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Kannauj News: बिजली खपत सप्लाई से दोगुनी, कैसे सुधरेगी
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तिर्वा। बिजली उपकेंद्र को 20 हजार किलोवाट की आपूर्ति हो रही है। वहीं, 49 हजार किलोवाट की खपत दर्ज की जा रही है। यह खपत न केवल उपकेंद्र पर दबाव बढ़ा रही है। लो वोल्टेज और बिजली कटौती जैसी समस्याओं को बढ़ा रही है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार तिर्वा क्षेत्र के 1400 नलकूपों पर 16 हजार किलोवाट बिजली की खपत हो रही है। कस्बे में 18 हजार किलोवाट और ग्रामीण इलाकों में 15 हजार किलोवाट से अधिक की खपत दर्ज की गई है। यानी कुल मिलाकर बिजली की मांग 49 हजार किलोवाट के आसपास पहुंच गई है, जबकि केंद्र पर सप्लाई केवल 20 हजार किलोवाट की है। बिजली विभाग का कहना है कि फसलों की सिंचाई को देखते हुए नलकूपों को प्राथमिकता दी जा रही है।
एसडीओ कुलदीप राजपूत ने बताया कि वर्तमान में बारिश न होने और माइनर, रजवाहों व नदियों के सूखे होने के कारण किसान फसलों की सिंचाई के लिए पूरी तरह बिजली पर निर्भर हो गए हैं। इसलिए नलकूपों की खपत अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है। बढ़ती खपत के बीच सप्लाई की कमी से लो-वोल्टेज की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। इसके कारण नलकूपों के संचालन में रुकावटें आ रही हैं और आम उपभोक्ताओं को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जल्द ही अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने, विद्युत लाइन की क्षमता बढ़ाने और लोड बैलेंसिंग जैसे कदम उठाए जाएंगे। एसडीओ ने आश्वासन दिया है कि कुछ ही दिनों में लो-वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या से लोगों को राहत मिलने लगेगी।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार तिर्वा क्षेत्र के 1400 नलकूपों पर 16 हजार किलोवाट बिजली की खपत हो रही है। कस्बे में 18 हजार किलोवाट और ग्रामीण इलाकों में 15 हजार किलोवाट से अधिक की खपत दर्ज की गई है। यानी कुल मिलाकर बिजली की मांग 49 हजार किलोवाट के आसपास पहुंच गई है, जबकि केंद्र पर सप्लाई केवल 20 हजार किलोवाट की है। बिजली विभाग का कहना है कि फसलों की सिंचाई को देखते हुए नलकूपों को प्राथमिकता दी जा रही है।
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एसडीओ कुलदीप राजपूत ने बताया कि वर्तमान में बारिश न होने और माइनर, रजवाहों व नदियों के सूखे होने के कारण किसान फसलों की सिंचाई के लिए पूरी तरह बिजली पर निर्भर हो गए हैं। इसलिए नलकूपों की खपत अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है। बढ़ती खपत के बीच सप्लाई की कमी से लो-वोल्टेज की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। इसके कारण नलकूपों के संचालन में रुकावटें आ रही हैं और आम उपभोक्ताओं को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जल्द ही अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने, विद्युत लाइन की क्षमता बढ़ाने और लोड बैलेंसिंग जैसे कदम उठाए जाएंगे। एसडीओ ने आश्वासन दिया है कि कुछ ही दिनों में लो-वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या से लोगों को राहत मिलने लगेगी।
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