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Kannauj News: चार ग्राम पंचायतों पर 6.50 करोड़ खर्च, फिर भी विकास नहीं
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फोटो :08: गांव रत्नपुर सरैया में कीचड़ से निकलते छात्र। संवाद
तिर्वा। गांवों की सूरत बदलने को सरकार करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है। इसके बावजूद गांव में अव्यवस्थाएं फैली हुई हैं। उमर्दा ब्लॉक की ग्राम पंचायत पैथाना, कुढ़िना, बहसुइया और बेलामऊ सरैया में पांच साल में 6.50 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च हुए, लेकिन इसके बाद भी न तो गांवों की नालियां सुधरीं और न ही सड़कें, इसके साथ ही ग्रामीण पेयजल संकट से भी जूझ रहे हैं। जबकि सरकारी कागजों में गांवों की सूरत बदल गई है।
ग्राम पंचायत बेलामऊ सरैया में पांच साल में 1.74 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए गए। ग्राम पंचायत के रत्नपुर सरैया गांव की तस्वीर विकास कार्यों की पोल खोल रही है। यहां बच्चे जलभराव से होकर स्कूल जा रहे हैं। इसके साथ ही गांव में अन्य समस्याएं लोगों को परेशान कर रही है, जिसका जिम्मेदारों के पास कोई जवाब नहीं है।
ग्राम पंचायत पैथाना में 2.05 करोड़ रुपये पिछले पांच साल में विकास कार्यों के नाम पर खर्च हुए। इसके बावजूद भी ग्राम पंचायत के पलटेपुरवा गांव की तस्वीर विकास कार्यों की पोल खोल रही है, जहां मूलभूत सुविधाएं जैसी सड़क पर कीचड़ ही कीचड़ है। ग्रामीणों ने कहा कि जिस तरह हम लोग गांव में गुजर बसर कर रहे हैं। उसी तरह जिम्मेदारों को भी एक बार गांव की बदहाली से रूबरू होने के लिए 10 दिन तक गांव में गुजर बसर करने के लिए आदेशित किया जाए।
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ग्राम पंचायत कुढ़िना में पांच साल में विकास कार्यों पर 1.85 करोड़ रुपये खर्च किए गए। यहां के गांवों की तस्वीर विकास कार्य की पोल खोल रही है। ग्रामीण सुधीर तिवारी, गुड्डू अली, जीशान मंसूरी, आशु द्विवेदी, पप्पू खान, सुभाष, हिमांशु तिवारी का कहना है कि ऑनलाइन पोर्टल पर सर्वाधिक हैंडपंप मरम्मत के नाम पर पैसा खर्च किया गया है। इसके बावजूद भी गांव में अधिकतम हैंडपंप खराब पड़े हैं।
पानी के निकास का इंतजाम नहीं
ग्राम पंचायत बहसुइया में पांच साल में 82.3 लाख रुपये विकास कार्यों के लिए खर्च किए गए। वहीं, गांव की ही तस्वीर विकास कार्य की स्थिति बयां कर रही है। सड़क पर जलभराव, पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था न होना, यहां की मुख्य समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है।
वर्जन
ग्राम पंचायतों के गांवों का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण में जो भी समस्याएं मिलेंगी, उनकी कार्य योजना बनाई जाएगी और समस्याओं को दूर कराया जाएगा। -सोनिया श्रीवास्तव, बीडीओ उमर्दा
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ग्राम पंचायत बेलामऊ सरैया में पांच साल में 1.74 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए गए। ग्राम पंचायत के रत्नपुर सरैया गांव की तस्वीर विकास कार्यों की पोल खोल रही है। यहां बच्चे जलभराव से होकर स्कूल जा रहे हैं। इसके साथ ही गांव में अन्य समस्याएं लोगों को परेशान कर रही है, जिसका जिम्मेदारों के पास कोई जवाब नहीं है।
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ग्राम पंचायत पैथाना में 2.05 करोड़ रुपये पिछले पांच साल में विकास कार्यों के नाम पर खर्च हुए। इसके बावजूद भी ग्राम पंचायत के पलटेपुरवा गांव की तस्वीर विकास कार्यों की पोल खोल रही है, जहां मूलभूत सुविधाएं जैसी सड़क पर कीचड़ ही कीचड़ है। ग्रामीणों ने कहा कि जिस तरह हम लोग गांव में गुजर बसर कर रहे हैं। उसी तरह जिम्मेदारों को भी एक बार गांव की बदहाली से रूबरू होने के लिए 10 दिन तक गांव में गुजर बसर करने के लिए आदेशित किया जाए।
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ग्राम पंचायत कुढ़िना में पांच साल में विकास कार्यों पर 1.85 करोड़ रुपये खर्च किए गए। यहां के गांवों की तस्वीर विकास कार्य की पोल खोल रही है। ग्रामीण सुधीर तिवारी, गुड्डू अली, जीशान मंसूरी, आशु द्विवेदी, पप्पू खान, सुभाष, हिमांशु तिवारी का कहना है कि ऑनलाइन पोर्टल पर सर्वाधिक हैंडपंप मरम्मत के नाम पर पैसा खर्च किया गया है। इसके बावजूद भी गांव में अधिकतम हैंडपंप खराब पड़े हैं।
पानी के निकास का इंतजाम नहीं
ग्राम पंचायत बहसुइया में पांच साल में 82.3 लाख रुपये विकास कार्यों के लिए खर्च किए गए। वहीं, गांव की ही तस्वीर विकास कार्य की स्थिति बयां कर रही है। सड़क पर जलभराव, पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था न होना, यहां की मुख्य समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है।
वर्जन
ग्राम पंचायतों के गांवों का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण में जो भी समस्याएं मिलेंगी, उनकी कार्य योजना बनाई जाएगी और समस्याओं को दूर कराया जाएगा। -सोनिया श्रीवास्तव, बीडीओ उमर्दा