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इंजीनियर कॉलेज में हंगामा, खाली कराया हास्टल
Updated Mon, 05 Nov 2018 12:12 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
तिर्वा (कन्नौज)। इंजीनियरिंग कालेज के दो छात्रों की सड़क हादसे में मौत और दो के गंभीर रूप से घायल होने के बाद छात्र-छात्राओं ने कॉलेज परिसर में हंगामा कर दिया। प्रदर्शनकारी सभी छात्र-छात्राओं के लिए हास्टल, आवागमन के लिए बस आदि की मांग कर रहे थे। पूरी रात प्रदर्शन चलता रहा, रविवार को स्थिति गंभीर देख डायरेक्टर ने जिला प्रशासन को खबर दी। सीडीओ व एएसपी के साथ कई थानों की फोर्स व पीएसी बल कॉलेज पहुंचा और कॉलेज में सात दिन का अवकाश घोषित कर जबरिया हास्टल खाली करा कर छात्र-छात्राओं को घर भेज दिया गया।
राजकीय इंजीनियरिंग कालेज में एक से तीन नवंबर तक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। शनिवार देर शाम पुरस्कार वितरण के बाद कार्यक्रम का समापन हो गया। इसके बाद सिविल इंजीनियरिंग के छात्र आर्यमान सिंह पुत्र कुलदीप सिंह निवासी सिविल लाइन कानपुर, सौरभ कुशवाहा पुत्र सत्यप्रकाश निवासी केशवपुरम कल्याणपुर जिला कानपुर नगर, फैजल मुशीर पुत्र मुशीर अहमद अंसारी निवासी गंजडुड़वारा जिला कासगंज, प्रयांशू गौतम निवासी देवराई, दिबियापुर जिला औरैया एक ही स्कूटी पर कस्बा स्थित अपने कमरे पर लौट रहे थे। रात करीब 10 बजे किसान कालेज के पास पीछे से आए ट्रक स्कूटी में टक्कर मार दी। इससे प्रयांशू गौतम व फैजल मुशीर की मौत हो गई थी जबकि सौरभ व आर्यमान घायल हो गए। गंभीर हालत के चलते दोनों को मेडिकल कॉलेज से देर रात लखनऊ रेफर कर दिया गया।
हादसे के बाद सभी छात्रों के लिए हास्टल, एटीएम, मेडिकल फस्टएड व स्कूल से कस्बे तक आने जाने के लिए बस की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं ने कॉलेज परिसर में हंगामा कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अगर छात्रों को हास्टल मिला होता तो उनकी जान हादसे में न जाती। डायरेक्टर नीलम श्रीवास्तव ने समझाने का प्रयास किया लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राएं मांगों पर अडे़ रहे। डायरेक्टर से यहां तक कह दिया कि मांगे पूरी नहीं कर सकतीं तो इस्तीफा देकर चली जाएं। रविवार सुबह भी धरना-प्रदर्शन जारी रहा। स्थिति गंभीर होने की आशंका पर डायरेक्टर ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दे दी। इस पर कुछ ही देर में सीडीओ एसके सिंह, एएसपी केशव चंद्र गोस्वामी, एसडीएम रामदास, तहसीलदार अनिल कुमार, नायब तहसीलदार रामकरन वर्मा, कोतवाल आमोद कुमार, तिर्वा, ठठिया व इंदरगढ़, तालग्राम थानाध्यक्ष पीएसी बल के साथ कालेज पहुंच गए।
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अधिकारियों के समझाने पर पर प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं हुए। इस पर कॉलेज में सात दिन का अवकाश घोषित कर दिया गया। पुलिस के सहयोग से छात्र-छात्राओं से जबरिया हास्टल खाली कराए गए। डायरेक्टर ने मांगे पूरी करने का आश्वासन देकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। इसके बाद छात्र-छात्राओं को घर भेज दिया गया। कॉलेज में शिक्षण कार्य 12 नवंबर से शुरू होगा। फैजल के पिता मुशीर अहमद की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा ली है।
