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आरपार के संघर्ष का ऐलान कर चले गए बेमियादी हड़ताल पर
Kannauj
Updated Thu, 14 Feb 2013 05:31 AM IST
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कन्नौज। छात्रनेताओं के खिलाफ वकीलों ने भी आरपार की लड़ाई का ऐलान किया और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए । मुकदमे में नामजद महामंत्री की गिरफ्तारी न होने तथा ज्ञापन देने वाले छात्र नेताओं द्वारा माफी न मांगने पर सड़क जाम से लेकर अन्य उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
बुधवार को छात्रों द्वारा कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन और ज्ञापन देकर गंभीर आरोप लगाए जाने की जानकारी मिलते ही कचहरी के अधिवक्ता आगबबूला हो गए। आनन-फानन में कचहरी परिसर में आपात बैठक बुलाई गई। इसमें कन्नौज बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष शिवशंकर दुबे ने छात्रों के ज्ञापन में लगाए गए आरोपों को पढ़कर सुनाया। छात्राओं से छेड़खानी और अश्लील हरकत जैसे संगीन आरोप सुनकर नईमुद्दीन, तरुण चंद्रा, मधू कश्यप, चांद हाशमी, राकेश तिवारी, शैलेंद्र यादव आदि वकीलों ने जोरदार विरोध किया।
प्रस्ताव पारित कर एक स्वर में छात्रनेताओं के आरोपों की निंदा की गई। वकीलों ने कहा कि टेंपो स्टैंड पर गुंडागर्दी करके कब्जा करने और अवैध वसूली करने का विरोध करने पर वकील के साथ मारपीट करने वाले महामंत्री व उनके साथियों को बचाने के लिए झूठे आरोपों का ज्ञापन दिया गया है। जिस छात्रा के साथ अधिवक्ताओं ने छेड़खानी की है वह सामने आकर एफआईआर दर्ज कराए।
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वकीलों ने कहा कि तमाम छात्र-नेताओं के खिलाफ मुकदमे कर रहे हैं। उनकी पैरवी आगे से कोई अधिवक्ता नहीं करेगा। जरूरत पड़ी तो इस मुद्दे पर दोषियों को सजा दिलाने के लिए जनपद, मंडल से लेकर पूरे प्रदेश के अधिवक्ता संघर्ष करेंगे। जब तरफ महामंत्री को गिरफ्तार कर पुलिस जेल नहीं भेजती तब तक हड़ताल व आरपार की लड़ाई चलती रहेगी। मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेजकर छात्रनेताओं की अराजकता व अवैध वसूली की शिकायतें करेंगे।
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बुधवार को छात्रों द्वारा कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन और ज्ञापन देकर गंभीर आरोप लगाए जाने की जानकारी मिलते ही कचहरी के अधिवक्ता आगबबूला हो गए। आनन-फानन में कचहरी परिसर में आपात बैठक बुलाई गई। इसमें कन्नौज बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष शिवशंकर दुबे ने छात्रों के ज्ञापन में लगाए गए आरोपों को पढ़कर सुनाया। छात्राओं से छेड़खानी और अश्लील हरकत जैसे संगीन आरोप सुनकर नईमुद्दीन, तरुण चंद्रा, मधू कश्यप, चांद हाशमी, राकेश तिवारी, शैलेंद्र यादव आदि वकीलों ने जोरदार विरोध किया।
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प्रस्ताव पारित कर एक स्वर में छात्रनेताओं के आरोपों की निंदा की गई। वकीलों ने कहा कि टेंपो स्टैंड पर गुंडागर्दी करके कब्जा करने और अवैध वसूली करने का विरोध करने पर वकील के साथ मारपीट करने वाले महामंत्री व उनके साथियों को बचाने के लिए झूठे आरोपों का ज्ञापन दिया गया है। जिस छात्रा के साथ अधिवक्ताओं ने छेड़खानी की है वह सामने आकर एफआईआर दर्ज कराए।
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वकीलों ने कहा कि तमाम छात्र-नेताओं के खिलाफ मुकदमे कर रहे हैं। उनकी पैरवी आगे से कोई अधिवक्ता नहीं करेगा। जरूरत पड़ी तो इस मुद्दे पर दोषियों को सजा दिलाने के लिए जनपद, मंडल से लेकर पूरे प्रदेश के अधिवक्ता संघर्ष करेंगे। जब तरफ महामंत्री को गिरफ्तार कर पुलिस जेल नहीं भेजती तब तक हड़ताल व आरपार की लड़ाई चलती रहेगी। मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेजकर छात्रनेताओं की अराजकता व अवैध वसूली की शिकायतें करेंगे।