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Kannauj News: टूलकिट जांच में खामियों की चर्चा, अब डीएम कराएंगे पड़ताल
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कन्नौज। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वितरित की गई इत्र निर्माण टूलकिट अब जांच के घेरे में आ गई है। टूलकिट की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बीच गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को शुक्रवार को सौंप दी है। अब डीएम स्वयं रिपोर्ट का परीक्षण कराएंगे, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत जिले के 250 युवाओं को 10 दिवसीय विशेष इत्र निर्माण प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें इत्र निर्माण से जुड़ी टूलकिट वितरित की गई थीं, लेकिन टूलकिट की गुणवत्ता और उपकरणों की मानक क्षमता को लेकर द अतर एसोसिएशन परफ्यूमर्स ने सवाल उठाते हुए जांच की मांग की थी। एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन त्रिवेदी सहित अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी, राज्यमंत्री असीम अरुण, पूर्व सांसद सुब्रत पाठक और डीएम को शिकायती पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वितरित टूलकिट निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं।मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने जिला विकास अधिकारी नरेंद्र देव द्विवेदी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी महेंद्र प्रताप सिंह और इत्र कारोबारी अभिनय गुप्ता की संयुक्त कमेटी गठित की थी। कमेटी ने आठ टूलकिटों का परीक्षण किया। जांच के दौरान कई टूलकिटों का वजन निर्धारित मानक से कम पाया गया। हालांकि, जांच रिपोर्ट का एक पहलू चर्चा का विषय बना हुआ है। कमेटी ने टूलकिट में शामिल डेगऔर भबक का भौतिक परीक्षण किया, लेकिन फायर चश्मा, ग्लव्स और इत्र निर्माण में इस्तेमाल होने वाले चोंगा की जांच नहीं की गई। ऐसे में जांच की व्यापकता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने बताया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। रिपोर्ट का गहन परीक्षण कराया जाएगा और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन त्रिवेदी का कहना है कि उन्हें अभी तक जांच रिपोर्ट की प्रति नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही वह विस्तृत प्रतिक्रिया देंगे।
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वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत जिले के 250 युवाओं को 10 दिवसीय विशेष इत्र निर्माण प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें इत्र निर्माण से जुड़ी टूलकिट वितरित की गई थीं, लेकिन टूलकिट की गुणवत्ता और उपकरणों की मानक क्षमता को लेकर द अतर एसोसिएशन परफ्यूमर्स ने सवाल उठाते हुए जांच की मांग की थी। एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन त्रिवेदी सहित अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी, राज्यमंत्री असीम अरुण, पूर्व सांसद सुब्रत पाठक और डीएम को शिकायती पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
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शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वितरित टूलकिट निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं।मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने जिला विकास अधिकारी नरेंद्र देव द्विवेदी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी महेंद्र प्रताप सिंह और इत्र कारोबारी अभिनय गुप्ता की संयुक्त कमेटी गठित की थी। कमेटी ने आठ टूलकिटों का परीक्षण किया। जांच के दौरान कई टूलकिटों का वजन निर्धारित मानक से कम पाया गया। हालांकि, जांच रिपोर्ट का एक पहलू चर्चा का विषय बना हुआ है। कमेटी ने टूलकिट में शामिल डेगऔर भबक का भौतिक परीक्षण किया, लेकिन फायर चश्मा, ग्लव्स और इत्र निर्माण में इस्तेमाल होने वाले चोंगा की जांच नहीं की गई। ऐसे में जांच की व्यापकता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने बताया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। रिपोर्ट का गहन परीक्षण कराया जाएगा और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन त्रिवेदी का कहना है कि उन्हें अभी तक जांच रिपोर्ट की प्रति नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही वह विस्तृत प्रतिक्रिया देंगे।
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