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300 बीघा खेतों में आलू न उगने से किसान परेशान
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कन्नौज/जलालाबाद। जनपद में आलू बीज शोधन के लिए दवा लगाने से फसल न उगने का रकबा बढ़ता ही जा रहा है। अधिकारियों के पास्र शिकायतें मिलने लगीं हैं। करीब 300 बीघा नया रकबा बढ़ने की आशंका है।
ब्लॉक सदर कन्नौज क्षेत्र के 10 से 12 गांव में हुए करीब 200 एकड़ जमीन में नुकसान के बाद अब जलालाबाद ब्लॉक क्षेत्र में भी बीज शोधन के बाद 300 बीघा खेतों में आलू नहीं उगा है। क्षेत्र के गांव जलालाबाद, तरपुरवा, मसीटपुरवा, तिलपई, मूसरि, मदारपुर आदि के किसानों ने आलू बीज शोधन के लिए कृषि दुकान से खरीदकर दवा लगाई थी।
20 दिन हो जाने के बाद भी मिट्टी के बाहर आलू बीज अंकुरित नहीं हुआ है। कुछ किसानों ने अपना आलू जुतवा दिया है। जलालाबाद निवासी अनिल पाठक ने बताया कि उन्होंने करीब तीन सप्ताह पहले 15 बीघा आलू बीज की गढ़ाई की थी, जिसमें अब तक किल्ला नहीं आया है।
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गांव के ही संजीव पाठक ने आठ बीघा, रामजी पाठक ने छह बीघा, रमेश पाठक ने सात बीघा, शिव कुमार बाथम ने नौ और अनुपम तिवारी ने दो बीघा खेतों में 15 दिन का समय निकलने के बाद भी आलू न उगने की शिकायत की है।
इसी तरह मसीटपुरवा गांव के महेश पाल ने 10 बीघा, बबलू पाल ने दो, सुनील पाल ने चार, मुन्नू यादव ने 15 बीघा, चुन्नू यादव ने सात बीघा, संतोष यादव व राजू यादव ने तीन-तीन बीघा और मूसरि गांव के कमलेश ने दो बीघा जमीन में आलू न उगने की बात कही है। किसान मुरारी तोमर व इंद्रपाल तोमर का कहना है कि किसान फिर से बर्बाद हो रहा है।
गुरुवार को सुबह जलालाबाद क्षेत्र से एक किसान का फोन आया था। ब्लॉक उमर्दा क्षेत्र के करौंदा शाहनगर निवासी बृजेेश ने भी आठ बीघा जमीन में आलू का जमाव न होने की लिखित शिकायत दी है। टीम सर्वे कर रही है, ताकि कारण पता लगाया जा सके।
- आवेश सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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ब्लॉक सदर कन्नौज क्षेत्र के 10 से 12 गांव में हुए करीब 200 एकड़ जमीन में नुकसान के बाद अब जलालाबाद ब्लॉक क्षेत्र में भी बीज शोधन के बाद 300 बीघा खेतों में आलू नहीं उगा है। क्षेत्र के गांव जलालाबाद, तरपुरवा, मसीटपुरवा, तिलपई, मूसरि, मदारपुर आदि के किसानों ने आलू बीज शोधन के लिए कृषि दुकान से खरीदकर दवा लगाई थी।
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20 दिन हो जाने के बाद भी मिट्टी के बाहर आलू बीज अंकुरित नहीं हुआ है। कुछ किसानों ने अपना आलू जुतवा दिया है। जलालाबाद निवासी अनिल पाठक ने बताया कि उन्होंने करीब तीन सप्ताह पहले 15 बीघा आलू बीज की गढ़ाई की थी, जिसमें अब तक किल्ला नहीं आया है।
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गांव के ही संजीव पाठक ने आठ बीघा, रामजी पाठक ने छह बीघा, रमेश पाठक ने सात बीघा, शिव कुमार बाथम ने नौ और अनुपम तिवारी ने दो बीघा खेतों में 15 दिन का समय निकलने के बाद भी आलू न उगने की शिकायत की है।
इसी तरह मसीटपुरवा गांव के महेश पाल ने 10 बीघा, बबलू पाल ने दो, सुनील पाल ने चार, मुन्नू यादव ने 15 बीघा, चुन्नू यादव ने सात बीघा, संतोष यादव व राजू यादव ने तीन-तीन बीघा और मूसरि गांव के कमलेश ने दो बीघा जमीन में आलू न उगने की बात कही है। किसान मुरारी तोमर व इंद्रपाल तोमर का कहना है कि किसान फिर से बर्बाद हो रहा है।
गुरुवार को सुबह जलालाबाद क्षेत्र से एक किसान का फोन आया था। ब्लॉक उमर्दा क्षेत्र के करौंदा शाहनगर निवासी बृजेेश ने भी आठ बीघा जमीन में आलू का जमाव न होने की लिखित शिकायत दी है। टीम सर्वे कर रही है, ताकि कारण पता लगाया जा सके।
- आवेश सिंह, जिला कृषि अधिकारी