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मिड्डे मील के दूध का सैंपल भरेगा फूड विभाग
अमर उजाला ब्यूरो/कन्नौज
Updated Sun, 08 May 2016 12:25 AM IST
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दूध
- फोटो : getty images
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ग्राम प्रधान व प्रधानाध्यापक मिड्डे मील में मिलावटी दूध बच्चों को नहीं परोस सकेंगे। मथुरा में हुई दूध में प्वायजनिंग की घटना को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रिय हो गया है। अब स्कूलों में छापा मार अभियान चलाकर सैंपल भरे जाएंगे। मथुरा में मिड्डे मील के दौरान परोसे गए दूध में जहरीला पदार्थ होने से दो की मौत हो जाने के मामले को जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने गंभीरता से लिया है।
उन्होंने जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वह दूध वितरण दिवस प्रत्येक बुधवार को विद्यालयों में पहुंचकर मिड्डे मील के तहत परोसे जाने वाले दूध का सैंपल भरेंगे। जांच में यदि सैंपल फेल आया तो विद्यालय के प्रधानाध्यापक के अलावा ग्राम प्रधान के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। यहीं नहीं दूध में अत्यधिक पानी की मिलावट मिली तो विद्यालय के प्रधानाध्यापक और ग्राम प्रधान की शिकायत सीधे जिलाधिकारी से की जाएगी।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि कई विद्यालयों के निरीक्षण में पाया गया कि बच्चों को दिए जाने वाले दूध में अधिक मात्रा में पानी की मिलावट कर दी जाती है। इससे बच्चों को शुद्ध दूध नहीं मिल पा रहा है। ग्राम प्रधान व प्रधानाध्यापक बच्चों की संख्या के मुताबिक दूध नहीं मंगाते है। बाद में दूध से भी अधिक मात्रा में पानी मिला दिया जाता है। गर्म करने के बाद बच्चों को वितरण कर दिया जाता है।
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उन्होंने जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वह दूध वितरण दिवस प्रत्येक बुधवार को विद्यालयों में पहुंचकर मिड्डे मील के तहत परोसे जाने वाले दूध का सैंपल भरेंगे। जांच में यदि सैंपल फेल आया तो विद्यालय के प्रधानाध्यापक के अलावा ग्राम प्रधान के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। यहीं नहीं दूध में अत्यधिक पानी की मिलावट मिली तो विद्यालय के प्रधानाध्यापक और ग्राम प्रधान की शिकायत सीधे जिलाधिकारी से की जाएगी।
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मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि कई विद्यालयों के निरीक्षण में पाया गया कि बच्चों को दिए जाने वाले दूध में अधिक मात्रा में पानी की मिलावट कर दी जाती है। इससे बच्चों को शुद्ध दूध नहीं मिल पा रहा है। ग्राम प्रधान व प्रधानाध्यापक बच्चों की संख्या के मुताबिक दूध नहीं मंगाते है। बाद में दूध से भी अधिक मात्रा में पानी मिला दिया जाता है। गर्म करने के बाद बच्चों को वितरण कर दिया जाता है।
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