{"_id":"6054e64d8ebc3edb5372ff99","slug":"aagara-lakhanoo-eksapresave-prakaran-lekhapaal-sangh-ke-tahaseel-adhyaksh-samet-aath-par-mukadama-kannauj-news-knp6186760137","type":"story","status":"publish","title_hn":"आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे प्रकरण: लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष समेत आठ पर मुकदमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे प्रकरण: लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष समेत आठ पर मुकदमा
विज्ञापन
सौरिख(कन्नौज)। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे में अधिगृहीत जमीनों में नया मामला सामने आया है। चेयरमैन प्रतिनिधि ने लेखपाल से सांठगांठ कर हिस्से से अधिक जमीन का बैनामा करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने लेखपाल समेत आठ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
नगर पंचायत सौरिख के चेयरमैन प्रतिनिधि शशांक चतुर्वेदी ने बताया कि हुसेपुर मौजा में जमीन है। इस गाटे में राजाराम, जबर, सुरेश, प्रकाश, तेज सिंह, जबर सिंह, भूरे सिंह (निवासी सुल्तानपुर) सह खातेदार हैं। इन सभी ने लेखपाल सर्वेश यादव से सांठगांठ कर ली। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे निर्माण में अपने हिस्से से अधिक जमीन का बैनामा यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण)के पक्ष में कर दिया। हम लोगों से हिस्से से कम जमीन का बैनामा कराया गया था। गांव जाकर शिकायत करने पर यह गाली गलौज करने लगे। कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी। सीओ शिव कुमार थापा ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर प्रभारी निरीक्षक पूनम अवस्थी ने जांच शुरू करा दी है। वहीं लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष सर्वेश यादव ने बताया कि अंश निर्धारण के समय संजय चतुर्वेदी व हिमांशु चतुर्वेदी ने क्रय की गई भूमि का बैनामा नहीं दिखाया था। न ही अंश निर्धारण पर आपत्ति दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता को अंश निर्धारण पर आपत्ति थी तो बैनामे के समय प्रस्तुत करनी चाहिए थी। गलत अंश निर्धारण कर बैनामा कराने का आरोप निराधार है।
आर्थिक अपराध शाखा कर रही जांच
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान अमोलर, बरगांव, बहादुरपुर मझिगवां, भीकमपुर सानी, डडौनी, हुसेपुर, मिश्रावाद, मुंडाला, नरमऊ, मुसाफिरपुर, नगला खेमकरन, सलेमपुर, सौरिख, सिकंदरपुर व तालग्राम देहात क्षेत्र के 61 बैनामों की जांच आर्थिक अपराध शाखा कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर पंचायत सौरिख के चेयरमैन प्रतिनिधि शशांक चतुर्वेदी ने बताया कि हुसेपुर मौजा में जमीन है। इस गाटे में राजाराम, जबर, सुरेश, प्रकाश, तेज सिंह, जबर सिंह, भूरे सिंह (निवासी सुल्तानपुर) सह खातेदार हैं। इन सभी ने लेखपाल सर्वेश यादव से सांठगांठ कर ली। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे निर्माण में अपने हिस्से से अधिक जमीन का बैनामा यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण)के पक्ष में कर दिया। हम लोगों से हिस्से से कम जमीन का बैनामा कराया गया था। गांव जाकर शिकायत करने पर यह गाली गलौज करने लगे। कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी। सीओ शिव कुमार थापा ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर प्रभारी निरीक्षक पूनम अवस्थी ने जांच शुरू करा दी है। वहीं लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष सर्वेश यादव ने बताया कि अंश निर्धारण के समय संजय चतुर्वेदी व हिमांशु चतुर्वेदी ने क्रय की गई भूमि का बैनामा नहीं दिखाया था। न ही अंश निर्धारण पर आपत्ति दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता को अंश निर्धारण पर आपत्ति थी तो बैनामे के समय प्रस्तुत करनी चाहिए थी। गलत अंश निर्धारण कर बैनामा कराने का आरोप निराधार है।
विज्ञापन
आर्थिक अपराध शाखा कर रही जांच
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान अमोलर, बरगांव, बहादुरपुर मझिगवां, भीकमपुर सानी, डडौनी, हुसेपुर, मिश्रावाद, मुंडाला, नरमऊ, मुसाफिरपुर, नगला खेमकरन, सलेमपुर, सौरिख, सिकंदरपुर व तालग्राम देहात क्षेत्र के 61 बैनामों की जांच आर्थिक अपराध शाखा कर रही है।
विज्ञापन