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‘एड्स से बचाव को जागरूकता जरूरी’
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Tue, 01 Dec 2015 12:20 AM IST
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जिला एड्स नियंत्रण सोसाइटी के तत्वावधान में सोमवार
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को पीएसएम कालेज में एड्स विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें युवाओं
ने वर्तमान परिदृश्य में एचआईवी एड्स की जानकारियों पर चर्चा की। इस मौके
पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बीए तृतीय वर्ष के छात्र धीरज द्विवेदी ने कहा कि हमारे देश में ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की कमी है। कहा कि युवा वर्ग शिक्षित नहीं है, इसलिए जानकारी के अभाव में वह बीमारी से बचाव नहीं कर पाते। उन्हें जागरूक करना जरूरी है।
वर्तमान समय में युवा वर्ग हर क्षेत्र में अपना योगदान दे रहा है, इसलिए युवाओं को पहले जागरूक किया जाए, जिससे वह भयानक बीमारी से बच सकें। एमए द्वितीय वर्ष की छात्रा अंकिता ने बताया कि एड्स बीमारी से सबसे अधिक युवा वर्ग चपेट में आता है। इनको जागरूक करने की सबसे अधिक जरूरत है।
जब तक युवा वर्ग जागरूक नहीं होगा, तब तक इस बीमारी पर नियंत्रण पाना संभव नहीं है। यह रोग संक्रमित सुई, ब्लेड के प्रयोग से भी हो जाता है। आज का युवा बुराइयों में लिप्त होता जा रहा है। कहा कि उसे यह जानकारी नहीं कि यह बीमारी कैसे फैलती है, जिससे वह शिकार हो जाता है और दूसरों को भी रोग से ग्रसित कर देता है।
बीए तृतीय वर्ष की छात्रा उमा पांडेय, एमए द्वितीय वर्ष की जिज्ञासा ने भी एड्स से बचाव संबंधी जानकारियां दीं। नोडल अधिकारी एड्स डा. केपी मधेसिया ने कहा कि यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति द्वारा प्रयोग किए गए औजार सुई, ब्लेड के इस्तेमाल करने से भी फैलती है। युवाओं को इसकी जानकारी होना आवश्यक है।
प्रतियोगिता के दौरान धीरज द्विवेदी ने प्रथम, अंकिता ने द्वितीय और उमा पांडेय ने तृतीय तथा जिज्ञासा ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। इस दौरान प्राचार्य सुनीति मिश्रा, डा. सुरेंद्र कुमार, डा. कृष्णकांत, डीटीओ अजहर हसन, अंशुल यादव, अखिलेश, दीपक, संध्या, अनुपम आदि मौजूद थे।
कार्यक्रम के दौरान बीए तृतीय वर्ष के छात्र धीरज द्विवेदी ने कहा कि हमारे देश में ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की कमी है। कहा कि युवा वर्ग शिक्षित नहीं है, इसलिए जानकारी के अभाव में वह बीमारी से बचाव नहीं कर पाते। उन्हें जागरूक करना जरूरी है।
वर्तमान समय में युवा वर्ग हर क्षेत्र में अपना योगदान दे रहा है, इसलिए युवाओं को पहले जागरूक किया जाए, जिससे वह भयानक बीमारी से बच सकें। एमए द्वितीय वर्ष की छात्रा अंकिता ने बताया कि एड्स बीमारी से सबसे अधिक युवा वर्ग चपेट में आता है। इनको जागरूक करने की सबसे अधिक जरूरत है।
जब तक युवा वर्ग जागरूक नहीं होगा, तब तक इस बीमारी पर नियंत्रण पाना संभव नहीं है। यह रोग संक्रमित सुई, ब्लेड के प्रयोग से भी हो जाता है। आज का युवा बुराइयों में लिप्त होता जा रहा है। कहा कि उसे यह जानकारी नहीं कि यह बीमारी कैसे फैलती है, जिससे वह शिकार हो जाता है और दूसरों को भी रोग से ग्रसित कर देता है।
बीए तृतीय वर्ष की छात्रा उमा पांडेय, एमए द्वितीय वर्ष की जिज्ञासा ने भी एड्स से बचाव संबंधी जानकारियां दीं। नोडल अधिकारी एड्स डा. केपी मधेसिया ने कहा कि यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति द्वारा प्रयोग किए गए औजार सुई, ब्लेड के इस्तेमाल करने से भी फैलती है। युवाओं को इसकी जानकारी होना आवश्यक है।
प्रतियोगिता के दौरान धीरज द्विवेदी ने प्रथम, अंकिता ने द्वितीय और उमा पांडेय ने तृतीय तथा जिज्ञासा ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। इस दौरान प्राचार्य सुनीति मिश्रा, डा. सुरेंद्र कुमार, डा. कृष्णकांत, डीटीओ अजहर हसन, अंशुल यादव, अखिलेश, दीपक, संध्या, अनुपम आदि मौजूद थे।