{"_id":"580cfd134f1c1bcc75bc1d9f","slug":"embedded-soil-lair-six-drowned","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिट्टी की खोह धंसी, छह दबे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिट्टी की खोह धंसी, छह दबे
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Sun, 23 Oct 2016 11:40 PM IST
विज्ञापन
मिट्टी ले जाता ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
त्योहार पर घर के रंग-रोगन के लिए तालाब में मिट्टी खोदने गए छह लोग खोह धंस जाने से मिट्टी में दब गए। चार घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया है। ठठिया थानाक्षेत्र के गांव बेहटा में रविवार की सुबह एक दर्जन लोग लिपाई-पुताई के लिए फूलमती मंदिर के निकट स्थित तालाब से मिट्टी खोदने गए थे। मिट्टी की खोह में बैठकर रामकली (70) पत्नी मैकूलाल, रीना (15) पुत्री रामआसरे, रचना (10) पुत्री छुन्ना, मधु (16) पुत्री राम विलास, मोहित (6) पुत्र रामआसरे व रीता उर्फ वंदना (15) पुत्री रामलखन मिट्टी की खुदाई कर रहे थे।
विज्ञापन
खोह से कुछ दूरी पर गांव की रामकली पत्नी मानसिंह, राधा(10) पुत्री रामआसरे, प्रांसी (9) व नीतू (6) पुत्री राम विलास, रूबी (7), सीमा (18) व शोभा (3) पुत्रियां छुन्ना, रोहित (4) पुत्र रामआसरे, जूली (10), प्रियंका (5) पुत्री रामपाल, शिवा (5) पुत्र शिवपाल अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। तभी खोह ढहने से लोग छह लोग दब गए। तभी कुछ दूरी पर बैठे लोगों ने शोर मचा दिया और गांव से भीड़ एकत्र हो गई। ग्रामीणों ने मिट्टी में दबे लोगों को बाहर निकाला। रामकली को मामूली चोट आई है। उन्हें स्थानीय प्राइवेट अस्पताल में भेज दिया। वहीं अन्य घायल रीना, रचना, मधु, वंदना को जिला अस्पताल भेजा गया है।
विज्ञापन
रविवार का दिन बन रहा काल
मिट्टी धंसने से हो रहे हादसों के लिए रविवार का दिन काल बन रहा है। पिछले सप्ताह सदर कोतवाली क्षेत्र के कुतलूपुर में टीला धंसने से रेशमा, खुशी, कविता, शेरू की मौत हो गई थी। वहीं कशिश, शीतल व शिवा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसी दिन ठठिया में रुचि की टीला धंसने से मौत हो गई थी। ठीक एक सप्ताह बाद रविवार के दिन ही हादसा हो गया। जिसमें रामकली, रीना, रचना, मधु, मोहित व वंदना मिटटी में दबकर घायल हो गए है।
विज्ञापन
खुदाई में बरती जा रही लापरवाही
त्योहारों पर हो रही मिट्टी खुदाई के प्रति जिला प्रशासन से लेकर तहसील प्रशासन तक गंभीर नहीं है। त्योहार नजदीक आते ही मिट्टी खनन का काम तेज हो जाता है। कहीं पर ज्यादा तो कहीं पर कम पैमाने पर मिट्टी खुदाई हो रही है। गांवों में तालाबों के किनारे मिट्टी की खुदाई भी हादसों का कारण बन रही है। जागरूकता के अभाव में ग्रामीण अपने बच्चों को बिना निगरानी के मिट्टी की खुदाई आदि जैसे जोखिम भरे काम में लगा देते हैं। बच्चे मिट्टी कैसे खोद रहें है कहां से खोदकर ला रहे हैं देखने वाला कोई नहीं है। जिससे हादसे हो रहे हैं। गांव के विपिन कुमार, सूरज, परवेज, अलादीन आदि ने बताया कि ग्राम प्रधान को भी मिट्टी की खुदाई पर नजर रखनी चाहिए। इसके साथ ही तालाबों के किनारे ऐसी बनी खतरनाक खोह को गिरवा देना चाहिए। जिससे हादसों को टाला जा सके।