{"_id":"613ba3a08ebc3ea75c654984","slug":"bjp-leaders-were-upset-as-soon-as-jcb-was-installed-on-the-house-kannauj-news-knp651423672","type":"story","status":"publish","title_hn":"मकान पर जेसीबी लगाते ही भाजपा नेता बिफरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मकान पर जेसीबी लगाते ही भाजपा नेता बिफरे
विज्ञापन
गुरसहायगंज (कन्नौज)। आधा मुआवजा मिलने और बिना नोटिस मकान तोड़ने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेता की फोरलेन के अधिकारियों से शुक्रवार को तीखी नोकझोंक हुई। विरोध होता देख अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाओ अभियान रोक दिया। इसके बाद लोग खुद अतिक्रमण हटाने में जुट गए।
अलीगढ़ से कानपुर के लिए बन रहे फोरलेन के लिए नेशनल हाईवे के आसपास बने मकानों, दुकानों को मुआवजा देने के बाद तोड़ा जा रहा है। कस्बा सराय प्रयाग में दो माह पूर्व दिए गए मुआवजा के बाद लोगों ने कब्जा नहीं हटाया तो फोरलेन के अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ मकानों और दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया।
शुक्रवार को इस दौरान भाजपा के जिला कार्यसमिति सदस्य ललित मोहन कटियार के यहां जेसीबी मशीन से अतिक्रमण हटाने अधिकारी पहुंचे। उन्होंने मकान तोड़ना शुरू किया तो विरोध हो गया। जानकारी पर ललित मोहन मौके पर पहुंच गए। इन्होंने आधा मुआवजा मिलने की बात कही। मकान न तोड़ने के लिए कहा। अधिकारी नहीं माने तो तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान तमाम लोग इकट्ठे हो गए। इन्होंने भी इस कार्रवाई का विरोध किया। इस पर अधिकारी शांत हो गए। यह लौट गए। ललित मोहन ने बताया कि उन्हें अभी तक सिर्फ आधा मुआवजा मिला है। इसके बाद भी बिना नोटिस दिए फोरलेन के अधिकारियों ने मकान तोड़ना शुरू कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
अलीगढ़ से कानपुर के लिए बन रहे फोरलेन के लिए नेशनल हाईवे के आसपास बने मकानों, दुकानों को मुआवजा देने के बाद तोड़ा जा रहा है। कस्बा सराय प्रयाग में दो माह पूर्व दिए गए मुआवजा के बाद लोगों ने कब्जा नहीं हटाया तो फोरलेन के अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ मकानों और दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
शुक्रवार को इस दौरान भाजपा के जिला कार्यसमिति सदस्य ललित मोहन कटियार के यहां जेसीबी मशीन से अतिक्रमण हटाने अधिकारी पहुंचे। उन्होंने मकान तोड़ना शुरू किया तो विरोध हो गया। जानकारी पर ललित मोहन मौके पर पहुंच गए। इन्होंने आधा मुआवजा मिलने की बात कही। मकान न तोड़ने के लिए कहा। अधिकारी नहीं माने तो तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान तमाम लोग इकट्ठे हो गए। इन्होंने भी इस कार्रवाई का विरोध किया। इस पर अधिकारी शांत हो गए। यह लौट गए। ललित मोहन ने बताया कि उन्हें अभी तक सिर्फ आधा मुआवजा मिला है। इसके बाद भी बिना नोटिस दिए फोरलेन के अधिकारियों ने मकान तोड़ना शुरू कर दिया था।
विज्ञापन