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कर्जदार कोई और ताला किसी और के घर पड़ा
Kannauj
Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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छिबरामऊ (कन्नौज)। करे कोई और भरे कोई यह कहावत उस समय चरितार्थ हो गई जब बिना किसी कर्ज के एक शिक्षक के मकान को बैंक ने अधिग्रहीत कर उसमें ताला डाल दिया।
रामनगर निवासी शिक्षक देशराज पाल के घर गुरुवार की शाम करीब 4 बजे कोतवाली पुलिस के साथ स्थानीय बैंक आफ इंडिया के कर्मचारी पहुंचे।
बैंककर्मियों ने उनसे मकान से बाहर निकल जाने और उसमें ताला लगाने की बात कही, इस पर गृहस्वामी व उनके पुत्रों के बीच कहासुनी होने लगी। बैंक की ओर से आए प्रवर्तन अधिकारी हीरालाल ने कहा कि, ‘जिस जमीन पर आप रह रहे हैं वह बैंक के पास कर्ज के एवज में बंधक है, चूंकि कर्ज की अदायगी नहीं की गई है ऐसी स्थिति में जिलाधिकारी के आदेश पर वह इस मकान को अधिग्रहीत कर ताला डाल रहे हैं’। इसके बाद बैंककर्मी ने पुलिस की मौजूदगी में मकान के मुख्य गेट में ताला डाल दिया। उधर, गृहस्वामी देशराज ने बताया कि उन्होंने उक्त प्लाट दुर्गा नरायन से खरीदा था। जमीन लेते समय उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि उक्त प्लाट पर बैंक से कर्ज लिया गया है।
बताते चलें कि चंद्रशेखर गुप्ता ने कारखाने के लिए बैंक आफ इंडिया से लोन लिया था। ऋण लेते समय दुर्गा नरायन ने चंद्रशेखर की जमानत के रूप में इस प्लाट के कागज लगाए थे। चूंकि यह प्लाट मुन्नीदेवी पत्नी ज्ञान सिंह के नाम था उनसे दुर्गा नरायन ने खरीदा था और दुर्गा नरायन ने बाद में यह प्लाट देशराज को बेच दिया था। देशराज कहना है कि बैंककर्मी असली कर्जदार चंद्रशेखर के पास न तो वसूली के लिए जाते हैं और न ही उनकी गारंटी लेने वालों के पास। उन लोगों ने बेवजह उसे परेशान करने के लिए उसके मकान में ताला डाल दिया है। उसने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस कार्रवाई के खिलाफ न्यायालय की शरण लेंगे।
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प्रभात मार्केट के अंदर अंसार की अधिग्रहीत की गई दुकानों पर गेट न होने से उसमें तालाबंदी न हो सकी। अब उसकी रखवाली के लिए एक व्यक्ति रखा जाएगा जिसका खर्चा बैंक वहन करेगा। डीएम के आदेश पर कोतवाली पुलिस के साथ तालाबंदी करने आए बैंक आफ इंडिया के इनफोर्समेंट अधिकारी हीरालाल ने बताया कि बैंक से लिए ऋण का लाखों रुपए बकाया जमा न करने पर प्रभात मार्केट के अंदर स्थित अंसार चूड़ी वाले की दुकान पर शटर या गेट न लगा होने के कारण उसमें तालाबंदी नहीं की जा सकी। ऐसी स्थिति में अब बैंक की तरफ से वहां एक आदमी बैठाया जाएगा जो उसकी देखभाल करेगा। उसका खर्च बैंक द्वारा वहन किया जाएगा।
बैंक आफ इंडिया के शाखा प्रबंधक जगन्नाथ साहू ने बताया कि पैसा शीघ्र जमा न होने पर बकाएदारों की जब्त संपत्तियां नीलाम की जाएंगी। उन्होंने बताया कि 17-4-12 को डीएम द्वारा जारी आदेश के अनुपालन में गुरुवार को 6 बड़े बकाएदारों सुरेंद्र सिंह यादव, सुभाष ट्रेडिंग कं., प्रभूशंकर गुप्ता, श्रीमती सीमा यादव, निसार अहमद व चंद्रशेखर गुप्ता, श्याम सुंदर गुप्ता की संपत्तियां पुलिस व प्रशासन की मौजूदगी में बैंक के इनफोर्समेंट पैनल अधिकारी हीरालाल यादव ने जब्त की। इससे पूर्व विगत 2 वर्ष से इन सभी बकाएदारों के पास लगातार नोटिस भेजे गए थे लेकिन फिर भी पैसा जमा नहीं किया गया।
