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गेहूं की फसल पर बारिश का ग्रहण
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Wed, 15 Apr 2015 11:41 PM IST
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बेमौसम बारिश ने बुधवार को एक बार फिर किसानों के लिए मुसीबत साबित हुई। इससे पूर्व हुई बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल काफी हद तक बर्बाद हो गई थी। वहीं सुबह हुई बारिश से क्षेत्र में मड़ाई के लिए खेतों में रखी फसलें भी भींग गईं। खेतों में जलभराव भी हो गया।
बुधवार सुबह हुई कई घंटे बारिश से खेतों में जलभराव की स्थिति हो गई। क्षेत्र के कई किसानों की खेतों में मड़ाई के लिए खेतों में रखी फसलें भींग गईं। किसान कटी हुई फसल को बारिश से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रख रहे हैं। किसानों का कहना है जब तक फसल तेज धूप में सूखेगी नहीं तब तक उसकी मड़ाई संभव नहीं है। ऐसे में फसल सड़ भी सकती है।
ऐसी हालत में किसानों को गल्ला तो दूर भूसा तक नहीं मिलेगा। बारिश होने से पूरे दिन किसानों के चेहरों पर मायूसी छाई रही। वहीं झमाझम हुई बारिश से नगर के कई मोहल्लों की गलियों में भी जलभराव की स्थिति देखी गई। कई घंटे हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। बिजली की गड़गड़ाहट के साथ बारिश से बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। अस्पताल में भी मरीजों की संख्या कम देखने को मिली।
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बुधवार सुबह हुई कई घंटे बारिश से खेतों में जलभराव की स्थिति हो गई। क्षेत्र के कई किसानों की खेतों में मड़ाई के लिए खेतों में रखी फसलें भींग गईं। किसान कटी हुई फसल को बारिश से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रख रहे हैं। किसानों का कहना है जब तक फसल तेज धूप में सूखेगी नहीं तब तक उसकी मड़ाई संभव नहीं है। ऐसे में फसल सड़ भी सकती है।
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ऐसी हालत में किसानों को गल्ला तो दूर भूसा तक नहीं मिलेगा। बारिश होने से पूरे दिन किसानों के चेहरों पर मायूसी छाई रही। वहीं झमाझम हुई बारिश से नगर के कई मोहल्लों की गलियों में भी जलभराव की स्थिति देखी गई। कई घंटे हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। बिजली की गड़गड़ाहट के साथ बारिश से बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। अस्पताल में भी मरीजों की संख्या कम देखने को मिली।
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