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दुधारू पशुओं के लिए पौष्टिक आहार जरूरी
Kannauj
Updated Wed, 15 May 2013 05:30 AM IST
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छिबरामऊ (कन्नौज)। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ग्राम कसावा में आयोजित पशु पालक प्रशिक्षण के अंतिम दिन दुग्ध संघ के वरिष्ठ क्षेत्रीय पर्यवेक्षक बीआर वर्मा ने कहा कि दुधारू पशुओं के लिए पौष्टिक आहार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने डेयरी संचालन के बारे में कहा कि डेयरी पर दूध देने से फैट प्रतिशत के अनुसार अच्छी कीमत मिलती है। डेयरी संचालक को तीन प्रतिशत कमीशन भी मिलता है।
कृषि विज्ञानिक डा.अरविंद कुमार ने मक्का व मूंगफली की फसलों में लगने वाले रोगों से बचाव व उपचार के बारे में बताया। कहा कि जब मक्का की बाली आ गई हो तो उस समय खेत में पर्याप्त नमी होनी चाहिए। पशु चिकित्साधिकारी सरायप्रयाग डा.सुशील कटियार ने कहा कि पशुओं में बांझपन कुपोषण तथा गर्भाशय में संक्रमण से होता है। इसका इलाज अपने निकटवर्ती पशु चिकित्सालय से सलाह लेकर कराएं व पशुओं को मिनरल मिक्सचर अवश्य खिलाएं। पशु चिकित्साधिकारी गुरसहायगंज डा.एनके सिंह ने मुर्गी पालन की पर कहा कि इससे भी पशु पालक अच्छा खासा लाभ कमा सकते हैं।
प्रशिक्षण शिविर के संयोजक उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.एके सागर ने समस्त पशु पालकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि तीन दिन के प्रशिक्षण में उन्हें पशु पालन सहित उन्नत कृषि के बारे में भी काफी जानकारी दी गई है। यदि फिर भी कोई समस्या आती है तो निकटवर्ती पशु चिकित्सालय में संपर्क करें। ग्राम प्रधान सत्यपाल सिंह ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम यहां आयोजित किए जाएं। इस अवसर पर सुविधादाता मीना शर्मा, राकेश कुमार, जूली प्रांतिका, बबली बेगम, सियाराम, रामानंद व जगरतन सिंह आदि मौजूद रहे।
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कृषि विज्ञानिक डा.अरविंद कुमार ने मक्का व मूंगफली की फसलों में लगने वाले रोगों से बचाव व उपचार के बारे में बताया। कहा कि जब मक्का की बाली आ गई हो तो उस समय खेत में पर्याप्त नमी होनी चाहिए। पशु चिकित्साधिकारी सरायप्रयाग डा.सुशील कटियार ने कहा कि पशुओं में बांझपन कुपोषण तथा गर्भाशय में संक्रमण से होता है। इसका इलाज अपने निकटवर्ती पशु चिकित्सालय से सलाह लेकर कराएं व पशुओं को मिनरल मिक्सचर अवश्य खिलाएं। पशु चिकित्साधिकारी गुरसहायगंज डा.एनके सिंह ने मुर्गी पालन की पर कहा कि इससे भी पशु पालक अच्छा खासा लाभ कमा सकते हैं।
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प्रशिक्षण शिविर के संयोजक उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.एके सागर ने समस्त पशु पालकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि तीन दिन के प्रशिक्षण में उन्हें पशु पालन सहित उन्नत कृषि के बारे में भी काफी जानकारी दी गई है। यदि फिर भी कोई समस्या आती है तो निकटवर्ती पशु चिकित्सालय में संपर्क करें। ग्राम प्रधान सत्यपाल सिंह ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम यहां आयोजित किए जाएं। इस अवसर पर सुविधादाता मीना शर्मा, राकेश कुमार, जूली प्रांतिका, बबली बेगम, सियाराम, रामानंद व जगरतन सिंह आदि मौजूद रहे।
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