इंजीनियरिंग कालेज में हुए कार्यक्रम में फैजल ने भी भाग लिया था। बेहतर प्रदर्शन पर उसे तीन नवंबर को आवार्ड दिया था। उसे लेकर वह खुशी से साथियों के साथ कमरे जा रहा था। रास्ते में ट्रक की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। डायरेक्टर ने बताया कि फैजल वर्षिक अभ्युथान कार्यक्रम में प्रथम आवार्ड मिला था। सपा सरकार में मंत्री रहे विजय बहादुर पाल ने इंजीनियरिंग कालेज पहुंचे और हादसे पर दु:ख प्रकट किया। कहा कि छात्रावास का अगर समय पर निर्माण हो गया होता तो शायद ये हादसा न होता। पूर्व मंत्री ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को भी समझाया। पूर्व मंत्री के साथ हसेरन ब्लाक प्रमुख उमाशंकर बेरिया, सपा नेता मुनेश राठौर मौजूद रहे। भाजपा जिलाध्यक्ष आनंद सिंह ने बताया कि शासन से बात कर कालेज में हास्टल के कमरों की संख्या को बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
इंजीनियर कॉलेज में हंगामा, खाली कराया हास्टल
हादसे में दो साथियों की मौत पर भड़के छात्र-छात्राएं, शनिवार रात से दोपहर तक चला प्रदर्शन
क्रासर
डायरेक्टर की सूचना पर पुलिस और पीएसी लेकर पहुंचे सीडीओ
कॉलेज में सात दिन का अवकाश घोषित, घर भेजे गए छात्र-छात्राएं
फोटो 04केएनजेपी 11 मृतक प्रयांशू (फाइल फोटो)
फोटो 04 केएनजेपी 12 मृतक फैजल (फाइल फोटो)
फोटो 04केएनजेपी 13-इंजीनियरिंग कॉलेज में मौजूद सीडीओ और एएसपी।
फोटो 04केएनजेपी 14- इंजीनियर कॉलेज के हास्टल से घर जाते छात्र।
तिर्वा (कन्नौज)। इंजीनियरिंग कालेज के दो छात्रों की सड़क हादसे में मौत और दो के गंभीर रूप से घायल होने के बाद छात्र-छात्राओं ने कॉलेज परिसर में हंगामा कर दिया। प्रदर्शनकारी सभी छात्र-छात्राओं के लिए हास्टल, आवागमन के लिए बस आदि की मांग कर रहे थे। पूरी रात प्रदर्शन चलता रहा, रविवार को स्थिति गंभीर देख डायरेक्टर ने जिला प्रशासन को खबर दी। सीडीओ व एएसपी के साथ कई थानों की फोर्स व पीएसी बल कॉलेज पहुंचा और कॉलेज में सात दिन का अवकाश घोषित कर जबरिया हास्टल खाली करा कर छात्र-छात्राओं को घर भेज दिया गया।
राजकीय इंजीनियरिंग कालेज में एक से तीन नवंबर तक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। शनिवार देर शाम पुरस्कार वितरण के बाद कार्यक्रम का समापन हो गया। इसके बाद सिविल इंजीनियरिंग के छात्र आर्यमान सिंह पुत्र कुलदीप सिंह निवासी सिविल लाइन कानपुर, सौरभ कुशवाहा पुत्र सत्यप्रकाश निवासी केशवपुरम कल्याणपुर जिला कानपुर नगर, फैजल मुशीर पुत्र मुशीर अहमद अंसारी निवासी गंजडुड़वारा जिला कासगंज, प्रयांशू गौतम निवासी देवराई, दिबियापुर जिला औरैया एक ही स्कूटी पर कस्बा स्थित अपने कमरे पर लौट रहे थे। रात करीब 10 बजे किसान कालेज के पास पीछे से आए ट्रक स्कूटी में टक्कर मार दी। इससे प्रयांशू गौतम व फैजल मुशीर की मौत हो गई थी जबकि सौरभ व आर्यमान घायल हो गए। गंभीर हालत के चलते दोनों को मेडिकल कॉलेज से देर रात लखनऊ रेफर कर दिया गया।
