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राम रावण युद्ध का हुआ मनोहारी मंचन
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नदसिया। सदर क्षेत्र के पचोर गांव में चल रही रामलीला में लक्ष्मण शक्ति, मेघनाद वध व रावण वध की लीला का मंचन किया गया। रावण का वध होते ही दर्शकों ने जय श्रीराम के नारे लगाए।
गांव में कानपुर के कलाकारों के माध्यम से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। राम लीला के अंतिम दिन राम-रावण युद्ध का मनोहारी मंचन किया गया। कई बार प्रयास के बाद भी जब रावण नहीं मर सका तो राम ने विभीषण की तरफ देखा। विभीषण ने बताया कि रावण की नाभि में अमृत है। यह जानकर राम ने रावण की नाभि में तीर मारा।
तीर लगते ही रावण धराशायी होकर जमीन पर गिर पड़ा। रावण के गिरते ही जय श्री राम के नारे लगने लगे। इससे पूर्व लक्ष्मण शक्ति और मेघनाद वध की लीला का मंचन किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रधान आमोद दूबे, सुनील त्रिवेदी, गोविंद त्रिवेदी, अरविंद मिश्रा, बलबीर सिंह मौजूद रहे।
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गांव में कानपुर के कलाकारों के माध्यम से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। राम लीला के अंतिम दिन राम-रावण युद्ध का मनोहारी मंचन किया गया। कई बार प्रयास के बाद भी जब रावण नहीं मर सका तो राम ने विभीषण की तरफ देखा। विभीषण ने बताया कि रावण की नाभि में अमृत है। यह जानकर राम ने रावण की नाभि में तीर मारा।
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तीर लगते ही रावण धराशायी होकर जमीन पर गिर पड़ा। रावण के गिरते ही जय श्री राम के नारे लगने लगे। इससे पूर्व लक्ष्मण शक्ति और मेघनाद वध की लीला का मंचन किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रधान आमोद दूबे, सुनील त्रिवेदी, गोविंद त्रिवेदी, अरविंद मिश्रा, बलबीर सिंह मौजूद रहे।
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