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जाम का दर्द देते डग्गामार वाहन, अफसर बने अनजान

Thu, 08 Oct 2020 11:30 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2020 11:30 PM IST
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Daggamar vehicle giving pain of jam, officer became unknown
जीटी रोड सदर तहसील के निकट यात्री बैठाती डग्गामार बसे व अन्य वाहन। संवाद - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। शहर से लेकर बड़े-बड़े कस्बों में जाम लगने का मुख्य कारण डग्गामार वाहन है। वाहन चालक मनमानी जगह पर वाहनों को आड़ा-तिरछा खड़ा करके सवारियों को भरने लगते हैं। इससे छोटे-बड़े वाहनों को खड़ा होना पड़ता है जो कुछ ही देर में जाम का रूप ले लेता है। डग्गामार वाहनों के खिलाफ कई बार अभियान चलाया गया लेकिन अभी तक उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की जा सकी। इससे डग्गामार वाहन शहरवासियों को जाम का दर्द दे रहे हैं। वहीं, विभागीय अफसर इससे अनजान बने हैं।
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जिला मुख्यालय से हर जगह के लिए डग्गामार वाहन चलते हैं। डग्गामार वाहन में टेंपो-टैक्सी, मैजिक, ई-रिक्शा, जीप व मिनी बस चलती हैं। इन छोटे-बड़े वाहनों की संख्या 184 के करीब हैं। यह वाहन कन्नौज से अरौल, कन्नौज से ठठिया, कन्नौज से गुरसहायगंज-छिबरामऊ, कन्नौज से तिर्वा, कन्नौज से हरदोई तक चलते है। इन डग्गामार वाहनों के खड़े होने की कोई निर्धारित जगह नहीं है। ऐसे में वह मनचाही जगह पर वाहनों को खड़ा करके सवारियों को भरने लगते हैं। इससे जाम की स्थिति बन जाती है। सबसे ज्यादा दिक्कत नेशनल हाईवे पर रहती है। यहां से हर जगह के लिए डग्गामार वाहन चलते हैं। इन वाहनों पर नियंत्रण करने के लिए प्रशासनिक अफसरों ने कई दफा अभियान चलाया लेकिन वह सफल नहीं हो सके। इससे डग्गामार वाहनों के संचालक हावी हैं। इससे शहर से लेकर कस्बों तक में पल-पल जाम लग जाता है। इसे खुलने में काफी समय बर्बाद होता है।
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निर्धारित स्टैंड न होने से होती परेशानी
कन्नौज से लेकर गुरसहायगंज, छिबरामऊ व तिर्वा में डग्गामार वाहनों के लिए निर्धारित स्टैंड नहीं है। वह सवारियों को भरने के लिए जहां-तहां गाड़ियों को खड़ा कर भरने लगते हैं। भीड़भाड़ क्षेत्रों में अधिक डग्गामार वाहनों को रोकते हैं। इससे जाम की समस्या आम बन गई है। प्रभावी नियम लागू न होने से इस समस्या का आज तक समाधान नहीं हो सका है।
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जगह-जगह भरते सवारियां
डग्गामार वाहनों में टेंपो-टैक्सी, मैजिक व मिनी बसों के चालक थोड़े रुपये के लालच में सवारियों को बाहर तक लटका लेते हैं। इन सवारियों को उतारने व चढ़ाने के चक्कर में गाड़ी को बार-बार रोकना पड़ता है। कभी-कभार अचानक ब्रेक मारनी पड़ जाती है। ऐसे में डग्गामार वाहन से हादसा होने की आशंकाएं अधिक बढ़ जाती हैं। जिले में इस तरह के कई हादसे हो चुके हैं।

बस स्टैंड के समीप से कोई डग्गामार वाहन नहीं चलने दिया जाएगा। अवैध डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए एआरटीओ, एआरएम व पुलिस अफसरों को निर्देशित किया गया है।
-राकेश कुमार मिश्र, डीएम।
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