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हत्या में पिता-पुत्र, बहू, नाती समेत सात को उम्रकैद
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कन्नौज। अपर जिला जज-पंचम कोर्ट ने दो साल पुराने हत्या के मामले में पिता-तीन पुत्र, बहू, नाती समेत सात को उम्रकैद व 13-13 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट को जुर्माना न देने पर सभी को नौ-नौ माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। एक ही परिवार के सात लोगोें को सजा मिलने पर परिजनाें में चीख-पुकार मच गई।
शासकीय अधिवक्ता संत कुमार ने दुबे ने बताया कि थाना तालग्राम के गढ़िया सकरानी निवासी सत्येंद्र सिंह की पड़ोसी गजेंद्र सिंह से रंजिश चल रही थी। उसने खेत में खरबूजे की खेती करवाई थी। 22 मई 2016 को सत्येंद्र सिंह का भाई राघवेंद्र सिंह सुबह करीब साढ़े सात बजे खेत की रखवाली करने जा रहा था। रास्ते में गजेंद्र सिंह, पुत्र रजनू, संजय उर्फ संजीव, इकबाल बहादुर, बहू कुसुमलता, नाती गोपू व भतीजे अशोक ने रंजिश के चलते उसका रास्ता रोक लिया। पुरानी बातों को लेकर अभद्रता करने लगे। विरोध पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। गांव के लोगों के आने पर तमंचे से फायर कर दिए। इससे लोग डर गए।
शोरगुल सुनकर परिजन दौड़े तो आरोपी जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। घायल राघवेंद्र की अस्पताल जाते समय मौत हो गई। भाई सत्येंद्र सिंह ने सभी आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद सभी आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। सोमवार को अपर जिला जज-पंचम अजय कुमार श्रीवास्तव ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सभी आरोपितों को उम्रकैद व 13-13 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट को जुर्माना न देने पर सभी को नौ-नौ माह की अतिरिक्ति सजा काटनी होगी।
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हत्या की ये थी वजह
शासकीय अधिवक्ता के अनुसार आरोपित गजेंद्र सिंह के बड़े पुत्र विपिन की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इससे उसकी बहू कुसुमलता विधवा हो गई। गजेंद्र सिंह को बाद में पता चला कि मृतक राघवेंद्र सिंह ने उसके पुत्र विपिन की हत्या कर दी थी। हत्या को हादसा बनाया गया था। इससे गजेंद्र सिंह का परिवार राघवेंद्र सिंह से रंजिश मानने लगा था।
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शासकीय अधिवक्ता संत कुमार ने दुबे ने बताया कि थाना तालग्राम के गढ़िया सकरानी निवासी सत्येंद्र सिंह की पड़ोसी गजेंद्र सिंह से रंजिश चल रही थी। उसने खेत में खरबूजे की खेती करवाई थी। 22 मई 2016 को सत्येंद्र सिंह का भाई राघवेंद्र सिंह सुबह करीब साढ़े सात बजे खेत की रखवाली करने जा रहा था। रास्ते में गजेंद्र सिंह, पुत्र रजनू, संजय उर्फ संजीव, इकबाल बहादुर, बहू कुसुमलता, नाती गोपू व भतीजे अशोक ने रंजिश के चलते उसका रास्ता रोक लिया। पुरानी बातों को लेकर अभद्रता करने लगे। विरोध पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। गांव के लोगों के आने पर तमंचे से फायर कर दिए। इससे लोग डर गए।
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शोरगुल सुनकर परिजन दौड़े तो आरोपी जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। घायल राघवेंद्र की अस्पताल जाते समय मौत हो गई। भाई सत्येंद्र सिंह ने सभी आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद सभी आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। सोमवार को अपर जिला जज-पंचम अजय कुमार श्रीवास्तव ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सभी आरोपितों को उम्रकैद व 13-13 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट को जुर्माना न देने पर सभी को नौ-नौ माह की अतिरिक्ति सजा काटनी होगी।
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हत्या की ये थी वजह
शासकीय अधिवक्ता के अनुसार आरोपित गजेंद्र सिंह के बड़े पुत्र विपिन की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इससे उसकी बहू कुसुमलता विधवा हो गई। गजेंद्र सिंह को बाद में पता चला कि मृतक राघवेंद्र सिंह ने उसके पुत्र विपिन की हत्या कर दी थी। हत्या को हादसा बनाया गया था। इससे गजेंद्र सिंह का परिवार राघवेंद्र सिंह से रंजिश मानने लगा था।