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रामनगर निवासी शिक्षक देशराज पाल के घर गुरुवार की शाम करीब 4 बजे कोतवाली पुलिस के साथ स्थानीय बैंक आफ इंडिया के कर्मचारी पहुंचे।
बैंककर्मियों ने उनसे मकान से बाहर निकल जाने और उसमें ताला लगाने की बात कही, इस पर गृहस्वामी व उनके पुत्रों के बीच कहासुनी होने लगी। बैंक की ओर से आए प्रवर्तन अधिकारी हीरालाल ने कहा कि, ‘जिस जमीन पर आप रह रहे हैं वह बैंक के पास कर्ज के एवज में बंधक है, चूंकि कर्ज की अदायगी नहीं की गई है ऐसी स्थिति में जिलाधिकारी के आदेश पर वह इस मकान को अधिग्रहीत कर ताला डाल रहे हैं’। इसके बाद बैंककर्मी ने पुलिस की मौजूदगी में मकान के मुख्य गेट में ताला डाल दिया। उधर, गृहस्वामी देशराज ने बताया कि उन्होंने उक्त प्लाट दुर्गा नरायन से खरीदा था। जमीन लेते समय उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि उक्त प्लाट पर बैंक से कर्ज लिया गया है।
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बताते चलें कि चंद्रशेखर गुप्ता ने कारखाने के लिए बैंक आफ इंडिया से लोन लिया था। ऋण लेते समय दुर्गा नरायन ने चंद्रशेखर की जमानत के रूप में इस प्लाट के कागज लगाए थे। चूंकि यह प्लाट मुन्नीदेवी पत्नी ज्ञान सिंह के नाम था उनसे दुर्गा नरायन ने खरीदा था और दुर्गा नरायन ने बाद में यह प्लाट देशराज को बेच दिया था। देशराज कहना है कि बैंककर्मी असली कर्जदार चंद्रशेखर के पास न तो वसूली के लिए जाते हैं और न ही उनकी गारंटी लेने वालों के पास। उन लोगों ने बेवजह उसे परेशान करने के लिए उसके मकान में ताला डाल दिया है। उसने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस कार्रवाई के खिलाफ न्यायालय की शरण लेंगे।
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प्रभात मार्केट के अंदर अंसार की अधिग्रहीत की गई दुकानों पर गेट न होने से उसमें तालाबंदी न हो सकी। अब उसकी रखवाली के लिए एक व्यक्ति रखा जाएगा जिसका खर्चा बैंक वहन करेगा। डीएम के आदेश पर कोतवाली पुलिस के साथ तालाबंदी करने आए बैंक आफ इंडिया के इनफोर्समेंट अधिकारी हीरालाल ने बताया कि बैंक से लिए ऋण का लाखों रुपए बकाया जमा न करने पर प्रभात मार्केट के अंदर स्थित अंसार चूड़ी वाले की दुकान पर शटर या गेट न लगा होने के कारण उसमें तालाबंदी नहीं की जा सकी। ऐसी स्थिति में अब बैंक की तरफ से वहां एक आदमी बैठाया जाएगा जो उसकी देखभाल करेगा। उसका खर्च बैंक द्वारा वहन किया जाएगा।
बैंक आफ इंडिया के शाखा प्रबंधक जगन्नाथ साहू ने बताया कि पैसा शीघ्र जमा न होने पर बकाएदारों की जब्त संपत्तियां नीलाम की जाएंगी। उन्होंने बताया कि 17-4-12 को डीएम द्वारा जारी आदेश के अनुपालन में गुरुवार को 6 बड़े बकाएदारों सुरेंद्र सिंह यादव, सुभाष ट्रेडिंग कं., प्रभूशंकर गुप्ता, श्रीमती सीमा यादव, निसार अहमद व चंद्रशेखर गुप्ता, श्याम सुंदर गुप्ता की संपत्तियां पुलिस व प्रशासन की मौजूदगी में बैंक के इनफोर्समेंट पैनल अधिकारी हीरालाल यादव ने जब्त की। इससे पूर्व विगत 2 वर्ष से इन सभी बकाएदारों के पास लगातार नोटिस भेजे गए थे लेकिन फिर भी पैसा जमा नहीं किया गया।