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अंधता निवारण कार्यक्रम में बजट का रोड़ा

Mon, 14 Dec 2020 11:30 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Dec 2020 11:30 PM IST
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andhata nivaaran kaaryakram mein bajat ka roda
कन्नौज। अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगने वाले नि:शुल्क कैंप के लिए बजट का अभाव है। इससे एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी शिविर नहीं लग पा रहे हैं। नेत्र रोगियों को निजी अस्पतालों में हजारों रुपये खर्च कर मोतियाबिंद का आपरेशन कराना पड़ रहा है।
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नवंबर से अंधता निवारण कैंप लगने लगते हैं। कैंप में नेत्र रोगियों के मोतियाबिंद समेत आंख के अन्य आपरेशन किए जाते हैं। इस साल अब तक कैंप नहीं लगे। इसके पीछे बजट का न होना बताया गया है। वहीं विभाग का मानना है कि बजट की कमी नहीं है। अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत दवा व लेंस शासन से नामित कंपनी को देने थे। इन्हें कंपनी ने मुहैया नहीं कराया। इसी वजह से कैंप की शुरुआत नहीं हो सकी। विभाग के मुताबिक प्रति वर्ष पांच हजार नेत्र रोगियों के आपरेशन का लक्ष्य शासन से दिया जाता है। इसके सापेक्ष चार हजार नेत्र रोगियों के आपरेशन इसी योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग से होते हैं। अंधता निवारण कैंप में देरी से नेत्र रोगी निजी अस्पतालों में आपरेशन करा रहे हैं। इसके बदले उन्हें मनमाने रुपये चुकाने पड़ रहे हैं।
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इस तरह कैंप में लाए जाते नेत्र रोगी
अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत जिला मुख्यालय पर विनोद दीक्षित चिकित्सालय व जिला अस्पताल में मोतियाबिंद के आपरेशन के लिए कैंप लगते हैं। सीएचसी व पीएचसी में आने वाले नेत्र रोगियों की डॉक्टर जांच करते हैं। मोतियाबिंद निकलने पर सप्ताह में निर्धारित दो दिन जिला मुख्यालय पर एंबुलेंस से लाकर आपरेशन कराए जाते हैं। आपरेशन के बाद नेत्र रोगी को नि:शुल्क दवा व चश्मा देकर स्वास्थ्य विभाग घर तक भेजता है।
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