{"_id":"86200d46bc843b78150f99677199338f","slug":"do-not-start-building-the-bridge-rural-upset-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुल निर्माण शुरू न होने से ग्रामीण खफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुल निर्माण शुरू न होने से ग्रामीण खफा
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Wed, 18 Nov 2015 12:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया-कन्नौज हाईवे पर उमर्दा नहर पर पुल निर्माण ठप
विज्ञापन
पड़ा है। बीते दिनों सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक ने एक सप्ताह के अंदर
काम शुरू होने की बात कही थी, पर अभी काम शुरू नहीं हो सका है। ग्रामीणों
ने नाराजगी जताते हुए डीएम से मामले में दखल देकर समस्या का समाधान कराने
की मांग की है।
उमर्दा के सर्वेश यादव, राजेश यादव ने कहा कि पुल निर्माण बनकर तैयार होने की समय सीमा बीतने के बाद भी अधूरा पड़ा है। नहर में पानी का बहाव काफी कम हो गया है। इसके बावजूद काम शुरू नहीं कराया गया है। ग्रामीण भगवत दयाल निवासी गसीमपुर, सेवकराम यादव निवासी निकारीपुर, सुरेंद्र यादव, गजेंद्र यादव का कहना है कि सेतु निगम के अभियंता लापरवाही बरत रहे हैं, इसलिए दो महीने से पुल निर्माण ठप पड़ा है।
जल्द ही सेतु निगम के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई न हुई तो वे लोग धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। जितेंद्र निवासी चटरुआपुर, गोविंद चौहान निवासी उमर्दा, अशोक श्रीवास्तव, सर्वेश बाथम का कहना है कि अभी तक सेतु निगम पानी न होने का बहाना बता रहा था।
अब सेतु निगम की लापरवाही की पोल खुल गई है, क्योंकि पानी उनकी मांग से ज्यादा कम हो गया है , पर काम चालू नहीं कराया है। पुल न बनने से हजारों लोगों को आवागमन में समस्या हो रही है। उधर, सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक गेंदालाल का कहना है कि प्रयास जारी हैं। जल्द पुल बनने लगेगा।
वहीं सुरजीत यादव का कहना है कि टूटे पुल के स्थान पर नया पुल बनने में हो रही देरी से जनता परेशान है। समस्या से कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह को अवगत करा दिया गया है। सांसद डिंपल यादव के प्रयास से पुल बनाने को पूरा बजट एक साथ आवंटित होने के बावजूद अफसर लापरवाही बरत रहे हैं।
शिक्षा राज्यमंत्री के प्रतिनिधि अनिल पाल का कहना है कि विभागीय अफसरों की लापरवाही से पुल निर्माण बंद पड़ा है। जल्द ही इस समस्या को लेकर डीएम व सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक से वार्ता करेंगे।
उमर्दा के सर्वेश यादव, राजेश यादव ने कहा कि पुल निर्माण बनकर तैयार होने की समय सीमा बीतने के बाद भी अधूरा पड़ा है। नहर में पानी का बहाव काफी कम हो गया है। इसके बावजूद काम शुरू नहीं कराया गया है। ग्रामीण भगवत दयाल निवासी गसीमपुर, सेवकराम यादव निवासी निकारीपुर, सुरेंद्र यादव, गजेंद्र यादव का कहना है कि सेतु निगम के अभियंता लापरवाही बरत रहे हैं, इसलिए दो महीने से पुल निर्माण ठप पड़ा है।
जल्द ही सेतु निगम के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई न हुई तो वे लोग धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। जितेंद्र निवासी चटरुआपुर, गोविंद चौहान निवासी उमर्दा, अशोक श्रीवास्तव, सर्वेश बाथम का कहना है कि अभी तक सेतु निगम पानी न होने का बहाना बता रहा था।
अब सेतु निगम की लापरवाही की पोल खुल गई है, क्योंकि पानी उनकी मांग से ज्यादा कम हो गया है , पर काम चालू नहीं कराया है। पुल न बनने से हजारों लोगों को आवागमन में समस्या हो रही है। उधर, सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक गेंदालाल का कहना है कि प्रयास जारी हैं। जल्द पुल बनने लगेगा।
वहीं सुरजीत यादव का कहना है कि टूटे पुल के स्थान पर नया पुल बनने में हो रही देरी से जनता परेशान है। समस्या से कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह को अवगत करा दिया गया है। सांसद डिंपल यादव के प्रयास से पुल बनाने को पूरा बजट एक साथ आवंटित होने के बावजूद अफसर लापरवाही बरत रहे हैं।
शिक्षा राज्यमंत्री के प्रतिनिधि अनिल पाल का कहना है कि विभागीय अफसरों की लापरवाही से पुल निर्माण बंद पड़ा है। जल्द ही इस समस्या को लेकर डीएम व सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक से वार्ता करेंगे।