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अल्लाह हू अल्लाह हू...
अमर उजाला ब्यूरो/कन्नौज
Updated Fri, 22 Apr 2016 12:10 AM IST
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बाबा हाजी शरीफ की दरगाह।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हिंदुस्तान के अज़ीम बुजुर्ग बाबा हाजी शरीफ जिंदनी रहतुल्लाह अलैह के सालाना उर्स में अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ा। जायरीनों ने दरगाह पहुंचकर चादर चढ़ाई और अमन चैन की दुआ मांगी। देररात शुरू हुए कव्वाली के जवाबी मुकाबले का लोगों ने लुत्फ उठाया। मुंबई से आए टीवी एवं फिल्मी सिंगर अलताफ राजा ने हर जगह तू ही तू अल्लाह हू अल्लाह हू। इसे खूूब पसंद किया गया। इसके बाद मन्कबत-मेरे ख्वाजा मदीने वाले हैं, को भी खूब वाहवाही मिली।
कव्वाला परवीन सुल्ताना मुंबई ने नात शरीफ पढ़ी-जिनके शैदा ये शम्सो-कमर हैं, सारे नबियों के वो ताजबर हैं, वो मोहम्मद हैं खैरूल बसर हैं। इसके अलावा मन्कबत-झोलियां सब की भरी हैं, मेरा ख्वाजा तो सखी है सुनकर ख्वाजा के दीवाने झूम उठे। इसके बाद गजलों का दौर शुरू हुआ। अलताफ राजा ने आवारा हवा का झोंका हूं आ निकला हूं पल दो पल के लिए, तुम आज तो पत्थर बरसा दो, कल रोेेेेओगे मुझ पागल के लिए सुनाकर पूरी महफिल को वाहवाही करने पर मजबूर कर दिया।
परवीन सुल्ताना ने गजल जख्म रह लेते हैं पर चर्चा नहीं होने देते, हम कभी प्यार को रुसवा नहीं होने देते सुनाकर लोगों को तारीफ करने पर मजबूर कर दिया। पूरी रात जवाबी कव्वाली का प्रोग्राम चलता रहा। इस मौके पर उर्स कमेटी के सदर हाजी शमसुल खान, मेला प्रभारी उबैदुल हसन खलीफा, नूर मोहम्मद (नन्हू खां), मेला सचिव मास्टर वसीउद्दीन सिद्दीकी, अब्बुल हसन (मंगल), नायब सदर नावेद खान, लंगर प्रभारी हाजी मुदस्सिर हुसैन, निसार खां, मो. अफजाल खां, पूर्व चेयरमैन हाजी रईस, आरएस कठेरिया सेवक अदीबी, असीर खां, सरफराज अंसारी, मौजूद रहे।
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कव्वाला परवीन सुल्ताना मुंबई ने नात शरीफ पढ़ी-जिनके शैदा ये शम्सो-कमर हैं, सारे नबियों के वो ताजबर हैं, वो मोहम्मद हैं खैरूल बसर हैं। इसके अलावा मन्कबत-झोलियां सब की भरी हैं, मेरा ख्वाजा तो सखी है सुनकर ख्वाजा के दीवाने झूम उठे। इसके बाद गजलों का दौर शुरू हुआ। अलताफ राजा ने आवारा हवा का झोंका हूं आ निकला हूं पल दो पल के लिए, तुम आज तो पत्थर बरसा दो, कल रोेेेेओगे मुझ पागल के लिए सुनाकर पूरी महफिल को वाहवाही करने पर मजबूर कर दिया।
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परवीन सुल्ताना ने गजल जख्म रह लेते हैं पर चर्चा नहीं होने देते, हम कभी प्यार को रुसवा नहीं होने देते सुनाकर लोगों को तारीफ करने पर मजबूर कर दिया। पूरी रात जवाबी कव्वाली का प्रोग्राम चलता रहा। इस मौके पर उर्स कमेटी के सदर हाजी शमसुल खान, मेला प्रभारी उबैदुल हसन खलीफा, नूर मोहम्मद (नन्हू खां), मेला सचिव मास्टर वसीउद्दीन सिद्दीकी, अब्बुल हसन (मंगल), नायब सदर नावेद खान, लंगर प्रभारी हाजी मुदस्सिर हुसैन, निसार खां, मो. अफजाल खां, पूर्व चेयरमैन हाजी रईस, आरएस कठेरिया सेवक अदीबी, असीर खां, सरफराज अंसारी, मौजूद रहे।
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