फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   वित्तविहीन शिक्षकों ने खोला मोर्चा

वित्तविहीन शिक्षकों ने खोला मोर्चा

Sat, 12 May 2012 12:00 PM IST
Kannauj
Kannauj Updated Sat, 12 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
कन्नौज। केकेसीएन इंटर कालेज परिसर में शुक्रवार को वित्त विहीन विद्यालयों के उन शिक्षकों की बैठक आयोजित हुई जिनसे कालेजों ने कम मानदेय देकर भरपूर काम लिया। शासन से जब उनको मानदेय देने की बात आई तो उनका बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। वित्त विहीन शिक्षकों ने बैठक में खुलकर अपनी समस्याएं रखी। शिक्षकों ने कहा कि प्रबंधक शासन की ओर से मांगी गई हार्डकापी में उनका नाम शामिल करने के लिए एक से दो लाख रुपए की मांग कर रहे हैं। धनराशि न दिए जाने पर उनको विद्यालय से निकाल देने व नाम न शामिल किए जाने की धमकी दी जा रही है। बेनी माधव इंटर कालेज ठठिया के सुनील रावत, सुशील शर्मा, अनुपम दुबे, आरबी शिक्षा सदन इंटर कालेज कुरियाना के शिक्षक हरिओम सिंह यादव, आदर्श जनता इंटर कालेज शिवनाथ सिंह यादव, रमेश चंद्र, देवीशरण शर्मा, वीरेंद्र सिंह, तोताराम हा.से.रतनपुर के शिक्षक गंगाराम, आदर्श शिक्षा सदन हा.से.नगला पचू के फूल सहाय शाक्य, अनिल कुमार, पूरन सिंह जनवेश सिंह, गंधर्व सिंह, अशोक कुमार, प्रदीप कुमार आदि सैकड़ों शिक्षकों ने बताया कि 1 लाख से 2 लाख रुपे की मांग की जा रही है। बैठक को संबोधित करते हुए माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण यादव ने सभी को आश्वस्त किया कि उनके नाम डीआईओएस से पहल करके उनके संबंधित विद्यालय से शामिल कराए जाएंगे। महामंत्री शिवनाथ सिंह वर्मा ने एक स्वर से प्रबंधकों के खिलाफ संघर्ष का ऐलान किया। साथ उन प्रबंधकों का आभार जताया जिन लोगों ने सही शिक्षकों का चयन करके हार्ड कापी डीआईओएस कार्यालय भेजी है। जिलाध्यक्ष ने वित्त विहीन शिक्षकों से कहा कि हक की लड़ाई के लिए वह धरना, प्रदर्शन, आंदोलन व जेल जाने के लिए तैयार रहें। कोई भी हक बिना छीने नहीं मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed