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दो भेड़ियों के हमले से तीन ग्रामीण जख्मी
अमर उजाला/कन्नौज
Updated Mon, 15 Aug 2016 12:00 AM IST
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मारे गए भेड़िए के साथ ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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थानाक्षेत्र के ककराहा गांव में रविवार शाम दो भेड़ियों ने खेत में काम कर रहे दो ग्रामीणों को जख्मी कर दिया। फिर घर में घुसकर एक और ग्रामीण को घायल कर दिया। ग्रामीणों के पहुंचने पर एक भेड़िया भाग निकला, जबकि दूसरे भेड़िए को ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मार डाला। वन दरोगा ने मौके पर पहुंचकर जांच की है। घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
जानकारी के मुताबिक ककराहा गांव निवासी मानसिंह राठौर (28) पुत्र सूबेदार रविवार शाम चार बजे ईशन नदी के करीब मक्का के खेत में मवेशियों के लिए चारा काट रहे थे। तभी खेत में छिपे दो भेड़ियों ने मानसिंह पर हमला कर दिया। मानसिंह की चीख सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने भेड़ियों को खदेड़ दिया। अमोलर के एक निजी चिकित्सक के यहां प्राथमिक उपचार कराने के बाद मानसिंह को जिला अस्पताल भेज दिया गया है।
घटना के डेढ़ घंटे बाद ही भेड़ियों ने खेत में मूंगफली की रखवाली कर रहे रामआसरे (37) पुत्र प्यारेलाल पर हमला बोल दिया। रामआसरे की चीखें सुनकर ग्रामीण खेत पर पहुंचे तब तक भेड़िए घोड़ी नाला की ओर भाग निकले। प्रधान गुरु प्रसाद ने रामआसरे को मेडिकल कालेज तिर्वा भेजा। भेड़ियों की खोज में ग्रामीण अभी खेतों पर डटे थे कि कुछ देर बाद गांव में घोड़ी नाले के पास प्रताप सिंह पुत्र रामविलास के मकान में दोनों भेड़िए कूद गए।
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भेड़ियों को देख बच्चे चीखते हुए घर से बाहर निकल आए और बाहर से गेट बंद कर दिया। सूचना पर पहुंचे प्रताप सिंह ने दोनों भेड़ियों को घर से निकालने का प्रयास किया तो वे भी जख्मी हो गए। 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें भी तिर्वा मेडिकल कालेज भेजा गया है।
इधर, जानकारी पर खेतों में मौजूद ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर प्रताप सिंह के घर पहुंचे, तब तक एक भेड़िया भाग निकला, जबकि दूसरे को ग्रामीणों ने घेर लिया। ग्रामीणों ने घेरकर लाठी-डंडों से पीट-पीटकर भेड़िए को मार डाला।इधर, मौके पर पहुंचे वन दरोगा सैय्यद हसन ने कहा कि खूंखार भेड़िया देखे जाने पर ग्रामीणों को उन्हें तुरंत जानकारी देनी चाहिए थी। लेकिन सूचना देने में ग्रामीणों ने देरी की। कहा कि भेड़िए को मारने के बजाय ग्रामीणों को उसे पकड़ना चाहिए।
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जानकारी के मुताबिक ककराहा गांव निवासी मानसिंह राठौर (28) पुत्र सूबेदार रविवार शाम चार बजे ईशन नदी के करीब मक्का के खेत में मवेशियों के लिए चारा काट रहे थे। तभी खेत में छिपे दो भेड़ियों ने मानसिंह पर हमला कर दिया। मानसिंह की चीख सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने भेड़ियों को खदेड़ दिया। अमोलर के एक निजी चिकित्सक के यहां प्राथमिक उपचार कराने के बाद मानसिंह को जिला अस्पताल भेज दिया गया है।
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घटना के डेढ़ घंटे बाद ही भेड़ियों ने खेत में मूंगफली की रखवाली कर रहे रामआसरे (37) पुत्र प्यारेलाल पर हमला बोल दिया। रामआसरे की चीखें सुनकर ग्रामीण खेत पर पहुंचे तब तक भेड़िए घोड़ी नाला की ओर भाग निकले। प्रधान गुरु प्रसाद ने रामआसरे को मेडिकल कालेज तिर्वा भेजा। भेड़ियों की खोज में ग्रामीण अभी खेतों पर डटे थे कि कुछ देर बाद गांव में घोड़ी नाले के पास प्रताप सिंह पुत्र रामविलास के मकान में दोनों भेड़िए कूद गए।
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भेड़ियों को देख बच्चे चीखते हुए घर से बाहर निकल आए और बाहर से गेट बंद कर दिया। सूचना पर पहुंचे प्रताप सिंह ने दोनों भेड़ियों को घर से निकालने का प्रयास किया तो वे भी जख्मी हो गए। 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें भी तिर्वा मेडिकल कालेज भेजा गया है।
इधर, जानकारी पर खेतों में मौजूद ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर प्रताप सिंह के घर पहुंचे, तब तक एक भेड़िया भाग निकला, जबकि दूसरे को ग्रामीणों ने घेर लिया। ग्रामीणों ने घेरकर लाठी-डंडों से पीट-पीटकर भेड़िए को मार डाला।इधर, मौके पर पहुंचे वन दरोगा सैय्यद हसन ने कहा कि खूंखार भेड़िया देखे जाने पर ग्रामीणों को उन्हें तुरंत जानकारी देनी चाहिए थी। लेकिन सूचना देने में ग्रामीणों ने देरी की। कहा कि भेड़िए को मारने के बजाय ग्रामीणों को उसे पकड़ना चाहिए।