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अब कोरोना संक्रमण की गंभीरता जानने को होगी डी-डायमर जांच
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राजकीय मेडिकल कालेज का प्रशासनिक भवन।
- फोटो : KANNAUJ
तिर्वा(कन्नौज)। मेडिकल कालेज प्रशासन ने कोरोना संक्रमण की जांच के लिए डी-डायमर मशीन मंगवाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। इससे पता चल सकेगा कि लोगों में कितने प्रतिशत कोरोना है। यह प्रभावित करेगा या नहीं। इस मशीन की कीमत करीब दस लाख रुपये है।
मेडिकल कालेज प्रशासन ने आने वाले मरीजों में संक्रमण की गंभीरता पहचानने के लिए डी-डायमर जांच की सुविधा शुरू करने की तैयारी की है। डी-डायमर जांच के लिए मशीन का प्रस्ताव भेज दिया गया है। मेडिकल कालेज प्रचार्य डॉ.नवनीत कुमार ने बताया कि डी-डायमर जांच से पता चल सकेगा कि कितने प्रतिशत कोरोना संक्रमण का प्रभाव व्यक्ति पर रहा। जब किसी को कोई संक्रमण होने लगता है तो उसके फेफड़ों पर थक्के जम जाते हैं। उपचार के बाद वह सही हो जाते हैं। डी-डायमर जांच से इसके बारे में भी पता लगाया जा सकेगा। जांच में यह भी पता लगेगा कि ठीक होने के बाद भी संक्रमण का खतरा है या नहीं।
वहीं ब्लड बैक प्रभारी डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि आईसीयू में भर्ती अधिकांश मरीजों में संक्रमण का पता करने के लिए डी-डायमर जांच कराई जाती है। यह जांच रक्त में छिपे कणों से की जाती है। (संवाद)
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मेडिकल कालेज प्रशासन ने आने वाले मरीजों में संक्रमण की गंभीरता पहचानने के लिए डी-डायमर जांच की सुविधा शुरू करने की तैयारी की है। डी-डायमर जांच के लिए मशीन का प्रस्ताव भेज दिया गया है। मेडिकल कालेज प्रचार्य डॉ.नवनीत कुमार ने बताया कि डी-डायमर जांच से पता चल सकेगा कि कितने प्रतिशत कोरोना संक्रमण का प्रभाव व्यक्ति पर रहा। जब किसी को कोई संक्रमण होने लगता है तो उसके फेफड़ों पर थक्के जम जाते हैं। उपचार के बाद वह सही हो जाते हैं। डी-डायमर जांच से इसके बारे में भी पता लगाया जा सकेगा। जांच में यह भी पता लगेगा कि ठीक होने के बाद भी संक्रमण का खतरा है या नहीं।
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वहीं ब्लड बैक प्रभारी डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि आईसीयू में भर्ती अधिकांश मरीजों में संक्रमण का पता करने के लिए डी-डायमर जांच कराई जाती है। यह जांच रक्त में छिपे कणों से की जाती है। (संवाद)
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