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अगेती आलू फसल में बाधा बनी खाद की किल्लत
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फोटो 09- मलिकपुर साधन सहकारी समिति पर हंगामा कर खाद की मांग करते किसान। संवाद
- फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। जनपद में अगेती आलू फसल की तैयारी शुरू कर दी। डीएपी और एनपीके (उवर्रकों) किल्लत बुआई में बाधा बन गई। मंगलवार को मलिकपुर साधन सहकारी समिति और गुरसहायगंज साधन सहकारी समिति पर खाद न मिलने से आक्रोशित किसानों ने हंगामा किया। इसके बाद कृषि विभाग ने किसानों को सात-सात डीएपी की बोरियां पहले चक्र में देने का फैसला लिया है।
जिले की मुख्य फसल आलू है। हर साल 50 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में 13 लाख हजार मीट्रिक टन आलू का उत्पादन होता है। 15 सितंबर से किसानों ने आलू बुवाई शुरू कर दी। ऐसे में खादों की कमी के चलते किसानों की बुआई प्रभावित होने लगी। किसान परशुराम द्विवेदी, विश्वनाथ सिंह, नरेंद्र सिंह, महीपाल सिंह, बदन पाल, मनीराम शर्मा, ज्ञानेंद्र सिंह देव और तालिब खान ने बताया कि जुताई के समय डीपीएप डालनी होती है। खाद न मिलने से जुताई नहीं शुरू की जा सकी। किसान यूनियन लोक शक्ति के जिलाध्यक्ष राजेश ने कहा कि जल्द पर्याप्त खाद न मिली, तो किसान आंदोलन शुरू कर देंगे। जिला कृषि अधिकारी आवेश सिंह ने बताया कि जिले की सभी सहकारी समितियों पर खाद भेजी जा रही है। इन दिनों अगेती आलू के लिए किसानों को डीएपी और एनपीके की जरूरत है। जिन किसानों के पास रकबा अधिक है, उनको दूसरे चक्र में डीएपी फिर दी जाएगी। पिछले साल से अधिक मात्रा में जिले के अंदर भंडारण है।
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उर्वरक के बारे में जरूरी जानकारी
-सितंबर 2021 में 6809 मीट्रिक टन उपलब्धता के सापेक्ष इस बार 12919 मीट्रिक टन उवर्रक है।
-20 सितंबर तक जिले को 4652 मीट्रिक टन इफको, कृभको आदि उवर्रक का आवंटन सहकारिता में हो चुका है।
-845 मीट्रिक टन इफको समितियों तक पहुंचाने को बची है। ढुलाई गति धीमी होने की वजह से रखी है।
-जल्द ही 400 मीट्रिक टन की आरसीएफ एनपीके की रेक कन्नौज को मिलेगी।
-पीपीएफ की एक रेक डीएपी और एनपीके 22 सितंबर को लोड होगी, इसमें 46 फीसदी जिले को मिलेगी।
-निजी क्षेत्र के लिए एक रेक एनएफएल और मोजेक की भी लगेगी, जिसमें कुछ आवंटन ही जिले को मिलेगा।
-जनपद में 52 हजार हेक्टयर क्षेत्रफल में पिछले साल आलू की खेती हुई थी।
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जिले की मुख्य फसल आलू है। हर साल 50 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में 13 लाख हजार मीट्रिक टन आलू का उत्पादन होता है। 15 सितंबर से किसानों ने आलू बुवाई शुरू कर दी। ऐसे में खादों की कमी के चलते किसानों की बुआई प्रभावित होने लगी। किसान परशुराम द्विवेदी, विश्वनाथ सिंह, नरेंद्र सिंह, महीपाल सिंह, बदन पाल, मनीराम शर्मा, ज्ञानेंद्र सिंह देव और तालिब खान ने बताया कि जुताई के समय डीपीएप डालनी होती है। खाद न मिलने से जुताई नहीं शुरू की जा सकी। किसान यूनियन लोक शक्ति के जिलाध्यक्ष राजेश ने कहा कि जल्द पर्याप्त खाद न मिली, तो किसान आंदोलन शुरू कर देंगे। जिला कृषि अधिकारी आवेश सिंह ने बताया कि जिले की सभी सहकारी समितियों पर खाद भेजी जा रही है। इन दिनों अगेती आलू के लिए किसानों को डीएपी और एनपीके की जरूरत है। जिन किसानों के पास रकबा अधिक है, उनको दूसरे चक्र में डीएपी फिर दी जाएगी। पिछले साल से अधिक मात्रा में जिले के अंदर भंडारण है।
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उर्वरक के बारे में जरूरी जानकारी
-सितंबर 2021 में 6809 मीट्रिक टन उपलब्धता के सापेक्ष इस बार 12919 मीट्रिक टन उवर्रक है।
-20 सितंबर तक जिले को 4652 मीट्रिक टन इफको, कृभको आदि उवर्रक का आवंटन सहकारिता में हो चुका है।
-845 मीट्रिक टन इफको समितियों तक पहुंचाने को बची है। ढुलाई गति धीमी होने की वजह से रखी है।
-जल्द ही 400 मीट्रिक टन की आरसीएफ एनपीके की रेक कन्नौज को मिलेगी।
-पीपीएफ की एक रेक डीएपी और एनपीके 22 सितंबर को लोड होगी, इसमें 46 फीसदी जिले को मिलेगी।
-निजी क्षेत्र के लिए एक रेक एनएफएल और मोजेक की भी लगेगी, जिसमें कुछ आवंटन ही जिले को मिलेगा।
-जनपद में 52 हजार हेक्टयर क्षेत्रफल में पिछले साल आलू की खेती हुई थी।