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डेंगू का कहर जारी, 10 मरीज मिले
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जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित बच्चों को उपचार देते डॉ. मोहित शंकर।
- फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। जिले में डेंगू का कहर जारी है। जिला अस्पताल में शुक्रवार को जांच में 10 लोग डेंगू पॉजिटिव निकले। जिला अस्पताल में 35 मरीजों की डेंगू जांच की गई थी। इनमें 10 मरीज पॉजिटिव निकले। वहीं इलाके के गांव मढ़हरपुर में बुखार और डेंगू की चपेट में कई बच्चे आ चुके हैं। यहां पहले से ही कई डेंगू की चपेट में हैं। स्वास्थ्य टीम गांव में कैंप कर चुकी है। इसके बाद भी मरीजों की संख्या में कमी नहीं हो रही है।
अब तक करीब 50 लोग रोग की चपेट में आ चुके हैं। बुखार से पांच से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में अब तक एक भी मौत बुखार से नहीं हुई है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में 35 मरीजों की डेंगू जांच की गई। इस दौरान 10 डेंगू से प्रभावित निकले। इनमें क्षेत्र के गांव नाहरघाटी, जलालपुर सरवन, वलेवट बिल्हौर, अर्जुनपुर्वा, जसौली में दो लोग, मियांगंज, सरायमीरा, शेखाना, हौदापुवा में मरीज डेंगू की चपेट में आए हैं। डेंगू पर नियंत्रण पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। यह काबू नहीं हो रहा है। एक के बाद एक गांव चपेट में आ रहे हैं।
अभी तक सारोंतोप, दाईपुर, काजीपुरा टीला, मकरंदनगर समेत कई गांवों में डेंगू के मरीज मिले हैं। इन गांवों में स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाकर उपचार दिया। इसके बाद भी यहां डेंगू का कहर जारी है। सरकारी व्यवस्था से ऊब चुके मरीज अब निजी चिकित्सा का सहारा ले रहे हैं। जिला अस्पताल में 12 से अधिक डेंगू मरीज उपचार ले रहे हैं। उपचार के बाद स्वास्थ्य में सुधार आ रहा है। डेंगू के साथ ही वायरल फीवर का प्रकोप भी चरम पर है। जिले के अधिकतर गांवों में बुखार का प्रकोप जारी है। बीमार लोग निजी चिकित्सक से उपचार कराने के लिए मजबूर हैं।
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मढ़हरपुर में डेंगू, बुखार का प्रकोप
मानीमऊ। इलाके के गांव मढ़हरपुर में कई लोग वायरल फीवर की चपेट में हैं। उपचार लेने के बाद भी लाभ नहीं हो रहा है। गांव के रहीम, निशा बनो, आकिब, नसीम, नगमा बनो, फईम, रेशमा, झल्लू, मोसमीन, सुलेमान, इकरा बानो, नौशाद, बेबी, गजाला बानो, मन्नी बानो, आदिल खान, बदरुद्दीन, मुजीब का परिवार, अरमान खान, नूरा का परिवार, डेंगू व बुखार की चपेट में है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सफाई के नाम पर कुछ भी नहीं किया गया है। गांव में जगह-जगह पानी भरा है। गंदगी से गली व घरों के आसपास कूड़ा लगा है। इससे बुखार के रोगी लगातार बढ़ रहे हैं। (संवाद)
पैरामेडिकल स्टाफ की कमी, कैसे लगें कैंप
कन्नौज। डेंगू समेत वायरल फीवर का प्रकोप जारी है। ज्यादातर गांवों में लोग बीमार हैं। सभी गांवों में स्वास्थ्य टीम को भेजकर कैंप लगवाया जाए, इसके लिए टीम कम पड़ रही हैं। इससे उन गांवों को प्रमुखता दी जा रही, जहां अधिक लोग बुखार या डेंगू का चपेट में आ रहे हैं। सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह जानकारी पर कैंप लगाकर उपचार दें। साथ ही डेंगू व मलेरिया की भी जांच कराएं। (संवाद)
गंभीर हुआ बालक, नहीं लग सका वीगो
