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Kannauj News: तालाब की जमीन पर बनवाया कूड़ा निस्तारण केंद्र
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छिबरामऊ। विकास खंड के कुंवरपुर बनवारी गांव का राजस्व रिकार्ड न होने का फायदा उठाकर प्रधान ने सालों पुराने तालाब की जमीन पर कूड़ा निस्तारण केंद्र बनवाना शुरू कर दिया। अवैध निर्माण की शिकायत पर लेखपाल की जांच में आठ फिट निर्माण तालाब की जमीन पर होने की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई, लेकिन उसके बाद भी प्रधान ने कूड़ा निस्तारण केंद्र को बनवाकर तैयार करा दिया है।
गांव के बृजेश कुमार ने बताया कि ग्राम समाज में तालाब के लिए जमीन सुरक्षित है। ग्राम प्रधान ने मनमाने तरीके से कूड़ा घर की जमीन बताकर उस पर कूड़ा निस्तारण केंद्र का निर्माण शुरू करा दिया है। तालाब की जमीन पर निर्माण होने से गांव के लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
गांव के पिंटू चौबे, ऋषि पांडेय, रामजी शुक्ला आदि ने उच्चाधिकारियों के संज्ञान में होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मामले की जांच कराकर अवैध निर्माण रुकवाने की मांग की है। इस संबंध में गांव प्रधान का कहना है कि शिकायत के बाद पैमाइश भी कराई गई थी, लेकिन राजस्व रिकार्ड न होने के कारण स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी। प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद ही निर्माण कराया गया था। क्षेत्रीय लेखपाल सुमित कुमार ने बताया कि तालाब के किनारे करीब आठ फिट जमीन पर कूड़ा निस्तारण केंद्र बना है। वहीं, बीडीओ दीपांकर आर्य ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। तालाब की जमीन पर निर्माण नहीं हो सकता है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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गांव के बृजेश कुमार ने बताया कि ग्राम समाज में तालाब के लिए जमीन सुरक्षित है। ग्राम प्रधान ने मनमाने तरीके से कूड़ा घर की जमीन बताकर उस पर कूड़ा निस्तारण केंद्र का निर्माण शुरू करा दिया है। तालाब की जमीन पर निर्माण होने से गांव के लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
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गांव के पिंटू चौबे, ऋषि पांडेय, रामजी शुक्ला आदि ने उच्चाधिकारियों के संज्ञान में होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मामले की जांच कराकर अवैध निर्माण रुकवाने की मांग की है। इस संबंध में गांव प्रधान का कहना है कि शिकायत के बाद पैमाइश भी कराई गई थी, लेकिन राजस्व रिकार्ड न होने के कारण स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी। प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद ही निर्माण कराया गया था। क्षेत्रीय लेखपाल सुमित कुमार ने बताया कि तालाब के किनारे करीब आठ फिट जमीन पर कूड़ा निस्तारण केंद्र बना है। वहीं, बीडीओ दीपांकर आर्य ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। तालाब की जमीन पर निर्माण नहीं हो सकता है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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