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हर रोज गोशाला का निरीक्षण करेगी चिकित्सीय टीम
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कन्नौज। अब चिकित्सीय टीम हर दिन गोशाला का निरीक्षण करेगी। टीम पंजीकृत गोवंशों का परीक्षण कर कार्यालय को रिपोर्ट देगी। गोशाला में हर दिन परीक्षण के पीछे गोवंशों को स्वस्थ रखना है। सर्दी में गोवंशों के बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। इससे यह ऐहतियात बरती जा रही है।
डीएम राकेश कुमार मिश्र ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार सिंह को गोशाला के निरीक्षण के साथ हर दिन गोवंशों की जांच करने के आदेश दिए हैं। इस पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने सभी उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी चिकित्सीय टीम का गठन कर लें। चिकित्सीय टीम अपने इलाके की गोशाला का नियमित निरीक्षण कर गोवंशों का परीक्षण करे। बीमार व स्वस्थ गोवंशों की अलग-अलग रिपोर्ट तैयार की जाए। बीमार गोवंशों का सही ढंग से इलाज किया जाए। इसके अलावा भी गोशाला में कोई अव्यवस्था या दिक्कत हो तो उसका भी रिपोर्ट में जिक्र करें। उन्होंने रिपोर्ट शाम को कार्यालय में उपलब्ध कराने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि इस काम में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। हर रोज रिपोर्ट न देने वाली टीम को चेतावनी दी जाएगी। सुधार न लाने पर विभागीय कार्रवाई होगी।
इन बिंदुओं की भी पड़ताल होगी
-अस्थायी व स्थायी गोशाला में कितने गोवंश संरक्षित हैं।
-गोवंशों के ऊपर झूल डाले गए या नहीं।
-सर्दी से बचाव का इंतजाम है या नहीं।
-गोवंशों को दिए जाने वाले चारे की स्थिति।
-गोवंशों को ताजा पानी मिल रहा या नहीं।
-गोशाला में क्या-क्या दिक्कतें हैं।
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डीएम राकेश कुमार मिश्र ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार सिंह को गोशाला के निरीक्षण के साथ हर दिन गोवंशों की जांच करने के आदेश दिए हैं। इस पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने सभी उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी चिकित्सीय टीम का गठन कर लें। चिकित्सीय टीम अपने इलाके की गोशाला का नियमित निरीक्षण कर गोवंशों का परीक्षण करे। बीमार व स्वस्थ गोवंशों की अलग-अलग रिपोर्ट तैयार की जाए। बीमार गोवंशों का सही ढंग से इलाज किया जाए। इसके अलावा भी गोशाला में कोई अव्यवस्था या दिक्कत हो तो उसका भी रिपोर्ट में जिक्र करें। उन्होंने रिपोर्ट शाम को कार्यालय में उपलब्ध कराने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि इस काम में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। हर रोज रिपोर्ट न देने वाली टीम को चेतावनी दी जाएगी। सुधार न लाने पर विभागीय कार्रवाई होगी।
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इन बिंदुओं की भी पड़ताल होगी
-अस्थायी व स्थायी गोशाला में कितने गोवंश संरक्षित हैं।
-गोवंशों के ऊपर झूल डाले गए या नहीं।
-सर्दी से बचाव का इंतजाम है या नहीं।
-गोवंशों को दिए जाने वाले चारे की स्थिति।
-गोवंशों को ताजा पानी मिल रहा या नहीं।
-गोशाला में क्या-क्या दिक्कतें हैं।