कन्नौज। जिला अस्पताल में दो दिन से बीमार बच्चे को परिजन जिला अस्पताल लेकर गए। हालत गंभीर देख बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहित शंकर व फिजीशियन डॉ. सहदेव सिंह ने बच्चे को उपचार देने के लिए वीगो लगाने का प्रयास किया। नस कमजोर होने से वीगो नहीं लग सका। इसके बाद बच्चे को कानपुर रेफर कर दिया गया। वहीं गांव वलारपुर निवासी अभिराज (5) पुत्र राजेश कुमार दो दिन से बीमार है। स्थानीय स्तर पर उपचार लिया। फायदा नहीं हुआ। शुक्रवार को बच्चे की हालत अधिक खराब हुई तो परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। (संवाद)
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अब तक करीब 50 लोग रोग की चपेट में आ चुके हैं। बुखार से पांच से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में अब तक एक भी मौत बुखार से नहीं हुई है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में 35 मरीजों की डेंगू जांच की गई। इस दौरान 10 डेंगू से प्रभावित निकले। इनमें क्षेत्र के गांव नाहरघाटी, जलालपुर सरवन, वलेवट बिल्हौर, अर्जुनपुर्वा, जसौली में दो लोग, मियांगंज, सरायमीरा, शेखाना, हौदापुवा में मरीज डेंगू की चपेट में आए हैं। डेंगू पर नियंत्रण पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। यह काबू नहीं हो रहा है। एक के बाद एक गांव चपेट में आ रहे हैं।
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अभी तक सारोंतोप, दाईपुर, काजीपुरा टीला, मकरंदनगर समेत कई गांवों में डेंगू के मरीज मिले हैं। इन गांवों में स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाकर उपचार दिया। इसके बाद भी यहां डेंगू का कहर जारी है। सरकारी व्यवस्था से ऊब चुके मरीज अब निजी चिकित्सा का सहारा ले रहे हैं। जिला अस्पताल में 12 से अधिक डेंगू मरीज उपचार ले रहे हैं। उपचार के बाद स्वास्थ्य में सुधार आ रहा है। डेंगू के साथ ही वायरल फीवर का प्रकोप भी चरम पर है। जिले के अधिकतर गांवों में बुखार का प्रकोप जारी है। बीमार लोग निजी चिकित्सक से उपचार कराने के लिए मजबूर हैं।
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मढ़हरपुर में डेंगू, बुखार का प्रकोप
मानीमऊ। इलाके के गांव मढ़हरपुर में कई लोग वायरल फीवर की चपेट में हैं। उपचार लेने के बाद भी लाभ नहीं हो रहा है। गांव के रहीम, निशा बनो, आकिब, नसीम, नगमा बनो, फईम, रेशमा, झल्लू, मोसमीन, सुलेमान, इकरा बानो, नौशाद, बेबी, गजाला बानो, मन्नी बानो, आदिल खान, बदरुद्दीन, मुजीब का परिवार, अरमान खान, नूरा का परिवार, डेंगू व बुखार की चपेट में है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सफाई के नाम पर कुछ भी नहीं किया गया है। गांव में जगह-जगह पानी भरा है। गंदगी से गली व घरों के आसपास कूड़ा लगा है। इससे बुखार के रोगी लगातार बढ़ रहे हैं। (संवाद)
पैरामेडिकल स्टाफ की कमी, कैसे लगें कैंप
कन्नौज। डेंगू समेत वायरल फीवर का प्रकोप जारी है। ज्यादातर गांवों में लोग बीमार हैं। सभी गांवों में स्वास्थ्य टीम को भेजकर कैंप लगवाया जाए, इसके लिए टीम कम पड़ रही हैं। इससे उन गांवों को प्रमुखता दी जा रही, जहां अधिक लोग बुखार या डेंगू का चपेट में आ रहे हैं। सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह जानकारी पर कैंप लगाकर उपचार दें। साथ ही डेंगू व मलेरिया की भी जांच कराएं। (संवाद)
गंभीर हुआ बालक, नहीं लग सका वीगो
कन्नौज। जिला अस्पताल में दो दिन से बीमार बच्चे को परिजन जिला अस्पताल लेकर गए। हालत गंभीर देख बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहित शंकर व फिजीशियन डॉ. सहदेव सिंह ने बच्चे को उपचार देने के लिए वीगो लगाने का प्रयास किया। नस कमजोर होने से वीगो नहीं लग सका। इसके बाद बच्चे को कानपुर रेफर कर दिया गया। वहीं गांव वलारपुर निवासी अभिराज (5) पुत्र राजेश कुमार दो दिन से बीमार है। स्थानीय स्तर पर उपचार लिया। फायदा नहीं हुआ। शुक्रवार को बच्चे की हालत अधिक खराब हुई तो परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। (संवाद)