वीकृत नई वीसीबी मशीन भी जल्द आ जाएगी।