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शुद्ध पानी के सपने पर बिजली का ग्रहण
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Tue, 19 May 2015 12:06 AM IST
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वीवीआईपी जिले के लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए मुख्यमंत्री पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं। लेकिन बिजली की समुचित सप्लाई न होने से उसके सपनों पर ग्रहण लग रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से बनीं कई पानी की टंकियां लोगों के लिए बेमतलब साबित हो रही हैं।
ट्रांसफार्मर फुंकने की बात तो दूर मामूली फाल्ट ठीक करने में भी बिजली विभाग कई-कई दिन लगा देता है। ऊपर से लो-वोल्टेज की समस्या आग में घी का काम कर रही है। ऐसे में जल निगम और बिजली विभाग के अफसरों की जंग में जनता पिस रही है।
कन्नौज। कहीं बिजली की कटौती से लहलहाती फसलें सूख रही हैं तो कहीं खराब ट्रांसफार्मर खलनायक साबित हो रहे हैं। आलम यह है कि बिजली के अभाव में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में एक दर्जन से ज्यादा पानी की टंकियां अपनी क्षमता के अनुसार लोगों को सुविधा नहीं दे पा रही हैं।
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जल निगम के अधिशासी अभियंता कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार नगर पंचायत समधन में पेयजल योजना के नलकूप संख्या एक पर लगे ट्रांसफार्मर से दर्जनों अवैध कनेक्शन लिए गए हैं। इस कारण कई महीने से ट्यूबवेल पूरी क्षमता से नहीं चल पाता है। नतीजतन टंकी कभी आधी तो कभी उससे कम भर पाती है।
इस कारण कस्बे के लोगों को पानी किल्लत से जूझना पड़ता है। इसके अलावा लो वोल्टेज के कारण ट्यूबवेल की मोटर अक्सर जल जाने की शिकायत भी मिलती है। जलकल परिसर में एक नया ट्रांसफार्मर लगाने के लिए पूरी धनराशि जमा कराई जा चुकी है। इसके बाद भी आज तक ट्रांसफार्मर नहीं लगा।
इसी तरह समधन पेयजल योजना के नलकूप संख्या दो पर भी लो-वोल्टेज की समस्या है। इस कारण नलकूप पूरी क्षमता से नहीं चल पा रहा है। जलालपुर पनवारा गांव में नलकूप नंबर दो पर ट्रांसफार्मर न रखे जाने के कारण नलकूप बंद पड़ा है। बिजली गुल रहने से पानी भी गोल है। इस वजह से ग्रामवासियों को पानी संकट का सामना करना पड़ रहा है। गांव वाले कभी प्रधान, सचिव तो कभी जल निगम के पास चक्कर लगाते हैं। वहां से बिजली विभाग के पास जाने की सलाह मिलती है। बिजली महकमे में जेई से लेकर लाइनमैन तक बहाने बनाकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
मामले में डीएम अनुज कुमार झा का कहना है कि बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर पानी टंकियों के संचालन में आ रही बिजली समस्या का समाधान कराने में लापरवाही बरतने पर नाराजगी जताई गई है। उन्होंने तत्काल पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बिजली संबंधी समस्याओं का समाधान कराने के निर्देश दिए हैं।
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विद्युतीकरण कराने में हो रही देरी
बीते सालों में तैयार तमाम पानी की टंकियां बिजली के अभाव में पानी नहीं दे पा रही हैं। जल निगम सूत्रों के अनुसार विकास खंड तालग्राम के गांव मझपुरवा में पानी की टंकी का निर्माण कराया गया है। यहां पर लगे नलकूप संख्या एक, दो व तीन, बिराहिमपुर निजामपुर पेयजल योजना के एक नलकूप का विद्युतीकरण काम शुरू कराने में देर की जा रही है।
