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Kannauj News: गंगा का जलस्तर घटा, डेंगू की पुष्टि होने से फैली दहशत
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मानीमऊ/कन्नौज। महादेवी घाट पर गंगा का जलस्तर शनिवार को घटकर 124.790 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में कमी से तटवर्ती गांवों के लोगों को जलभराव की समस्या से राहत जरूर मिली है पर पानी जगह-जगह गड्ढों में जमा होने से नई परेशानियां खड़ी हो गई हैं। स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने से ग्रामीण परेशान हैं। बक्शीपुर्वा और कासिमपुर गांव में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि रात में मच्छरों के कारण सोना मुश्किल हो गया है। कई ग्रामीण बीमार हैं। बाढ़ का पानी उतरने पर ग्रामीण बिखरी गृहस्थी व बर्बाद हुई फसल को बचाने की जद्दोजहद में जुट गए हैं। ऐसे में भले ही बाढ़ के प्रकोप से ग्रामीणों को राहत मिल रही है पर नई समस्याओं ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है।
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फोटो :21: बख्शीपुर्वा निवासी रामदास डेंगू पीड़ित।
दो ग्रामीणों में डेंगू की पुष्टि का दावा
रामदास और विनोद की जांच रिपोर्ट में डेंगू बुखार पॉजिटिव मिला है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से सड़क किनारे कैंप लगाकर दवा वितरित कर दी जाती है। गांव में बीमार लोगों की जांच नहीं की जाती। उनका कहना है कि मौके पर जो लोग पहुंच जाते हैं, उन्हें ही दवा दे दी जाती है। ग्रामीणों ने बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर घर-घर जांच, दवा और मच्छररोधी अभियान चलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बक्शीपुर्वा और कासिमपुर में स्वास्थ्य को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं।
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फोटो:22: बक्शीपुर्वा निवासी जयचंद।
बंदरों के आतंक से खाना बनाना भी मुश्किल
बक्शीपुर्वा में बाढ़ के बाद बंदरों का आतंक भी ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक बंदर अब तक 15 लोगों को काट चुके हैं। लालाराम और जयचंद ने बताया कि बंदरों के डर से खाना बनाते और खाते समय भी दो लोगों को निगरानी के लिए तैनात रहना पड़ता है। ग्रामीणों ने बंदरों को पकड़ने के लिए वन विभाग से कार्रवाई की मांग की है।
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गंदगी और टूटी सड़क से भी परेशानी
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान रोज बस्ती से होकर निकलते हैं लेकिन गांव में फैली गंदगी और जलभराव की सफाई की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं टूटी पड़ी सड़क की मरम्मत नहीं होने से आवागमन में भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने सफाई और सड़क मरम्मत की मांग की है।
गुमटिया गांव में सड़क पर कटान
गुमटिया गांव में जलस्तर कम होने के बाद सड़क पर कटान हो गया है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में खतरा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कटान वाले स्थान की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर भले ही घट रहा हो पर बाढ़ से समस्याएं अभी खत्म नहीं हुई हैं। स्वास्थ्य, सफाई, सड़क, फसल नुकसान और पशुओं की सुरक्षा को लेकर तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत है।
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फोटो :21: बख्शीपुर्वा निवासी रामदास डेंगू पीड़ित।
दो ग्रामीणों में डेंगू की पुष्टि का दावा
रामदास और विनोद की जांच रिपोर्ट में डेंगू बुखार पॉजिटिव मिला है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से सड़क किनारे कैंप लगाकर दवा वितरित कर दी जाती है। गांव में बीमार लोगों की जांच नहीं की जाती। उनका कहना है कि मौके पर जो लोग पहुंच जाते हैं, उन्हें ही दवा दे दी जाती है। ग्रामीणों ने बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर घर-घर जांच, दवा और मच्छररोधी अभियान चलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बक्शीपुर्वा और कासिमपुर में स्वास्थ्य को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं।
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फोटो:22: बक्शीपुर्वा निवासी जयचंद।
बंदरों के आतंक से खाना बनाना भी मुश्किल
बक्शीपुर्वा में बाढ़ के बाद बंदरों का आतंक भी ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक बंदर अब तक 15 लोगों को काट चुके हैं। लालाराम और जयचंद ने बताया कि बंदरों के डर से खाना बनाते और खाते समय भी दो लोगों को निगरानी के लिए तैनात रहना पड़ता है। ग्रामीणों ने बंदरों को पकड़ने के लिए वन विभाग से कार्रवाई की मांग की है।
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गंदगी और टूटी सड़क से भी परेशानी
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान रोज बस्ती से होकर निकलते हैं लेकिन गांव में फैली गंदगी और जलभराव की सफाई की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं टूटी पड़ी सड़क की मरम्मत नहीं होने से आवागमन में भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने सफाई और सड़क मरम्मत की मांग की है।
गुमटिया गांव में सड़क पर कटान
गुमटिया गांव में जलस्तर कम होने के बाद सड़क पर कटान हो गया है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में खतरा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कटान वाले स्थान की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर भले ही घट रहा हो पर बाढ़ से समस्याएं अभी खत्म नहीं हुई हैं। स्वास्थ्य, सफाई, सड़क, फसल नुकसान और पशुओं की सुरक्षा को लेकर तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत है।