{"_id":"6abff3890961706d190977dd","slug":"four-accused-acquitted-in-robbery-and-murder-case-kannauj-news-c-214-1-knj1008-157094-2026-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: लूट व हत्या में चार आरोपी बरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: लूट व हत्या में चार आरोपी बरी
विज्ञापन
कन्नौज। 13 साल पुराने चर्चित हत्याकांड में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट की कोर्ट ने शुक्रवार को चार आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने सभी को 25-25 हजार के निजी मुचलके पर रिहा करते हुए आदेश दिया कि छह माह के भीतर अपील होने पर उन्हें न्यायालय में उपस्थित होना होगा।
कोतवाली तिर्वा के कटरा बहसार गांव निवासी रामकुमारी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि नौ नवंबर 2011 की शाम साढ़े छह बजे पति रामेश्वर को गांव के ही गुड्डू वर्मा उर्फ गुड्डू, अनिल कहार उर्फ अनिल कुमार, धर्मदास उर्फ धर्मपाल और थाना ठठिया के कुम्हारनपुर्वा निवासी विक्रम घर से बुलाकर ले गए थे। महिला के अनुसार उस समय रामेश्वर की जेब में टेंपो बिक्री के 60 हजार रुपये थे। काफी देर तक घर न लौटने पर परिवार ने तलाश शुरू की। आरोपियों से पूछने पर उन्होंने गाली-गलौज कर भगा दिया।
अगली सुबह गांव के बाहर तालाब किनारे सिंघाड़े वाली नाव में रामेश्वर का शव पड़ा मिला। मृतक के मुंह, नाक और गर्दन पर छोटी-छोटी खरोंचों के निशान पाए गए थे। परिजनों ने लूट के बाद हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में लूट के दौरान चोट, हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य नहीं जुटा सका।
विज्ञापन
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने माना कि संदेह के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने साक्ष्य के अभाव का लाभ देते हुए गुड्डू वर्मा, अनिल कहार, धर्मदास और विक्रम को 25-25 हजार के निजी मुचलके पर बरी करते हुए आदेश दिया कि छह माह के भीतर अपील होने पर उन्हें न्यायालय में उपस्थित होना होगा।
विज्ञापन
कोतवाली तिर्वा के कटरा बहसार गांव निवासी रामकुमारी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि नौ नवंबर 2011 की शाम साढ़े छह बजे पति रामेश्वर को गांव के ही गुड्डू वर्मा उर्फ गुड्डू, अनिल कहार उर्फ अनिल कुमार, धर्मदास उर्फ धर्मपाल और थाना ठठिया के कुम्हारनपुर्वा निवासी विक्रम घर से बुलाकर ले गए थे। महिला के अनुसार उस समय रामेश्वर की जेब में टेंपो बिक्री के 60 हजार रुपये थे। काफी देर तक घर न लौटने पर परिवार ने तलाश शुरू की। आरोपियों से पूछने पर उन्होंने गाली-गलौज कर भगा दिया।
विज्ञापन
अगली सुबह गांव के बाहर तालाब किनारे सिंघाड़े वाली नाव में रामेश्वर का शव पड़ा मिला। मृतक के मुंह, नाक और गर्दन पर छोटी-छोटी खरोंचों के निशान पाए गए थे। परिजनों ने लूट के बाद हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में लूट के दौरान चोट, हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य नहीं जुटा सका।
विज्ञापन
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने माना कि संदेह के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने साक्ष्य के अभाव का लाभ देते हुए गुड्डू वर्मा, अनिल कहार, धर्मदास और विक्रम को 25-25 हजार के निजी मुचलके पर बरी करते हुए आदेश दिया कि छह माह के भीतर अपील होने पर उन्हें न्यायालय में उपस्थित होना होगा।