इसी तरह विकास खंड उमर्दा की ग्राम पंचायत रामपुर मझिला पेयजल योजना के नलकूप संख्या एक और दो, अलमापुर गांव में नलकूप संख्या एक का विद्युतीकरण अभी तक पूरा नहीं कराया गया है। छिबरामऊ विकास खंड के गांव निगोह खास में बनी पानी की टंकी के एक नलकूप, विशुनगढ़ ग्रामीण पेयजल योजना में भी एक नलकूप का ऊर्जीकरण का कार्य अब तक लटका है।
विकास खंड जलालाबाद की ग्राम सभा तिलपई डिगसरा के नलकूप संख्या एक व दो, नदसिया के नलकूप संख्या एक के विद्युतीकरण का कार्य भी अधूरा है। कन्नौज विकास खंड भी इनसे अछूता नहीं है। दरियापुर चंदई गांव में बनी पेयजल योजना के एक नलकूप का विद्युतीकरण कई महीने बीतने के बाद भी चालू नहीं हो सका है।
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महीनों से खराब पड़े ट्रांसफार्मर
उमर्दा ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत उमरन के नलकूप संख्या दो को करंट नहीं मिल पा रहा है। क्योंकि यहां पर लगा ट्रांसफार्मर कई महीने से खराब है। इसे ठीक कराने के लिए ग्रामीणों ने कई चक्कर काटे, लेकिन कोरे आश्वासन ही मिले। आज-कल करते-करते महीनों बीत गए पर ट्रांसफार्मर नहीं सुधरा।
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एचटी बुशिंग टूटी, जंफर लगे नहीं
तहसील क्षेत्र छिबरामऊ के गांव मिघौली में बनी पानी की टंकी को बिजली सप्लाई देने के लिए लगा ट्रांसफार्मर सफेद हाथी बना खड़ा है। इसकी एचटी बुशिंग टूटी है। तीनों जंफर भी नहीं लगे हैं। इस कारण पंप हाउस तक बिजली का करंट ही नहीं पहुंच पा रहा है। इस कारण से यह बंद पड़ा है और पेयजल आपूर्ति बाधित है।
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वर्जन---------------------
जिन टंकियों से पेयजल आपूर्ति होने में बिजली संकट बाधक बना है, उनका ब्यौरा अधिशासी अभिंयता विद्युत को भेज चुके हैं। कई मामलों में रिमाइंडर भी भेजे हैं। मौखिक तौर पर भी सुधार कराने का अनुरोध किया है। यदि मांग के अनुरूप बिजली मिलने लगे तो पानी की टंकी पूरी क्षमता से जलापूर्ति करने लगेंगी।
---राजेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम।
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ट्रांसफार्मर फुंकने की बात तो दूर मामूली फाल्ट ठीक करने में भी बिजली विभाग कई-कई दिन लगा देता है। ऊपर से लो-वोल्टेज की समस्या आग में घी का काम कर रही है। ऐसे में जल निगम और बिजली विभाग के अफसरों की जंग में जनता पिस रही है।
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कन्नौज। कहीं बिजली की कटौती से लहलहाती फसलें सूख रही हैं तो कहीं खराब ट्रांसफार्मर खलनायक साबित हो रहे हैं। आलम यह है कि बिजली के अभाव में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में एक दर्जन से ज्यादा पानी की टंकियां अपनी क्षमता के अनुसार लोगों को सुविधा नहीं दे पा रही हैं।
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जल निगम के अधिशासी अभियंता कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार नगर पंचायत समधन में पेयजल योजना के नलकूप संख्या एक पर लगे ट्रांसफार्मर से दर्जनों अवैध कनेक्शन लिए गए हैं। इस कारण कई महीने से ट्यूबवेल पूरी क्षमता से नहीं चल पाता है। नतीजतन टंकी कभी आधी तो कभी उससे कम भर पाती है।
इस कारण कस्बे के लोगों को पानी किल्लत से जूझना पड़ता है। इसके अलावा लो वोल्टेज के कारण ट्यूबवेल की मोटर अक्सर जल जाने की शिकायत भी मिलती है। जलकल परिसर में एक नया ट्रांसफार्मर लगाने के लिए पूरी धनराशि जमा कराई जा चुकी है। इसके बाद भी आज तक ट्रांसफार्मर नहीं लगा।
