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जाम के झाम में जूझ रहे लोग
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Tue, 20 Oct 2015 12:36 AM IST
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नगर की हालत फैले पड़े अतिक्रमण के कारण पल पल पर
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लगने वाले जाम से बद से बदतर होती जा रही है। फुटपाथ नदारद होने से
राहगीरों को सड़क पर चलना मजबूरी बनी हुई है। वाहन चालकों को हार्न बजाने
पर भी साइड मिलना मुश्किल भरा साबित हो रहा है।
शहर के मेन मार्ग पर ऐसा कोई दिन नहीं होता, जिस दिन जाम के झाम से राहगीरों को न रूबरू होना पड़ता हो। शहर के विशुनगढ़ तिराहा, सब्जी मंडी, पीपल चौराहा, जामा मस्जिद के पास, हीरालाल कालेज तिराहे, पालिका तिराहा, सौरिख तिराहा, तालग्राम तिराहा सहित कई स्थानों पर फैले पड़े अतिक्रमण के कारण बाजार में पल पल पर जाम लगता है।
कई बार तो जाम में प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ी व एंबुलेंस भी फंस जाती है। इसके बावजूद भी प्रशासन सुध नहीं ले रहा है। मार्ग से फुटपाथ नदारद होने से अब लोग सड़कों पर चलने पर मजबूर हो गए हैं। इससे वाहनों चालकों द्वारा बजाए जाने वाले हार्न के बावजूद उन्हें साइड मिलना मुश्किल हो जाता है।
लोगों को हार्न की आवाज तो खूब सुनाई देती है, पर फुटपाथ नदारद होने से वह जाएं भी तो कहां जाएं। बड़े अफसरों द्वारा नगर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने को लेकर कई बार अल्टीमेटम दिया गया, पर कई दिन बीत चुके हैं, न तो फुटपाथ खाली होता नजर आया और न ही अतिक्रमण के खिलाफ कोई अभियान चल सका।
फुटपाथ पर फड़ लगाकर लोग सुबह से ही बाजार लगा लेते हैं। वहीं दूसरी ओर ठिलिया वालों द्वारा सड़क घेर लेने से आवागमन दुश्वार हो जाता है। इस बाबत एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित का कहना है कि पंचायत चुनाव की व्यस्तता के बाद इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा।
शहर के मेन मार्ग पर ऐसा कोई दिन नहीं होता, जिस दिन जाम के झाम से राहगीरों को न रूबरू होना पड़ता हो। शहर के विशुनगढ़ तिराहा, सब्जी मंडी, पीपल चौराहा, जामा मस्जिद के पास, हीरालाल कालेज तिराहे, पालिका तिराहा, सौरिख तिराहा, तालग्राम तिराहा सहित कई स्थानों पर फैले पड़े अतिक्रमण के कारण बाजार में पल पल पर जाम लगता है।
कई बार तो जाम में प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ी व एंबुलेंस भी फंस जाती है। इसके बावजूद भी प्रशासन सुध नहीं ले रहा है। मार्ग से फुटपाथ नदारद होने से अब लोग सड़कों पर चलने पर मजबूर हो गए हैं। इससे वाहनों चालकों द्वारा बजाए जाने वाले हार्न के बावजूद उन्हें साइड मिलना मुश्किल हो जाता है।
लोगों को हार्न की आवाज तो खूब सुनाई देती है, पर फुटपाथ नदारद होने से वह जाएं भी तो कहां जाएं। बड़े अफसरों द्वारा नगर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने को लेकर कई बार अल्टीमेटम दिया गया, पर कई दिन बीत चुके हैं, न तो फुटपाथ खाली होता नजर आया और न ही अतिक्रमण के खिलाफ कोई अभियान चल सका।
फुटपाथ पर फड़ लगाकर लोग सुबह से ही बाजार लगा लेते हैं। वहीं दूसरी ओर ठिलिया वालों द्वारा सड़क घेर लेने से आवागमन दुश्वार हो जाता है। इस बाबत एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित का कहना है कि पंचायत चुनाव की व्यस्तता के बाद इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा।