{"_id":"5dc5bd5e8ebc3e5b467ef410","slug":"advocates-are-deviating-from-judicial-work-kannauj-news-knp5246763157","type":"story","status":"publish","title_hn":"न्यायिक कार्य से विरत रहे वकील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
न्यायिक कार्य से विरत रहे वकील
विज्ञापन
एसडीएम गौरव शुक्ला को ज्ञापन सौंपते वकील।
- फोटो : CHIBRAMAU
कन्नौज/छिबरामऊ। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर शुक्रवार को वकील न्यायिक कार्य से विरत रहे। कन्नौज बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने जिला जज मुशीर अहमद अब्बासी को प्रस्ताव सौंपा। उधर, छिबरामऊ के वकीलों ने सात मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से संबोधित ज्ञापन एसडीएम गौरव शुक्ला को दिया।
सुबह करीब 11 बजे कन्नौज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष फहीम जमा खां के नेतृत्व में महामंत्री प्रेमचंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष अवधेश पाल, विमल दोहरे, रामभजन पाल, अय्यूब खां, कमालुद्दीन खान, शिवशंकर द्विवेदी, जगदीश चंद्र दुबे, महेंद्र नाथ मिश्रा, सईद खां और अश्वनी गुप्ता समेत तमाम अधिवक्ता जिला जज से मिले और उन्हें प्रस्ताव सौंपा। वकीलों की हड़ताल के कारण कोर्ट में भीड़भाड़ नहीं दिखी। कुछ लोग कोर्ट के काम से पहुंचे भी तो हड़ताल की जानकारी पर लौट गए।
छिबरामऊ में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव जीतू, महासचिव ललित प्रताप सिंह व पंकज मिश्रा के नेतृत्व में वकीलों ने एसडीएम गौरव शुक्ला को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि भारत वर्ष में लगातार हो रही वकीलों की हत्याओं से दहशत का माहौल बना हुआ है। जिससे वह स्वतंत्र होकर वादकारियों की पैरवी नहीं कर पा रहे हैं। तीस हजारी कोर्ट दिल्ली में पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई फायरिंग से घायल हुए अधिवक्ताओं को दस लाख का मुआवजा दिया जाए।
विज्ञापन
प्रदेश में जिन वकीलों की हत्या हुई है, उनके हत्यारों की गिरफ्तारी की जाए। उत्तर प्रदेश कल्याण निधि न्यासी से मृतक अधिवक्ताओं के वर्षों से लंबित दावों का निस्तारण प्राथमिकता से सुनिश्चित कराया जाए और वकीलों को प्रोत्साहन भत्ता दिया जाए। अधिवक्ता भविष्य निधि की धनराशि 1.25 लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जाए। किसी भी पुलिस अधिकारी को न्यायालय परिसर में असलहे लेकर प्रवेश न दिया जाए। प्रदेश में अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम शीघ्र पारित कर उसको लागू किया जाए। इस दौरान दिनेश शाक्य, सुशील पांडेय, विमलेश तिवारी, राजेश बाबू सहित कई वकील मौजूद रहे।
विज्ञापन
सुबह करीब 11 बजे कन्नौज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष फहीम जमा खां के नेतृत्व में महामंत्री प्रेमचंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष अवधेश पाल, विमल दोहरे, रामभजन पाल, अय्यूब खां, कमालुद्दीन खान, शिवशंकर द्विवेदी, जगदीश चंद्र दुबे, महेंद्र नाथ मिश्रा, सईद खां और अश्वनी गुप्ता समेत तमाम अधिवक्ता जिला जज से मिले और उन्हें प्रस्ताव सौंपा। वकीलों की हड़ताल के कारण कोर्ट में भीड़भाड़ नहीं दिखी। कुछ लोग कोर्ट के काम से पहुंचे भी तो हड़ताल की जानकारी पर लौट गए।
विज्ञापन
छिबरामऊ में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव जीतू, महासचिव ललित प्रताप सिंह व पंकज मिश्रा के नेतृत्व में वकीलों ने एसडीएम गौरव शुक्ला को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि भारत वर्ष में लगातार हो रही वकीलों की हत्याओं से दहशत का माहौल बना हुआ है। जिससे वह स्वतंत्र होकर वादकारियों की पैरवी नहीं कर पा रहे हैं। तीस हजारी कोर्ट दिल्ली में पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई फायरिंग से घायल हुए अधिवक्ताओं को दस लाख का मुआवजा दिया जाए।
विज्ञापन
प्रदेश में जिन वकीलों की हत्या हुई है, उनके हत्यारों की गिरफ्तारी की जाए। उत्तर प्रदेश कल्याण निधि न्यासी से मृतक अधिवक्ताओं के वर्षों से लंबित दावों का निस्तारण प्राथमिकता से सुनिश्चित कराया जाए और वकीलों को प्रोत्साहन भत्ता दिया जाए। अधिवक्ता भविष्य निधि की धनराशि 1.25 लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जाए। किसी भी पुलिस अधिकारी को न्यायालय परिसर में असलहे लेकर प्रवेश न दिया जाए। प्रदेश में अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम शीघ्र पारित कर उसको लागू किया जाए। इस दौरान दिनेश शाक्य, सुशील पांडेय, विमलेश तिवारी, राजेश बाबू सहित कई वकील मौजूद रहे।