इसी तरह समधन पेयजल योजना के नलकूप संख्या दो पर भी लो-वोल्टेज की समस्या है। इस कारण नलकूप पूरी क्षमता से नहीं चल पा रहा है। जलालपुर पनवारा गांव में नलकूप नंबर दो पर ट्रांसफार्मर न रखे जाने के कारण नलकूप बंद पड़ा है। बिजली गुल रहने से पानी भी गोल है। इस वजह से ग्रामवासियों को पानी संकट का सामना करना पड़ रहा है। गांव वाले कभी प्रधान, सचिव तो कभी जल निगम के पास चक्कर लगाते हैं। वहां से बिजली विभाग के पास जाने की सलाह मिलती है। बिजली महकमे में जेई से लेकर लाइनमैन तक बहाने बनाकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
मामले में डीएम अनुज कुमार झा का कहना है कि बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर पानी टंकियों के संचालन में आ रही बिजली समस्या का समाधान कराने में लापरवाही बरतने पर नाराजगी जताई गई है। उन्होंने तत्काल पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बिजली संबंधी समस्याओं का समाधान कराने के निर्देश दिए हैं।
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विद्युतीकरण कराने में हो रही देरी
बीते सालों में तैयार तमाम पानी की टंकियां बिजली के अभाव में पानी नहीं दे पा रही हैं। जल निगम सूत्रों के अनुसार विकास खंड तालग्राम के गांव मझपुरवा में पानी की टंकी का निर्माण कराया गया है। यहां पर लगे नलकूप संख्या एक, दो व तीन, बिराहिमपुर निजामपुर पेयजल योजना के एक नलकूप का विद्युतीकरण काम शुरू कराने में देर की जा रही है।
इसी तरह विकास खंड उमर्दा की ग्राम पंचायत रामपुर मझिला पेयजल योजना के नलकूप संख्या एक और दो, अलमापुर गांव में नलकूप संख्या एक का विद्युतीकरण अभी तक पूरा नहीं कराया गया है। छिबरामऊ विकास खंड के गांव निगोह खास में बनी पानी की टंकी के एक नलकूप, विशुनगढ़ ग्रामीण पेयजल योजना में भी एक नलकूप का ऊर्जीकरण का कार्य अब तक लटका है।
विकास खंड जलालाबाद की ग्राम सभा तिलपई डिगसरा के नलकूप संख्या एक व दो, नदसिया के नलकूप संख्या एक के विद्युतीकरण का कार्य भी अधूरा है। कन्नौज विकास खंड भी इनसे अछूता नहीं है। दरियापुर चंदई गांव में बनी पेयजल योजना के एक नलकूप का विद्युतीकरण कई महीने बीतने के बाद भी चालू नहीं हो सका है।
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महीनों से खराब पड़े ट्रांसफार्मर
उमर्दा ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत उमरन के नलकूप संख्या दो को करंट नहीं मिल पा रहा है। क्योंकि यहां पर लगा ट्रांसफार्मर कई महीने से खराब है। इसे ठीक कराने के लिए ग्रामीणों ने कई चक्कर काटे, लेकिन कोरे आश्वासन ही मिले। आज-कल करते-करते महीनों बीत गए पर ट्रांसफार्मर नहीं सुधरा।
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एचटी बुशिंग टूटी, जंफर लगे नहीं
तहसील क्षेत्र छिबरामऊ के गांव मिघौली में बनी पानी की टंकी को बिजली सप्लाई देने के लिए लगा ट्रांसफार्मर सफेद हाथी बना खड़ा है। इसकी एचटी बुशिंग टूटी है। तीनों जंफर भी नहीं लगे हैं। इस कारण पंप हाउस तक बिजली का करंट ही नहीं पहुंच पा रहा है। इस कारण से यह बंद पड़ा है और पेयजल आपूर्ति बाधित है।
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जिन टंकियों से पेयजल आपूर्ति होने में बिजली संकट बाधक बना है, उनका ब्यौरा अधिशासी अभिंयता विद्युत को भेज चुके हैं। कई मामलों में रिमाइंडर भी भेजे हैं। मौखिक तौर पर भी सुधार कराने का अनुरोध किया है। यदि मांग के अनुरूप बिजली मिलने लगे तो पानी की टंकी पूरी क्षमता से जलापूर्ति करने लगेंगी।
---राजेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम।