{"_id":"35-196830","slug":"Kannauj-196830-35","type":"story","status":"publish","title_hn":"...देवा हो देवा गणपति देवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...देवा हो देवा गणपति देवा
Kannauj
Updated Tue, 09 Sep 2014 05:31 AM IST
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गणेश प्रतिमा विसर्जन पर धूमधाम से निकाली गई शोभायात्रा
रंग गुलाल उड़ाते, नाचते-गाते, जयकारे लगाते निकले भक्त
अमर उजाला ब्यूरो
छिबरामऊ (कन्नौज)। ...मोरिया रे बप्पा मोरिया रे, ...देवा हो देवा गणपति देवा, ...देवा श्रीगणेशय, गीत और गणपति के जयकारों से सोमवार को नगर गूंज उठा। उत्साहित युवा टोली गलियों-सड़ाकें पर रंग-गुलाल उड़ाते नाचते-झूमते महिला-पुरुष और बच्चे सभी गणपति को विदा करने निकल पड़े । डीजे पर नाचते-गाते, जयकारे लगाते हुए भक्त गणपति बप्पा मोरिया अगले बरस तू जल्दी आ गाते हुए विसर्जन स्थल पर पहुंचे। मूर्तियों के विसर्जन के बाद भक्तों ने ऐतिहासिक तालाब में डुबकी भी लगाई।
इस बार नगर में सात स्थानों पर गणपति की मूर्ति स्थापना की गई थी। महोत्सव के अंतिम दिन सोमवार की सुबह नगर के पश्चिमी बाईपास पर सभी समितियों की शोभायात्रा पहुंची। इसके बाद पूजन और गणपति की आरती के साथ गणेश विसर्जन शोभायात्रा की धूमधाम से शुरूआत हुई। युवा टोली अबीर-गुलाल उड़ाते हुए डीजे के मधुर, आध्यात्मिक गीतों और भजनों पर नाचते हुए बढ़ रहे थे। ...गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के साथ शोभायात्रा धीरे-धीरे नगर के मुख्य मार्ग से निकली। युवाओं के साथ महिलाएं भी भक्ति गीतों पर थिरक रहीं थी। शोभायात्रा पीपल चौराहे पर पहुंची यहां पर भगवान गणेश की आरती उतारी गई। सीओ रमेश कुमार भारतीय, कोतवाल सीएल वर्मा शोभायात्रा के आगे रास्ते से भीड़ हटाते चल रहे थे। इसके बाद यात्रा मुख्य मार्ग से रोडवेज बस स्टेंड, सौरिख तिराहा होते हुए ऐतिहासिक ककरारी तालाब पहुंची। भक्तों ने यहां विधि विधान से गणेश प्रतिमाओं की पूजन किया। इसके बाद ...गणपति वप्पा मोरया अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों के साथ प्रवाहित कर दिया।
पिरमिड बनाकर युवाओं फोड़ी मटकी
छिबरामऊ (कन्नौज)। नगर में दो स्थानों पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता हुई। सब्जी मंडी के पास टांगी गई मटकी को फोड़ने वाली टीम को इनाम दिया गया। मटकी फोड़ने के लिए उत्साही युवाओं ने जयकारे लगाते हुए कई बार पिरामिड बनाकर एक दूसरे के ऊपर खड़े होकर मटकी तक पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन कई बार असफल हुए। आखिर में युवाआें ने मजबूती से एक दूसरे को पकड़ा और मटकी फोड़ते ही जयकारे लगने लगे। उधर रोडवेज बस अड्डा के पास भी मटकी फोड़ का आयोजन हुआ। मटकी में मक्खन के साथ 1100 सौ रुपये के सिक्के रखे गए थे।
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प्रसाद में बंटे केले, लड्डू और बूंदी
छिबरामऊ (कन्नौज)। मूर्ति विसर्जन यात्रा में शामिल लोगों को इस बार केले, लड्डू और बूंदी प्रसाद के रूप में जगह-जगह वितरण किया गया। सर्राफा बाजार में युवा क्षत्रिय स्वर्णकार समाज, पीपल चौराहे पर विजयनाथ मंदिर और मोहल्ला बजरिया के भक्त ने यात्रा में शामिल लोगों और राहगीरों में प्रसाद वितरण किया।
तालाब में पानी कम देख लोग भड़के
छिबरामऊ। पहली बार नगर के ऐतिहासिक तालाब में मूर्ति विसर्जन का प्रशासन ने फैसला लिया था। इसके लिए तालाब का समतलीकरण करके उसमें पानी भरवाया जाना था। सोमवार को जब भक्त मूर्ति विसर्जन करने पहुंचे तो वहा तालाब में पानी कम देखकर भड़क गए और विसर्जन करने से इंकार कर दिया। इस पर पुलिस से काफी नोंकझोंक भी हुई। आखिरकार आयोजक किसी तरह माने और फिर तालाब में मूर्ति विसर्जन किया गया।
बड़ी मूर्ति के लिए जेसीबी से हुई खुदाई
बजरिया आयोजक समिति के पदाधिकारियों ने यह कहते हुए मूर्ति विसर्जित करने से मना कर दिया कि उनकी मूर्ति बड़ी है और तालाब में पानी भी कम है, इसलिए उनकी मूर्ति विसर्जित नहीं की जा सकती है। वहीं इससे पहले नगर की छह मूर्तियां विसर्जित हो चुकी थी। ऐसे में पुलिस ने मौके पर जेसीबी बुलाकर तालाब में गहरा कराया। इसके बाद सातवीं मूर्ति का विसर्जन किया गया।
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रंग गुलाल उड़ाते, नाचते-गाते, जयकारे लगाते निकले भक्त
अमर उजाला ब्यूरो
छिबरामऊ (कन्नौज)। ...मोरिया रे बप्पा मोरिया रे, ...देवा हो देवा गणपति देवा, ...देवा श्रीगणेशय, गीत और गणपति के जयकारों से सोमवार को नगर गूंज उठा। उत्साहित युवा टोली गलियों-सड़ाकें पर रंग-गुलाल उड़ाते नाचते-झूमते महिला-पुरुष और बच्चे सभी गणपति को विदा करने निकल पड़े । डीजे पर नाचते-गाते, जयकारे लगाते हुए भक्त गणपति बप्पा मोरिया अगले बरस तू जल्दी आ गाते हुए विसर्जन स्थल पर पहुंचे। मूर्तियों के विसर्जन के बाद भक्तों ने ऐतिहासिक तालाब में डुबकी भी लगाई।
इस बार नगर में सात स्थानों पर गणपति की मूर्ति स्थापना की गई थी। महोत्सव के अंतिम दिन सोमवार की सुबह नगर के पश्चिमी बाईपास पर सभी समितियों की शोभायात्रा पहुंची। इसके बाद पूजन और गणपति की आरती के साथ गणेश विसर्जन शोभायात्रा की धूमधाम से शुरूआत हुई। युवा टोली अबीर-गुलाल उड़ाते हुए डीजे के मधुर, आध्यात्मिक गीतों और भजनों पर नाचते हुए बढ़ रहे थे। ...गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के साथ शोभायात्रा धीरे-धीरे नगर के मुख्य मार्ग से निकली। युवाओं के साथ महिलाएं भी भक्ति गीतों पर थिरक रहीं थी। शोभायात्रा पीपल चौराहे पर पहुंची यहां पर भगवान गणेश की आरती उतारी गई। सीओ रमेश कुमार भारतीय, कोतवाल सीएल वर्मा शोभायात्रा के आगे रास्ते से भीड़ हटाते चल रहे थे। इसके बाद यात्रा मुख्य मार्ग से रोडवेज बस स्टेंड, सौरिख तिराहा होते हुए ऐतिहासिक ककरारी तालाब पहुंची। भक्तों ने यहां विधि विधान से गणेश प्रतिमाओं की पूजन किया। इसके बाद ...गणपति वप्पा मोरया अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों के साथ प्रवाहित कर दिया।
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पिरमिड बनाकर युवाओं फोड़ी मटकी
छिबरामऊ (कन्नौज)। नगर में दो स्थानों पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता हुई। सब्जी मंडी के पास टांगी गई मटकी को फोड़ने वाली टीम को इनाम दिया गया। मटकी फोड़ने के लिए उत्साही युवाओं ने जयकारे लगाते हुए कई बार पिरामिड बनाकर एक दूसरे के ऊपर खड़े होकर मटकी तक पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन कई बार असफल हुए। आखिर में युवाआें ने मजबूती से एक दूसरे को पकड़ा और मटकी फोड़ते ही जयकारे लगने लगे। उधर रोडवेज बस अड्डा के पास भी मटकी फोड़ का आयोजन हुआ। मटकी में मक्खन के साथ 1100 सौ रुपये के सिक्के रखे गए थे।
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प्रसाद में बंटे केले, लड्डू और बूंदी
छिबरामऊ (कन्नौज)। मूर्ति विसर्जन यात्रा में शामिल लोगों को इस बार केले, लड्डू और बूंदी प्रसाद के रूप में जगह-जगह वितरण किया गया। सर्राफा बाजार में युवा क्षत्रिय स्वर्णकार समाज, पीपल चौराहे पर विजयनाथ मंदिर और मोहल्ला बजरिया के भक्त ने यात्रा में शामिल लोगों और राहगीरों में प्रसाद वितरण किया।
तालाब में पानी कम देख लोग भड़के
छिबरामऊ। पहली बार नगर के ऐतिहासिक तालाब में मूर्ति विसर्जन का प्रशासन ने फैसला लिया था। इसके लिए तालाब का समतलीकरण करके उसमें पानी भरवाया जाना था। सोमवार को जब भक्त मूर्ति विसर्जन करने पहुंचे तो वहा तालाब में पानी कम देखकर भड़क गए और विसर्जन करने से इंकार कर दिया। इस पर पुलिस से काफी नोंकझोंक भी हुई। आखिरकार आयोजक किसी तरह माने और फिर तालाब में मूर्ति विसर्जन किया गया।
बड़ी मूर्ति के लिए जेसीबी से हुई खुदाई
बजरिया आयोजक समिति के पदाधिकारियों ने यह कहते हुए मूर्ति विसर्जित करने से मना कर दिया कि उनकी मूर्ति बड़ी है और तालाब में पानी भी कम है, इसलिए उनकी मूर्ति विसर्जित नहीं की जा सकती है। वहीं इससे पहले नगर की छह मूर्तियां विसर्जित हो चुकी थी। ऐसे में पुलिस ने मौके पर जेसीबी बुलाकर तालाब में गहरा कराया। इसके बाद सातवीं मूर्ति का विसर्जन किया गया।