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जांच के दौरान 62 आवेदन निरस्त
अमर उजाला ब्यूरो/कन्नौज
Updated Sat, 23 Apr 2016 12:04 AM IST
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नाहन में हिंदी इलेक्टिव इंप्रूवमेंट का पेपर 15 मार्च को हुआ था।
- फोटो : डेमो पिक
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जिले में समाजवादी आवासीय अभिनव विद्यालय में कड़े नियमों के चलते 62 आवेदनों को रिजेक्ट कर दिया गया है। सभी रिजेक्ट आवेदनों में किसी छात्राओं को ओवर ऐज बताया गया है। ये सभी आवेदन कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं के हैं, जो कि समाजवादी आवासीय अभिनव विद्यालय में कक्षा नौ में प्रवेश की इच्छुक हैं। दरअसल, प्रदेश सरकार ने जिला मुख्यालय से तीन किलोमीटर की दूरी पर बालिकाओं की मुफ्त शिक्षा के लिए मंडल स्तरीय समाजवादी आवासीय अभिनव विद्यालय की स्थापना कराई है।
डीआईओएस केपी सिंह यादव ने 22 मार्च को वार्डेन मित्रसेनपुर, नसरापुर, अनौगी, तालग्राम, छिबरामऊ को पत्र जारी कर निर्देश दिए थे कि आवासीय अभिनव विद्यालय में 6 से 12 तक सीबीएसई पाठ्यक्रम आधारित कक्षाएं संचालित होंगी। कक्षा 6 व 8 तक की कक्षाओं में पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर व 9 के लिए लिखित परीक्षा होगी। लेकिन, कक्षा नौ में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं का प्रवेश बिना परीक्षा के होगा।
बाद में नियमों में विभाग ने बिना किसी लिखित सूचना के बदलाव कर दिया और कस्तूरबा गांधी की भी लिखित परीक्षा अनिवार्य कर दी। कई दिनों तक छात्राएं आवेदन फार्म के लिए भटकती रही हैं। आवेदन फार्म जमा करने के बाद परीक्षा के एक दिन पहले उनको अधिक उम्र के चलते फार्म रिजेक्ट होने की जानकारी दी गई। छात्राएं व अभिभावक बेबस होकर अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है।
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डीआईओएस ने बताया कि जो भी आवेदन फार्म निरस्त हुए हैं, वे अंडर ऐज व ओवर ऐज के हैं। कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं के लिए विचार किया जाएगा। उच्चाधिकारियों के सामने मामले को रखकर उनकी राय ली जाएगी। उधर, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की वार्डेन रश्मि मिश्रा का कहना है कि कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं को विगत एक माह से चक्कर कटवाए जा रहे हैं। इन छात्राओं के घर बैठने के अलावा इनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।
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डीआईओएस केपी सिंह यादव ने 22 मार्च को वार्डेन मित्रसेनपुर, नसरापुर, अनौगी, तालग्राम, छिबरामऊ को पत्र जारी कर निर्देश दिए थे कि आवासीय अभिनव विद्यालय में 6 से 12 तक सीबीएसई पाठ्यक्रम आधारित कक्षाएं संचालित होंगी। कक्षा 6 व 8 तक की कक्षाओं में पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर व 9 के लिए लिखित परीक्षा होगी। लेकिन, कक्षा नौ में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं का प्रवेश बिना परीक्षा के होगा।
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बाद में नियमों में विभाग ने बिना किसी लिखित सूचना के बदलाव कर दिया और कस्तूरबा गांधी की भी लिखित परीक्षा अनिवार्य कर दी। कई दिनों तक छात्राएं आवेदन फार्म के लिए भटकती रही हैं। आवेदन फार्म जमा करने के बाद परीक्षा के एक दिन पहले उनको अधिक उम्र के चलते फार्म रिजेक्ट होने की जानकारी दी गई। छात्राएं व अभिभावक बेबस होकर अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है।
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डीआईओएस ने बताया कि जो भी आवेदन फार्म निरस्त हुए हैं, वे अंडर ऐज व ओवर ऐज के हैं। कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं के लिए विचार किया जाएगा। उच्चाधिकारियों के सामने मामले को रखकर उनकी राय ली जाएगी। उधर, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की वार्डेन रश्मि मिश्रा का कहना है कि कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं को विगत एक माह से चक्कर कटवाए जा रहे हैं। इन छात्राओं के घर बैठने के अलावा इनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।