{"_id":"6ababc70adb1993fbe0493bf","slug":"congress-should-stop-questioning-evms-and-accept-the-mandate-priya-shakya-kannauj-news-c-214-1-knj1006-156822-2026-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस ईवीएम पर सवाल उठाना बंद करे, जनादेश स्वीकारे: प्रिया शाक्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेस ईवीएम पर सवाल उठाना बंद करे, जनादेश स्वीकारे: प्रिया शाक्य
विज्ञापन
फोटो :31: वार्ता करतीं जिला पंचायत अध्यक्ष प्रिया शाक्य। स्रोत : पार्टी
कन्नौज। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रिया शाक्य ने सोमवार को कांग्रेस द्वारा चुनाव परिणामों के बाद ईवीएम और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस से चुनाव परिणाम स्वीकार करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करने का आग्रह किया। शाक्य ने कहा कि हर हार पर ईवीएम को दोष देना बंद करना चाहिए।
प्रिया शाक्य ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में जीत और हार दोनों जनादेश का हिस्सा हैं। राजनीतिक दलों को जनता के निर्णय को खुले मन से स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब परिणाम पक्ष में आते हैं, तो चुनाव प्रक्रिया सही लगती है। लेकिन विपरीत आने पर ईवीएम पर सवाल उठाना सीधे जनता के जनादेश पर प्रश्नचिह्न लगाना है। उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी कि यदि ईवीएम या चुनाव प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस आपत्ति है, तो उसे सांविधानिक और कानूनी प्रक्रिया से प्रस्तुत करें। केवल सार्वजनिक मंचों पर आरोप लगाने से चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर बेवजह सवाल खड़े होते हैं।
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, ईवीएम और वीवीपैट की जांच तथा सत्यापन की पूरी प्रक्रिया चुनाव से पहले तय मानकों पर होती है। इसमें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में कई चरण पूरे किए जाते हैं। शाक्य ने वर्ष 2024 में हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की शिकायतों पर निर्वाचन आयोग के अक्तूबर 2024 के स्पष्टीकरण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र और सांविधानिक संस्थाओं की गरिमा में विश्वास करती है, इसलिए विपक्ष को आत्ममंथन करना चाहिए। जिला मीडिया प्रभारी अभिषेक पांडेय भी इस दौरान मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रिया शाक्य ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में जीत और हार दोनों जनादेश का हिस्सा हैं। राजनीतिक दलों को जनता के निर्णय को खुले मन से स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब परिणाम पक्ष में आते हैं, तो चुनाव प्रक्रिया सही लगती है। लेकिन विपरीत आने पर ईवीएम पर सवाल उठाना सीधे जनता के जनादेश पर प्रश्नचिह्न लगाना है। उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी कि यदि ईवीएम या चुनाव प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस आपत्ति है, तो उसे सांविधानिक और कानूनी प्रक्रिया से प्रस्तुत करें। केवल सार्वजनिक मंचों पर आरोप लगाने से चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर बेवजह सवाल खड़े होते हैं।
विज्ञापन
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, ईवीएम और वीवीपैट की जांच तथा सत्यापन की पूरी प्रक्रिया चुनाव से पहले तय मानकों पर होती है। इसमें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में कई चरण पूरे किए जाते हैं। शाक्य ने वर्ष 2024 में हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की शिकायतों पर निर्वाचन आयोग के अक्तूबर 2024 के स्पष्टीकरण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र और सांविधानिक संस्थाओं की गरिमा में विश्वास करती है, इसलिए विपक्ष को आत्ममंथन करना चाहिए। जिला मीडिया प्रभारी अभिषेक पांडेय भी इस दौरान मौजूद रहे।
विज्ञापन