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आईना की समीक्षा में चार दरोगा फेल

Tue, 07 Apr 2015 12:18 AM IST
अमर उजाला कन्नाैैज
अमर उजाला कन्नाैैज Updated Tue, 07 Apr 2015 12:18 AM IST
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four Inspector fail in Review meeting
प्रोजेक्ट आईना के तहत आईजी कानपुर जोन आशुतोष पांडेय ने सोमवार शाम तिर्वा कोतवाली में चौपाल लगाकर निस्तारित मामलों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कोतवाली के चार दरोगाओं को निस्तारण में लापरवाही बरतने पर फटकारा। वहीं दो दरोगाओं को सही जवाब देने पर पुरस्कृत किया।
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हत्या के मामले में विवेचना के दौरान लापरवाही बरतने पर कोतवाली के दो पूर्व प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ जांच व निलंबन के निर्देश दिए। वहीं सीओ द्वारा एनसीआर के मामलों की समीक्षा न करने पर उनका स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया।
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सोमवार शाम चार बजे के करीब आईजी का काफिला तिर्वा कोतवाली पहुंचा। यहां उन्हें गारद टीम ने सलामी दी। इसके बाद उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट आईना के तहत कानपुर जोन के 75 थानों व कोतवालियों में समीक्षा का कार्यक्रम चल रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि पुलिस वादी को न्याय दिला पाती है या नहीं।
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इसकी समीक्षा की जाती है। पुलिस की कार्रवाई से फरियादी कितना संतुष्ट है। इसकी समीक्षा फरियादी को सामने बुलाकर पूछताछ के जरिए होती है। उन्होंने स्वीकारा कि 24 घंटे की पुलिसिंग के बाद भी जनता के मध्य पुलिस की छवि अच्छी नहीं है। इसका मूल कारण यह है कि पुलिस जनता के साथ अच्छा बर्ताव नहीं करती है। दर्ज हुए मुकदमों में भी विवेचना के दौरान लापरवाही बरती जाती है। जिस कारण अधिकांश अभियुक्त अदालत से छूट जाते हैं।

समीक्षा के दौरान परसोहा गांव में छह माह पहले हुई एक हत्या के मामले में तिर्वा कोतवाली के दो पूर्व प्रभारी निरीक्षकों ने लापरवाही बरती। हत्या में प्रयुक्त किया गया देशी तमंचा तक नहीं बरामद किया। कोर्ट में आत्मसमर्पण करने वाले आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ नहीं की गई।

इस लापरवाही पर उन्होंने एसपी को निर्देश देकर दोनों प्रभारी निरीक्षकों को निलंबित कर उनके खिलाफ जांच के निर्देश दिए। साथ ही कोतवाली में दर्ज एनसीआर के मामलों की गंभीरता से समीक्षा न करने को लेकर पुलिस क्षेत्राधिकारी का भी स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया।

 इस दौरान आईजी ने कई फरियादियों से खुद पूछताछ की। कई दरोगाओं से भी लंबित विवेचनाओं के बारे में जानकारियां की। कई मामलों में कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल कर दिए जाने के बाद भी विवेचनाधिकारी आरोपित धाराओं के बारे में जानकारी नहीं दे पाए। इस पर चार दरोगाओं को उन्होंने कड़ी फटकार लगाई।

दरोगा राधेश्याम व कालीकृष्ण को सही जवाब देने पर पांच-पांच सौ रुपए का पुरस्कार का ऐलान किया। समीक्षा के बाद आईजी ने लोगों से पुलिस कार्यप्रणाली ठीक करने के लिए सुझाव मांगे। इस दौरान सर्राफा एसोसिएशन के महामंत्री देवेंद्र प्रताप सिंह ने सर्राफा मार्केट में निरंतर पुलिस गश्त किए जाने की मांग रखी।


 बसपा नेता देवानंद तिवारी ने मुख्य चौराहों पर यातायात व्यवस्था को चौकस रखने को कहा। इस दौरान चेयरमैन प्रतिनिधि विनोद कुमार गुप्ता, समाजसेवी रेहान वारिसी, हरदेव सिंह डयूक, रामनरायन बघेल सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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