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आर्मी में भर्ती के नाम पर करोड़ों के खेल से जुड़े तार
kannauj
Updated Sun, 05 Nov 2017 12:36 AM IST
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परिजनों संग मालती
- फोटो : अमर उजाला
कन्नौज।बैंक कैशियर राम कुमार के अपहरण के पीछे आर्मी में भर्ती कराने के नाम करोड़ों रुपये के लेनदेन की बात भी सामने आ रही है। नामजद आरोपियों ने चार साल पूर्व बैंक कैशियर के माध्यम से करीब 25 युवकों से आर्मी में भर्ती कराने के नाम पर लाखों रुपये लिए थे। युवकों की भर्ती न होने पर बैंक कैशियर और आरोपियों के बीच विवाद चल रहा था।
अपहृत बैंक कैशियर की पत्नी मालती ने बताया कि उसके पति राम कुमार पहले एयर फोर्स में थे। 2011 में सेवानिवृत्त होने पर बैंक में नौकरी करने लगे थे। 2012 में चित्रकूट के प्रसिद्धपुर बछरन निवासी अविनाश भी होशियार सिंह कालोनी में किराये पर रहने लगा। वह खुद को आर्मी का अधिकारी बताता था। 2014 में अविनाश ने रामकुमार को बताया कि वह युवकों को आर्मी में नौकरी दिलवा सकता है।
उसकी बातों में आकर उसके पति ने सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर 25 युवकों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये जमाकर अविनाश और उसके भाई आशीष को दे दिए। काफी समय बीतने के बाद भी जब युवकों को नौकरी नहीं मिली। युवक उसके पति पर दबाव बनाया। इसी बीच अविनाश ट्रांसफर होने की बात कहकर लखनऊ के जानकीपुरम में रहने लगा। पैसा मांगने पर जान से मारने की धमकी देता था। इसी विवाद को लेकर अविनाश और उसके भाई आशीष ने उसके पति का अपहरण कर लिया। मालती ने पति की हत्या की आशंका जताते जताते हुए पुलिस पर मामले को गंभीरता से नहीं लेने के आरोप लगाए।
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चार दिन पहले भी हुआ अपहरण का प्रयास
कन्नौज। बैंक कैशियर रामकुमार की पत्नी मालती ने पुलिस को बताया कि उसके पति के अपहरण की योजना आरोपी कई दिनों से बना रहे थे। उसके अनुसार, एक नवंबर को उसके पति ने बताया था कि एक बोलेरो पर सवार कुछ लोग उसका पीछा कर रहे थे। किसी तरह से उन्हें चकमा देकर वह घर पहुंचे। शनिवार और रविवार को बैंक की छ्ट्टी के कारण उसके पति सिखवापुर आ रहे थे, तभी उनका अपहरण हो गया।
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अपहृत बैंक कैशियर की पत्नी मालती ने बताया कि उसके पति राम कुमार पहले एयर फोर्स में थे। 2011 में सेवानिवृत्त होने पर बैंक में नौकरी करने लगे थे। 2012 में चित्रकूट के प्रसिद्धपुर बछरन निवासी अविनाश भी होशियार सिंह कालोनी में किराये पर रहने लगा। वह खुद को आर्मी का अधिकारी बताता था। 2014 में अविनाश ने रामकुमार को बताया कि वह युवकों को आर्मी में नौकरी दिलवा सकता है।
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उसकी बातों में आकर उसके पति ने सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर 25 युवकों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये जमाकर अविनाश और उसके भाई आशीष को दे दिए। काफी समय बीतने के बाद भी जब युवकों को नौकरी नहीं मिली। युवक उसके पति पर दबाव बनाया। इसी बीच अविनाश ट्रांसफर होने की बात कहकर लखनऊ के जानकीपुरम में रहने लगा। पैसा मांगने पर जान से मारने की धमकी देता था। इसी विवाद को लेकर अविनाश और उसके भाई आशीष ने उसके पति का अपहरण कर लिया। मालती ने पति की हत्या की आशंका जताते जताते हुए पुलिस पर मामले को गंभीरता से नहीं लेने के आरोप लगाए।
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चार दिन पहले भी हुआ अपहरण का प्रयास
कन्नौज। बैंक कैशियर रामकुमार की पत्नी मालती ने पुलिस को बताया कि उसके पति के अपहरण की योजना आरोपी कई दिनों से बना रहे थे। उसके अनुसार, एक नवंबर को उसके पति ने बताया था कि एक बोलेरो पर सवार कुछ लोग उसका पीछा कर रहे थे। किसी तरह से उन्हें चकमा देकर वह घर पहुंचे। शनिवार और रविवार को बैंक की छ्ट्टी के कारण उसके पति सिखवापुर आ रहे थे, तभी उनका अपहरण हो गया।