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एक्सप्रेसवे पर मिली किशोरी बनी पहेली, नहीं बताई पहचान, चाइल्ड हेल्प लाइन के अधिकारियों ने भी की पूछताछ, नहीं बोली
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तिर्वा(कन्नौज)। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर लावारिस हालत में मिली किशोरी पुलिस अधिकारियों के लिए पहेली बन गई है। काफी पूछताछ के बाद भी उसने किसी को नाम-पता नहीं बताया। मेडिकल परीक्षण कराने के बाद पुलिस अधिकारियों ने बाल कल्याण समिति को सौंपने का फैसला लिया है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर अरौल कट के पास सोमवार रात बाइक सवार को 17 वर्षीय किशोरी मिली थी। उसने पुलिस को सौंप दिया था। किशोरी अपना नाम, पता पुलिस को नहीं बता रही है। दूसरे दिन मंगलवार को मेडिकल कालेज में भर्ती किशोरी से चाइल्ड हेल्प लाइन टीम के अधिकारियों ने भी पूछताछ की। उसने कुछ नहीं बताया। किशोरी मिलने की जानकारी होने पर हरदोई जनपद से एक परिवार शिनाख्त करने पहुंचा। इन्होंने अपनी बेटी न होने की बात कही। इससे पुलिस अब किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराकर बाल कल्याण समिति को सौंपेगी।
सीओ दीपक दुबे ने बताया कि किशोरी अपनी पहचान नहीं बता रही है। इससे उसके परिवार का पता नहीं चल पा रहा है। बुधवार को जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर अरौल कट के पास सोमवार रात बाइक सवार को 17 वर्षीय किशोरी मिली थी। उसने पुलिस को सौंप दिया था। किशोरी अपना नाम, पता पुलिस को नहीं बता रही है। दूसरे दिन मंगलवार को मेडिकल कालेज में भर्ती किशोरी से चाइल्ड हेल्प लाइन टीम के अधिकारियों ने भी पूछताछ की। उसने कुछ नहीं बताया। किशोरी मिलने की जानकारी होने पर हरदोई जनपद से एक परिवार शिनाख्त करने पहुंचा। इन्होंने अपनी बेटी न होने की बात कही। इससे पुलिस अब किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराकर बाल कल्याण समिति को सौंपेगी।
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सीओ दीपक दुबे ने बताया कि किशोरी अपनी पहचान नहीं बता रही है। इससे उसके परिवार का पता नहीं चल पा रहा है। बुधवार को जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
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