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भगवती के सहयोग से हुआ मधु-कैटभ का संहार

Sun, 06 Jan 2019 11:06 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 06 Jan 2019 11:06 PM IST
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भगवती के सहयोग से हुआ मधु-कैटभ का संहार

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अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। शहर के माता फूलमती मंदिर में रविवार को श्रीदेवी भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। पहले दिन स्वामी ज्ञानानंद जी तीर्थ ने मधु और कैटभ की कथा सुनाई। इसमें बताया कि भगवती से वरदान पार दोनों दैत्यों ने ब्रह्माजी को युद्ध के लिए ललकार दिया। उन्होंन विष्णु की शरण ली लेकिन विष्णु दोनों दैत्यों से पराजित हो गए। भगवती ने उपाय सुझाकर दैत्यों को मोहित किया तब जाकर विष्णु दोनों दैत्यों का संहार कर पाए।

ज्ञानानंद जी ने बताया कि चारों ओर जल-ही-जल था, भगवान विष्णु शेषनाग की शैय्या पर सोए हुए थे। उनके कान की मैल से मधु और कैटभ नाम के दो दानव उत्पन्न हुए। उत्पत्ति के बाद कैटभ ने कहाकि जल में हमारी सत्ता कायम रखने वाली भगवती महाशक्ति हैं। उन्होंने ही जल की रचना की है। वे ही परम आराध्या शक्ति हमारी उत्पत्ति की कारण हैं। इतने में ही आकाश में गूंजता हुआ सुंदर ‘वाग्बीज’ सुनाई पड़ा। उन दोनों ने सोचा कि यही भगवती का महामंत्र है। अब वे उसी मन्त्र का ध्यान और जप करने लगे। अन्न, जल त्याग एक हजार वर्ष तपस्या कर इच्छा मृत्यु का वरदान मांगा। भगवती महाशक्ति ने वरदान दे दिया। इसके बाद दोनों ने ब्रह्माजी को युद्ध के लिए ललकारा। उन्होंने भगवान विष्णु को पुकारा लेकिन वह निद्रा से नहीं जागे, तब भगवती योगनिद्रा की स्तुति की।
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भगवती भगवान विष्णु के नेत्र, मुख, नासिका, बाहु और हृदय से निकल कर आकाश में स्थित हो गई और भगवान उठकर बैठ गए। पांच हजार वर्षों तक चले युद्ध में मधु और कैटभ विजयी हुए। विचार करने पर भगवान को ज्ञात हुआ कि दोनों दैत्यों इच्छामृत्यु का वर मिला है, भगवान ने भगवती की स्तुति की। भगवती ने कहाकि मैं इन दैत्यों को मोहित कर दूंगी, तब तुम इन्हें मार डालना। भगवती की माया में मोहित दैत्यों से भगवान ने कहा कि मैं तुम दोनों के युद्ध से मैं प्रसन्न हूं, वर मांगो। दैत्यों ने कहा कि हम याचक नहीं हैं, दाता हैं। तुम्हें जो मांगना हो हमसे प्रार्थना करो। भगवान बोले कि यदि देना ही चाहते हो तो मेरे हाथों से मृत्यु स्वीकार करो। मधु और कैटभ ने वर दे दिया। इसके बाद विष्णु ने दैत्यों के मस्तकों को अपने जांघों पर रखवाकर सुदर्शन चक्र से काट डाला।
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भगवती के सहयोग से हुआ मधु-कैटभ का संहार
माता फूलमती मंदिर में देवी भागवत का शुभारंभ
फोटो 06 केएनजेपी 01- मां फूलमती मंदिर में श्रीदेवी भागवत कथा सुनाते स्वामी ज्ञानानंद जी तीर्थ व्यास।
फोटो 06 केएनजेपी 02- श्रीदेवी कथा पांडाल में पहुंचे साधु-संत।
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