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पक्षी विहार में अखिलेश के हेलीकाप्टर को उतरने की नहीं मिली अनुमति
Tue, 23 Apr 2019 11:58 PM IST
प्रतीक दुबे
kannauj
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Published by: प्रतीक दुबे
Updated Tue, 23 Apr 2019 11:58 PM IST
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जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
लाख बहोसी पक्षी विहार में हेलीकाप्टर उतारने की परमीशन न मिलने से अखिलेश का कन्नौज दौरा रद्द हो गया। वाइल्ड लाइफ कंजरवेटर नीरज कुमार ने हेलीकाप्टर के शोर से पक्षियों को परेशानी होने की दलील देकर परमीशन की अर्जी को खारिज कर दिया। इसकी जानकारी पर सपा नेताओं में रोष फैल गया। सांसद प्रतिनिधि नवाब सिंह यादव ने इसे प्रदेश सरकार की तानाशाही बताया। कहा कि जब डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा का हेलीकाप्टर वहां उतर सकता है तो अखिलेश का क्यों नहीं।
बिधूना में जनसभा को संबोधित करने के बाद अखिलेश को मंगलवार शाम साढ़े चार बजे कन्नौज आना था। उनके हेलीकाप्टर को लाख बहोसी पक्षी विहार में बने हेलीपैड पर उतारने के लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी। अनुमति को डीएफओ की ओर से वाइल्ड लाइफ कंजरवेटर नीरज कुमार के पास स्वीकृति के लिए भेजा गया तो उन्होंने इस पर आपत्ति लगा दी। हवाला दिया कि हेलीकाप्टर की आवाज से पक्षियों को परेशानी होती है। हेलीकाप्टर उतरने की परमीशन न मिलने से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कन्नौज नहीं आ सके। सपा नेता नवाब सिंह यादव ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष को इंदरगढ़ के भगतापुर में रहने वाले पूर्व मंत्री विजय बहादुर पाल के घर जाना था। जिला प्रशासन ने हेलीकाप्टर उतरने की स्वीकृति नहीं दी। कहा, कि यह प्रदेश सरकार की तानाशाही है। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के हेलीकाप्टर को पक्षी विहार में बने हेलीपैड पर ही उतारा गया था, तब वहां के पक्षियों की परेशानी अफसरों को क्यों नहीं दिखाई दी। इससे पहले भी कई बार पक्षी विहार के हेलीपैड का इस्तेमाल होता रहा है।
जिला निर्वाचन अधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि वाइल्ड लाइफ कंजरवेटर को पक्षी विहार में हेलीकाप्टर उतारे जाने पर आपत्ति थी। इसलिए उन्होंने स्वीकृति नहीं दी। तिर्वा एसडीएम महेंद्र कुमार ने कंजरवेटर से बात भी की थी, लेकिन वह राजी नहीं हुए। इसमें जिला प्रशासन की कोई भूमिका नहीं है।
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बिधूना में जनसभा को संबोधित करने के बाद अखिलेश को मंगलवार शाम साढ़े चार बजे कन्नौज आना था। उनके हेलीकाप्टर को लाख बहोसी पक्षी विहार में बने हेलीपैड पर उतारने के लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी। अनुमति को डीएफओ की ओर से वाइल्ड लाइफ कंजरवेटर नीरज कुमार के पास स्वीकृति के लिए भेजा गया तो उन्होंने इस पर आपत्ति लगा दी। हवाला दिया कि हेलीकाप्टर की आवाज से पक्षियों को परेशानी होती है। हेलीकाप्टर उतरने की परमीशन न मिलने से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कन्नौज नहीं आ सके। सपा नेता नवाब सिंह यादव ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष को इंदरगढ़ के भगतापुर में रहने वाले पूर्व मंत्री विजय बहादुर पाल के घर जाना था। जिला प्रशासन ने हेलीकाप्टर उतरने की स्वीकृति नहीं दी। कहा, कि यह प्रदेश सरकार की तानाशाही है। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के हेलीकाप्टर को पक्षी विहार में बने हेलीपैड पर ही उतारा गया था, तब वहां के पक्षियों की परेशानी अफसरों को क्यों नहीं दिखाई दी। इससे पहले भी कई बार पक्षी विहार के हेलीपैड का इस्तेमाल होता रहा है।
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जिला निर्वाचन अधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि वाइल्ड लाइफ कंजरवेटर को पक्षी विहार में हेलीकाप्टर उतारे जाने पर आपत्ति थी। इसलिए उन्होंने स्वीकृति नहीं दी। तिर्वा एसडीएम महेंद्र कुमार ने कंजरवेटर से बात भी की थी, लेकिन वह राजी नहीं हुए। इसमें जिला प्रशासन की कोई भूमिका नहीं है।
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