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दीप, मयूर नृत्य ने सभी को लुभाया
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Fri, 27 Nov 2015 11:58 PM IST
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मां नव दुर्गा समिति की ओर से नगर के शांति निकेतन
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विद्यापीठ जूनियर हाईस्कूल में कराई गई वृंदावन धाम की रासलीला के अंतिम
दिन कृष्ण-रुक्मणी विवाह के साथ संपन्न हो गई। इस दौरान दीप नृत्य व मयूर
नृत्य ने सभी का मनमोह लिया।
रुक्मणी के कन्यादान को लेकर मंच पर महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हपछले 12 दिन से नगर में चल रही रासलीला को देखने के लिए लोगों की खासतौर से महिलाओं की काफी भीड़ कार्यक्रम स्थल पर उमड़ रही थी। लीला के अंतिम दिन वृंदावन धाम के कलाकारों द्वारा र्रुक्मणी-कृष्ण के विवाह की लीला का मनमोहक ढंग से प्रस्तुतीकरण किया गया।
कलाकारों के प्रदर्शन को देखकर लोग भावविभोर हो उठे। इस दौरान राजू बृजवासी द्वारा किए गए दीप नृत्य ने सभी को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। एक साथ पांच थालों में जल रहे दीपक को लेकर नृत्य कर उन्होंने लोगों को आश्चर्य में डाल दिया। राधा-कृष्ण और गोपियों द्वारा प्रस्तुत किए गए मयूर नृत्य को देख लोग रोमांचित हो उठे।
वृंदावन के स्वामी अवधेश शर्मा द्वारा लीला का वर्णन किया गया। रुक्मणी-कृष्ण विवाह के दौरान कन्यादान की रस्म शुरू होते ही पंडाल में मौजूद महिलाओं ने मंच पर जाकर कन्यादान कर भगवान के पैर पूजे और उन्हें उपहार भेंट किए। अंत में समिति के अध्यक्ष राजीव दुबे, महामंत्री नरेश वर्मा, सुरेश पेंटर, कोषाध्यक्ष रामांनद वर्मा, करुणा शंकर गुप्ता, शोभा दुबे, संध्या त्रिपाठी, कमलेश बाजपेई, यती देवी, सभासद नीलम सविता आदि ने आरती उतारी। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया।
रुक्मणी के कन्यादान को लेकर मंच पर महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हपछले 12 दिन से नगर में चल रही रासलीला को देखने के लिए लोगों की खासतौर से महिलाओं की काफी भीड़ कार्यक्रम स्थल पर उमड़ रही थी। लीला के अंतिम दिन वृंदावन धाम के कलाकारों द्वारा र्रुक्मणी-कृष्ण के विवाह की लीला का मनमोहक ढंग से प्रस्तुतीकरण किया गया।
कलाकारों के प्रदर्शन को देखकर लोग भावविभोर हो उठे। इस दौरान राजू बृजवासी द्वारा किए गए दीप नृत्य ने सभी को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। एक साथ पांच थालों में जल रहे दीपक को लेकर नृत्य कर उन्होंने लोगों को आश्चर्य में डाल दिया। राधा-कृष्ण और गोपियों द्वारा प्रस्तुत किए गए मयूर नृत्य को देख लोग रोमांचित हो उठे।
वृंदावन के स्वामी अवधेश शर्मा द्वारा लीला का वर्णन किया गया। रुक्मणी-कृष्ण विवाह के दौरान कन्यादान की रस्म शुरू होते ही पंडाल में मौजूद महिलाओं ने मंच पर जाकर कन्यादान कर भगवान के पैर पूजे और उन्हें उपहार भेंट किए। अंत में समिति के अध्यक्ष राजीव दुबे, महामंत्री नरेश वर्मा, सुरेश पेंटर, कोषाध्यक्ष रामांनद वर्मा, करुणा शंकर गुप्ता, शोभा दुबे, संध्या त्रिपाठी, कमलेश बाजपेई, यती देवी, सभासद नीलम सविता आदि ने आरती उतारी। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया।