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Kannauj News: गरीबों के इलाज में नहीं दिलचस्पी, आयुष्मान का हाल बेहाल
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कन्नौज। आयुष्मान योजना का लाभ देने में सरकारी अस्पताल फिसड्डी रहे। जिले में सिर्फ 12 हजार 665 मरीजों को योजना का लाभ मिल सका।
23 सिंतबर 2018 को भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू हुई थी। असहाय लोगों में उम्मीद जागी थी कि जटिल बीमारियों का उपचार आसानी हो सकेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। स्वास्थ्य महकमे ने जिले में एक लाख 44 हजार 891 परिवार के छह लाख 43 हजार 98 लोगों को योजना में शामिल कर पांच लाख तक का मुक्त इलाज मिलना था।
चार साल में अभी तक सिर्फ एक लाख 84 हजार 991 लाभार्थियों के कार्ड बनाए जा सके। जबकि कुल 12 हजार 656 मरीजों को ही विभाग लाभ दे सका। हैरानी की बात यह है कि योजना में पंजीकृत सरकारी 14 अस्पतालों में पांच हजार 558 मरीजों का उपचार हुआ। जबकि इससे अधिक निजी 14 अस्पतालों में सात हजार 98 मरीजों का उपचार हुआ। कई सुविधाओं के बाद भी सरकारी अस्पताल गरीबों को उपचार करने में हाफ रहे हैं।
आयुष्मान योजना की प्रगति जानने के लिए वह जल्द समीक्षा करेंगे। लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी योजना में तेजी आएगी।
शुभ्रान्त शुक्ल (जिलाधिकारी)
कार्ड बनाने में नहीं आ सकी तेजी
आयुष्मान कार्ड बनाने की सुविधा सभी ग्राम पंचायतों, ब्लॉक स्तरीय अस्पतालों में की गई है। अधिकांश अस्पतालों में ऑपरेटरों की तैनाती न होने से कार्ड बनाने में तेजी नहीं आ पा रही है। इससे योजना धरातल पर नहीं उतर पा रही।
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23 सिंतबर 2018 को भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू हुई थी। असहाय लोगों में उम्मीद जागी थी कि जटिल बीमारियों का उपचार आसानी हो सकेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। स्वास्थ्य महकमे ने जिले में एक लाख 44 हजार 891 परिवार के छह लाख 43 हजार 98 लोगों को योजना में शामिल कर पांच लाख तक का मुक्त इलाज मिलना था।
चार साल में अभी तक सिर्फ एक लाख 84 हजार 991 लाभार्थियों के कार्ड बनाए जा सके। जबकि कुल 12 हजार 656 मरीजों को ही विभाग लाभ दे सका। हैरानी की बात यह है कि योजना में पंजीकृत सरकारी 14 अस्पतालों में पांच हजार 558 मरीजों का उपचार हुआ। जबकि इससे अधिक निजी 14 अस्पतालों में सात हजार 98 मरीजों का उपचार हुआ। कई सुविधाओं के बाद भी सरकारी अस्पताल गरीबों को उपचार करने में हाफ रहे हैं।
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आयुष्मान योजना की प्रगति जानने के लिए वह जल्द समीक्षा करेंगे। लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी योजना में तेजी आएगी।
शुभ्रान्त शुक्ल (जिलाधिकारी)
कार्ड बनाने में नहीं आ सकी तेजी
आयुष्मान कार्ड बनाने की सुविधा सभी ग्राम पंचायतों, ब्लॉक स्तरीय अस्पतालों में की गई है। अधिकांश अस्पतालों में ऑपरेटरों की तैनाती न होने से कार्ड बनाने में तेजी नहीं आ पा रही है। इससे योजना धरातल पर नहीं उतर पा रही।
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