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Kannauj News: खतरे के निशान से एक मीटर नीचे गंगा, कासिमपुर में कटान शुरू
Tue, 15 Jul 2025 12:32 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Tue, 15 Jul 2025 12:32 AM IST
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कन्नौज। गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे तटवर्ती गांवों में अलर्ट घोषित कर लोगाें को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के चलते नरौरा बांध से फिर 70 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे गंगा का जलस्तर प्रतिदिन चार सेंटीमीटर के हिसाब से बढ़ रहा है। जिला प्रशासन ने राहत शिविरों में बाढ़ पीड़ितों के लिए इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं।
सोमवार को महादेवी घाट पर गंगा का जलस्तर 123.890 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 124.970 से केवल एक मीटर नीचे रह गया है। इससे तटवर्ती गांव कासिमपुर व बख्शीपुरवा में पानी घुसने लगा है। कासिमपुर में तो जलधारा घुमावदार होने के कारण कटान करने लगी है। पिछले साल से अब तक कासिमपुर गांव के करीब 17 घर गंगा की गोद में समा चुके हैं।
इन गांवों के लोगों को हरदोई रोड पर बने बाढ़ राहत शिविरों में भेजा जा रहा है। वहीं, गंगा में जलस्तर बढ़ने से काली नदी भी उफनाने लगी है। दरअसल महादेवी से घाट से गंगा का पानी काली नदी में लौटने लगता है, जिससे काली नदी का पानी उफनाने लगता है। ऐसे में जुकइया, मेहंदीपुर, गुमटिया, चौराचांदपुर, सलेमपुर ताराबांगर, चौधरियापुर बांगर समेत कई गांवों में खेतों में पानी भर गया है और सब्जी की फसल पानी में डूब गई है। सदर एसडीएम नवनीता राय ने बताया कि गंगा और काली के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे लोगों को बाढ़ राहत शिविरों में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। गंगा के किनारे गांवों में लेखपालों की ड्यूटी भी लगाई गई है।
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सोमवार को महादेवी घाट पर गंगा का जलस्तर 123.890 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 124.970 से केवल एक मीटर नीचे रह गया है। इससे तटवर्ती गांव कासिमपुर व बख्शीपुरवा में पानी घुसने लगा है। कासिमपुर में तो जलधारा घुमावदार होने के कारण कटान करने लगी है। पिछले साल से अब तक कासिमपुर गांव के करीब 17 घर गंगा की गोद में समा चुके हैं।
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इन गांवों के लोगों को हरदोई रोड पर बने बाढ़ राहत शिविरों में भेजा जा रहा है। वहीं, गंगा में जलस्तर बढ़ने से काली नदी भी उफनाने लगी है। दरअसल महादेवी से घाट से गंगा का पानी काली नदी में लौटने लगता है, जिससे काली नदी का पानी उफनाने लगता है। ऐसे में जुकइया, मेहंदीपुर, गुमटिया, चौराचांदपुर, सलेमपुर ताराबांगर, चौधरियापुर बांगर समेत कई गांवों में खेतों में पानी भर गया है और सब्जी की फसल पानी में डूब गई है। सदर एसडीएम नवनीता राय ने बताया कि गंगा और काली के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे लोगों को बाढ़ राहत शिविरों में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। गंगा के किनारे गांवों में लेखपालों की ड्यूटी भी लगाई गई है।
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