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एफएफडीसी के हुनर से हरियाणा के निशक्त भरेंगे हौसलों की उड़ान
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सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। एफएफडीसी (सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र)के हुनर से अब हरियाणा के निशक्त छात्र अपने दम पर हौसलों की उड़ान भरेंगे। शिक्षा निदेशालय हरियाणा और एफएफडीसी के बीच सुगंधीय कारोबार को लेकर अनुबंध हुआ है। एफएफडीसी के वैज्ञानिक चार जनपदों के 450 निशक्त छात्रों को अगरबत्ती, धूपबत्ती, हवन सामग्री, गुलाब जल और गुलकंद बनाने का प्रशिक्षण देंगे।
हरियाणा राज्य के निशक्त छात्रों को सुगंधीय करोबार से जोड़ने की सरकार ने पहल की है। सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र (एफएफडीसी) से शिक्षा निदेशालय हरियाणा ने अनुबंध किया है। हरियाणा के रोहतक, हिसार, कुरुक्षेत्र और फरीदाबाद में 27 जनवरी से 24 फरवरी तक निशक्त छात्रों को धूपबत्ती, अगरबत्ती, हवन सामग्री, गुलाब जल, परफ्यूमरी और गुलकंद बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शोध कर उत्पादन करना भी सिखाया जाएगा। सरल तरीके से सुगंधीय कारोबार का हुनर सीखकर निशक्त स्वावलंबी बन सकेंगे।
एफएफडीसी के प्रधान निदेशक डॉ. शक्ति विनय शुक्ला ने बताया कि पहले चरण में 450 निशक्तों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद हरियाणा के अन्य जनपदों में भी निशक्त छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए उप निदेशक एपी सिंह बघेल, वैज्ञानिक ज्ञानेंद्र सिंह, राम विलास, सतेंद्र सिंह नेगी और कमलेश कुमार को हरियाणा भेजा जाएगा।
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हरियाणा राज्य के निशक्त छात्रों को सुगंधीय करोबार से जोड़ने की सरकार ने पहल की है। सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र (एफएफडीसी) से शिक्षा निदेशालय हरियाणा ने अनुबंध किया है। हरियाणा के रोहतक, हिसार, कुरुक्षेत्र और फरीदाबाद में 27 जनवरी से 24 फरवरी तक निशक्त छात्रों को धूपबत्ती, अगरबत्ती, हवन सामग्री, गुलाब जल, परफ्यूमरी और गुलकंद बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शोध कर उत्पादन करना भी सिखाया जाएगा। सरल तरीके से सुगंधीय कारोबार का हुनर सीखकर निशक्त स्वावलंबी बन सकेंगे।
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एफएफडीसी के प्रधान निदेशक डॉ. शक्ति विनय शुक्ला ने बताया कि पहले चरण में 450 निशक्तों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद हरियाणा के अन्य जनपदों में भी निशक्त छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए उप निदेशक एपी सिंह बघेल, वैज्ञानिक ज्ञानेंद्र सिंह, राम विलास, सतेंद्र सिंह नेगी और कमलेश कुमार को हरियाणा भेजा जाएगा।
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