{"_id":"5f2850148ebc3ed7cc6f37da","slug":"crime-kannauj-news-knp5748856106","type":"story","status":"publish","title_hn":"चारागाह की जमीन के लिए मारपीट, आगजनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चारागाह की जमीन के लिए मारपीट, आगजनी
विज्ञापन
जमीन पर पड़ा घायल।
- फोटो : CHIBRAMAU
सौरिख/चपुन्ना। ग्राम उदैतापुर में चारागाह की जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले। इस बीच एक पक्ष ने झोपड़ी में भी लगा दी। विवाद में छह लोग घायल हुए हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत किया और घायलों को उपचार के लिए सीएचसी भिजवा दिया।
चपुन्ना चौकी क्षेत्र के ग्राम उदैतापुर में चारागाह की जमीन है। गांव के ही शिवरतन पुत्र रघुवीर का कब्जा है और खेती करते हैं। गांव के ही विश्वनाथ पुत्र वृंदावन ने अवैध कब्जे की शिकायत अधिकारियों से की थी। पैमाइश के बाद अफसरों ने अवैध कब्जे को हटवा दिया था।
विश्वनाथ का आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर सोमवार को शिवरतन, रामरनत, यूवी, इंद्रेश ने उसके घर पर धावा बोल दिया और फूस की झोपड़ी में आग लगा दी। मारपीट होने लगी। विश्वनाथ, प्रेमवती पत्नी वृंदावन, प्रभा देवी पत्नी महेश चंद्र, विनीता, कल्पना, अल्पना पुत्री महेश घायल हो गईं।
विज्ञापन
विवाद की सूचना पर पहुंची चौकी पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवा दिया। पुलिस ने महेश चंद्र की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दूसरी ओर शिवरतन पक्ष का कहना है कि जमीन से हटवाने के बाद विश्वनाथ उन पर बेवजह दबाव बना रहा था, इसी के विरोध में उसने खुद मारपीट शुरू की है। फंसाने के लिए झूठे आरोप लगा रहा है।
विज्ञापन
चपुन्ना चौकी क्षेत्र के ग्राम उदैतापुर में चारागाह की जमीन है। गांव के ही शिवरतन पुत्र रघुवीर का कब्जा है और खेती करते हैं। गांव के ही विश्वनाथ पुत्र वृंदावन ने अवैध कब्जे की शिकायत अधिकारियों से की थी। पैमाइश के बाद अफसरों ने अवैध कब्जे को हटवा दिया था।
विज्ञापन
विश्वनाथ का आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर सोमवार को शिवरतन, रामरनत, यूवी, इंद्रेश ने उसके घर पर धावा बोल दिया और फूस की झोपड़ी में आग लगा दी। मारपीट होने लगी। विश्वनाथ, प्रेमवती पत्नी वृंदावन, प्रभा देवी पत्नी महेश चंद्र, विनीता, कल्पना, अल्पना पुत्री महेश घायल हो गईं।
विज्ञापन
विवाद की सूचना पर पहुंची चौकी पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवा दिया। पुलिस ने महेश चंद्र की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दूसरी ओर शिवरतन पक्ष का कहना है कि जमीन से हटवाने के बाद विश्वनाथ उन पर बेवजह दबाव बना रहा था, इसी के विरोध में उसने खुद मारपीट शुरू की है। फंसाने के लिए झूठे आरोप लगा रहा है।