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हादसे के बाद सभी छात्रों के लिए हास्टल, एटीएम, मेडिकल फस्टएड व स्कूल से कस्बे तक आने जाने के लिए बस की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं ने कॉलेज परिसर में हंगामा कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अगर छात्रों को हास्टल मिला होता तो उनकी जान हादसे में न जाती। डायरेक्टर नीलम श्रीवास्तव ने समझाने का प्रयास किया लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राएं मांगों पर अडे़ रहे। डायरेक्टर से यहां तक कह दिया कि मांगे पूरी नहीं कर सकतीं तो इस्तीफा देकर चली जाएं। रविवार सुबह भी धरना-प्रदर्शन जारी रहा। स्थिति गंभीर होने की आशंका पर डायरेक्टर ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दे दी। इस पर कुछ ही देर में सीडीओ एसके सिंह, एएसपी केशव चंद्र गोस्वामी, एसडीएम रामदास, तहसीलदार अनिल कुमार, नायब तहसीलदार रामकरन वर्मा, कोतवाल आमोद कुमार, तिर्वा, ठठिया व इंदरगढ़, तालग्राम थानाध्यक्ष पीएसी बल के साथ कालेज पहुंच गए।
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अधिकारियों के समझाने पर पर प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं हुए। इस पर कॉलेज में सात दिन का अवकाश घोषित कर दिया गया। पुलिस के सहयोग से छात्र-छात्राओं से जबरिया हास्टल खाली कराए गए। डायरेक्टर ने मांगे पूरी करने का आश्वासन देकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। इसके बाद छात्र-छात्राओं को घर भेज दिया गया। कॉलेज में शिक्षण कार्य 12 नवंबर से शुरू होगा। फैजल के पिता मुशीर अहमद की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा ली है।
इंजीनियरिंग कालेज में हुए कार्यक्रम में फैजल ने भी भाग लिया था। बेहतर प्रदर्शन पर उसे तीन नवंबर को आवार्ड दिया था। उसे लेकर वह खुशी से साथियों के साथ कमरे जा रहा था। रास्ते में ट्रक की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। डायरेक्टर ने बताया कि फैजल वर्षिक अभ्युथान कार्यक्रम में प्रथम आवार्ड मिला था। सपा सरकार में मंत्री रहे विजय बहादुर पाल ने इंजीनियरिंग कालेज पहुंचे और हादसे पर दु:ख प्रकट किया। कहा कि छात्रावास का अगर समय पर निर्माण हो गया होता तो शायद ये हादसा न होता। पूर्व मंत्री ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को भी समझाया। पूर्व मंत्री के साथ हसेरन ब्लाक प्रमुख उमाशंकर बेरिया, सपा नेता मुनेश राठौर मौजूद रहे। भाजपा जिलाध्यक्ष आनंद सिंह ने बताया कि शासन से बात कर कालेज में हास्टल के कमरों की संख्या को बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
इंजीनियर कॉलेज में हंगामा, खाली कराया हास्टल
हादसे में दो साथियों की मौत पर भड़के छात्र-छात्राएं, शनिवार रात से दोपहर तक चला प्रदर्शन
क्रासर
डायरेक्टर की सूचना पर पुलिस और पीएसी लेकर पहुंचे सीडीओ
कॉलेज में सात दिन का अवकाश घोषित, घर भेजे गए छात्र-छात्राएं
फोटो 04केएनजेपी 11 मृतक प्रयांशू (फाइल फोटो)
फोटो 04 केएनजेपी 12 मृतक फैजल (फाइल फोटो)
फोटो 04केएनजेपी 13-इंजीनियरिंग कॉलेज में मौजूद सीडीओ और एएसपी।
फोटो 04केएनजेपी 14- इंजीनियर कॉलेज के हास्टल से घर जाते छात्र।