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Kannauj News: गुर्रा कर, तो कभी दबे पांव हमलावर हो रहे कुत्ते
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संवाद न्यूज एजेंसी
तालग्राम। सड़कों व गलियों में घूमते कुत्ते लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। एक अनुमान के मुताबिक सीएचसी पर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की संख्या खासी बढ़ गई है। लोगों ने प्रशासन से कुत्तों को पकड़ने की गुहार लगाई है।
मुख्य सड़कों से लेकर मोहल्लों की गलियों में कुत्ते लोगों के लिए आफत बने हैं। सबसे ज्यादा राहगीर, साइकिल सवार, कबाड़ बीनने वाले लोगों के लिए कुत्ते हमलावर बने हैं। सीएचसी आंकड़ों के अनुसार 20 अक्तूबर से 21 नवंबर के बीच 304 लोगों को कुत्तों ने काटा है। सभी को एंटी रैबीज की पहली डोज लगाई गई। सीएचसी पर रोजाना औसतन 20 लोग इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। लोगों का कहना है कि कुत्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इनका बंध्याकरण कराने की सख्त जरूरत है और जल्द पकड़वाया जाएं। लोगों ने बताया कि कई बार स्कूल जाते-आते बच्चों को कुत्ते शिकार बना लेते हैं। इससे बच्चे काफी समय तक दहशत में रहते हैं।
भोजन न मिलने पर भी हो जाते चिड़चिड़े
पशु चिकित्सक डॉ.विकराल सिंह के अनुसार कुत्ते अत्यधिक शोर होने पर डर कर दुबक जाते हैं तो कुछ कुत्ते चिड़चिड़े होकर हमलावर हो जाते हैं। भोजन न मिल पाने पर भी वह चिड़चिड़े होते हैं। आपस में भी लड़ते हैं और राह चलते लोगों पर हमला कर देते हैं। उन्होंने बताया कि नुकीले दांत दिखाएं और एक स्थान को पैर से रगड़ते हुए भौंकने लगे। इस दौरान व्यक्ति को कुत्ते की आंख के संपर्क से बचना चाहिए।
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कुत्ता काटने पर करें बचाव
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. इरशाद सिद्दीकी ने बताया कि कुत्तों के काटने से अगर खून बहाव हो तो रोके और घाव वाली जगह को पानी से धोकर एंटीबायोटिक क्रीम लगाएं। इसके बाद नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र व डॉक्टर को दिखाएं। 24 घंटे के अंदर एंटी रैबीज इंजेक्शन (एआरवी) लगवा लेने चाहिए।
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तालग्राम। सड़कों व गलियों में घूमते कुत्ते लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। एक अनुमान के मुताबिक सीएचसी पर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की संख्या खासी बढ़ गई है। लोगों ने प्रशासन से कुत्तों को पकड़ने की गुहार लगाई है।
मुख्य सड़कों से लेकर मोहल्लों की गलियों में कुत्ते लोगों के लिए आफत बने हैं। सबसे ज्यादा राहगीर, साइकिल सवार, कबाड़ बीनने वाले लोगों के लिए कुत्ते हमलावर बने हैं। सीएचसी आंकड़ों के अनुसार 20 अक्तूबर से 21 नवंबर के बीच 304 लोगों को कुत्तों ने काटा है। सभी को एंटी रैबीज की पहली डोज लगाई गई। सीएचसी पर रोजाना औसतन 20 लोग इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। लोगों का कहना है कि कुत्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इनका बंध्याकरण कराने की सख्त जरूरत है और जल्द पकड़वाया जाएं। लोगों ने बताया कि कई बार स्कूल जाते-आते बच्चों को कुत्ते शिकार बना लेते हैं। इससे बच्चे काफी समय तक दहशत में रहते हैं।
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भोजन न मिलने पर भी हो जाते चिड़चिड़े
पशु चिकित्सक डॉ.विकराल सिंह के अनुसार कुत्ते अत्यधिक शोर होने पर डर कर दुबक जाते हैं तो कुछ कुत्ते चिड़चिड़े होकर हमलावर हो जाते हैं। भोजन न मिल पाने पर भी वह चिड़चिड़े होते हैं। आपस में भी लड़ते हैं और राह चलते लोगों पर हमला कर देते हैं। उन्होंने बताया कि नुकीले दांत दिखाएं और एक स्थान को पैर से रगड़ते हुए भौंकने लगे। इस दौरान व्यक्ति को कुत्ते की आंख के संपर्क से बचना चाहिए।
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कुत्ता काटने पर करें बचाव
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. इरशाद सिद्दीकी ने बताया कि कुत्तों के काटने से अगर खून बहाव हो तो रोके और घाव वाली जगह को पानी से धोकर एंटीबायोटिक क्रीम लगाएं। इसके बाद नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र व डॉक्टर को दिखाएं। 24 घंटे के अंदर एंटी रैबीज इंजेक्शन (एआरवी) लगवा लेने चाहिए।